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===निवेश गुणक की प्रक्रिया=== गुणक की प्रक्रिया का विश्लेषण दो प्रकार से किया जा सकता हैः ==== तुलनात्मक अगत्यात्मक विश्लेषण==== केन्ज की गुणक की धारणा तुलनात्मक अगत्यात्मक धारणा है जो बताती है कि निवेश में होने वाले परिवर्तन के कारण आय में अन्तिम रूप से कितना परिवर्तन होगा। तुलनात्मक अगत्यात्मक विश्लेषण में गुणक प्रक्रिया दो प्रकार होती हैः *(१) गुणक की अनुकूल प्रक्रिया (Forward Action of the Multiplier) गुणक की अनुकूल प्रक्रिया के अन्तर्गत निवेश में होने वाली वृद्धि के कारण आय में कई गुणा अधिक वृद्धि होती है। *(२) गुणक की प्रतिकूल प्रक्रिया (Backard Action fo the Multiplier) गुणक की प्रतिकूल प्रक्रिया के अन्तर्गत निवेश में प्रारम्भिक कमी के कारण आय में कई गुणा अधिक कमी होती है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि गुणक दोधारी तलवार है। गुणक के कारण निवेश में होने वाली वृद्धि के कारण जहां आय में कई गुणा वृद्धि होती है उसी प्रकार निवेश में कमी होने के कारण आय में कई गुणा अधिक कमी होती है। ==== गत्यात्मक विश्लेषण==== केन्ज की गुणक धारणा से यह तो पता चलता है कि निवेश में वृद्धि होने से आय में कितने गुणा वृद्धि होती है। लेकिन यह पता नहीं चलता कि यह वृद्धि कैसे और किस समय अन्तर से होती है। आधुनिक अर्थशास्त्री गुणक का गत्यात्मक रुप में अध्ययन करते हैं। निवेश में परिवर्तन से आय में परिवर्तन के बीच जो समय अन्तराल (Time Lag) होता है उस दौरान अन्य तत्वों जैसे निवेश, उपभोग व्यय आदि में वृद्धि होती है जिसका प्रभाव आय पर पड़ता है। इस प्रकार का गुणक अल्पकालीन और दीर्घकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखता है। हैन्सन ने इसे वास्तविक गुणक (True Multiplier) कहा है।
सारांश:
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