सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
राम प्रसाद 'बिस्मिल'
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== एच॰आर॰ए॰ का गठन == [[चित्र:Lala Har Dayal Young.jpg|thumb|लाला हरदयाल जिन्होंने एच॰आर॰ए॰ के गठन में अपनी अहम भूमिका निभायी]] जनवरी १९२३ में [[मोतीलाल नेहरू]] व देशबन्धु [[चितरंजन दास]] सरीखे धनाढ्य लोगों ने मिलकर [[स्वराज पार्टी]] बना ली। नवयुवकों ने तदर्थ पार्टी के रूप में ''रिवोल्यूशनरी पार्टी'' का ऐलान कर दिया। सितम्बर १९२३ में हुए दिल्ली के विशेष कांग्रेस अधिवेशन में असन्तुष्ट नवयुवकों ने यह निर्णय लिया कि वे भी अपनी पार्टी का नाम व संविधान आदि निश्चित कर राजनीति में दखल देना शुरू करेंगे अन्यथा देश में [[लोकतन्त्र]] के नाम पर लूटतन्त्र हावी हो जायेगा। देखा जाये तो उस समय उनकी यह बड़ी दूरदर्शी सोच थी। सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी [[लाला हरदयाल]], जो उन दिनों विदेश में रहकर हिन्दुस्तान को स्वतन्त्र कराने की रणनीति बनाने में जुटे हुए थे, राम प्रसाद बिस्मिल के सम्पर्क में स्वामी सोमदेव के समय से ही थे। लाला जी ने ही पत्र लिखकर राम प्रसाद बिस्मिल को [[शचींद्रनाथ सान्याल]] व यदु गोपाल मुखर्जी से मिलकर नयी पार्टी का [[संविधान]] तैयार करने की सलाह दी थी। लाला जी की सलाह मानकर राम प्रसाद [[इलाहाबाद]] गये और शचींद्रनाथ सान्याल के घर पर पार्टी का संविधान तैयार किया।<ref>{{cite book|author=जितेन्द्र नाथ सान्याल|title=अमर शहीद सरदार भगतसिंह}}</ref> नवगठित पार्टी का नाम संक्षेप में एच॰ आर॰ ए॰ रखा गया व इसका संविधान पीले रँग के पर्चे पर छाप करके सदस्यों को भेजा गया। ३ अक्टूबर १९२४ को इस पार्टी (हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन) की एक कार्यकारिणी-बैठक [[कानपुर]] में की गयी जिसमें शचीन्द्रनाथ सान्याल, [[योगेश चन्द्र चटर्जी]] व राम प्रसाद बिस्मिल आदि कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए। इस बैठक में पार्टी का नेतृत्व बिस्मिल को सौंपकर सान्याल व चटर्जी बंगाल चले गये। पार्टी के लिये फण्ड एकत्र करने में कठिनाई को देखते हुए [[आयरलैण्ड]] के क्रान्तिकारियों का तरीका अपनाया गया और पार्टी की ओर से पहली डकैती २५ दिसम्बर १९२४ ([[क्रिसमस]] की रात) को ''बमरौली'' में डाली गयी जिसका कुशल नेतृत्व बिस्मिल ने किया था। इसका उल्लेख ''चीफ कोर्ट ऑफ अवध'' के फैसले में मिलता है।<ref>चीफ कोर्ट ऑफ अवध जजमेंट १९२७ नवलकिशोर प्रेस [[लखनऊ]] पृष्ठ ६२ (Kept with political file 53/27 of Home department in the National Archives of India)</ref>
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)