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=== '''देवी और देवता''' === हिन्दू धर्म में कई [[देवता]] हैं, जिनको अंग्रेज़ी में ग़लत रूप से "[[:en:God|Gods]]" कहा जाता है। ये देवता कौन हैं, इस बारे में तीन मत हो सकते हैं : * [[अद्वैत वेदान्त]], भगवद गीता, वेद, उपनिषद्, आदि के मुताबिक सभी देवी-देवता एक ही [[परमेश्वर]] के विभिन्न रूप हैं (ईश्वर स्वयं ही ब्रह्म का रूप है)। निराकार परमेश्वर की भक्ति करने के लिये भक्त अपने मन में भगवान को किसी प्रिय रूप में देखता है। ऋग्वेद के अनुसार, "एकं सत विप्रा बहुधा वदन्ति", अर्थात एक ही परमसत्य को विद्वान कई नामों से बुलाते हैं।<ref>[[श्री अरविन्द]], लाइफ डिवैन.</ref> * [[योग]], [[न्याय]], [[वैशेषिक]], अधिकांश शैव और वैष्णव मतों के अनुसार देवगण वो परालौकिक शक्तियां हैं जो ईश्वर के अधीन हैं मगर मानवों के भीतर मन पर शासन करती हैं।<ref>[[सुभाष काक]], दि गाड्स विदिन। मुंशीराम मनोहरलाल, नई दिल्ली, २००२.</ref> [[योग]] दर्शन के अनुसार ईश्वर ही प्रजापति औत इन्द्र जैसे देवताओं और अंगीरा जैसे ऋषियों के पिता और गुरु हैं। * मीमांसा के अनुसार सभी देवी-देवता स्वतन्त्र सत्ता रखते हैं और उनके ऊपर कोई एक ईश्वर नहीं है। इच्छित कर्म करने के लिये इनमें से एक या कई देवताओं को कर्मकाण्ड और पूजा द्वारा प्रसन्न करना ज़रूरी है। इस प्रकार का मत शुद्ध रूप से बहु-ईश्वरवादी कहा जा सकता है। एक बात और कही जा सकती है कि ज़्यादातर वैष्णव और शैव दर्शन पहले दो विचारों को सम्मिलित रूप से मानते हैं। जैसे, कृष्ण को परमेश्वर माना जाता है जिनके अधीन बाकी सभी देवी-देवता हैं और साथ ही साथ, सभी देवी-देवताओं को कृष्ण का ही रूप माना जाता है। तीसरे मत को धर्मग्रन्थ मान्यता नहीं देते। जो भी सोच हो, ये देवता रंग-बिरंगी हिन्दू संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। वैदिक काल के मुख्य देव थे-- [[इन्द्र]], [[अग्नि]], [[सोम]], [[वरुण]], [[रूद्र]], [[विष्णु]], [[प्रजापति]], [[सविता]] (पुरुष देव) और देवियाँ-- [[सरस्वती देवी|सरस्वती]], [[ऊषा]], [[पृथ्वी]], इत्यादि (कुल 33)। बाद के हिन्दू धर्म में नये देवी देवता आये (कई अवतार के रूप में)-- [[गणेश]], [[राम]], [[कृष्ण]], [[हनुमान]], [[कार्तिकेय]], सूर्य-चन्द्र और ग्रह और देवियाँ (जिनको माता की उपाधि दी जाती है) जैसे-- [[दुर्गा]], [[पार्वती]], [[लक्ष्मी]], [[शीतला]], [[सीता]], [[काली]], इत्यादि। ये सभी देवता पुराणों में उल्लिखित हैं और उनकी कुल संख्या 33 कोटी बतायी जाती है। पुराणों के अनुसार [[ब्रह्मा]], [[विष्णु]] और [[शिव]] साधारण देव नहीं, बल्कि महादेव हैं और '''त्रिमूर्ति''' के सदस्य हैं। इन सबके अलावा हिन्दू धर्म में गाय को भी माता के रूप में पूजा जाता है। यह माना जाता है कि गाय में सम्पूर्ण 33 कोटि देवी देवता वास करते हैं। उल्लेखनीय है कि कोटि का यहाँ अर्थ प्रकार से है ना कि करोड़(संख्या) से हैं।
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