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== अन्य उपलब्धियाँ == व्यावसायिक योगदान के अलावा उनके द्वारा दो स्वयं सेवी संस्थाओं की स्थापना तथा पर्यवेक्षण किया जा रहा है। ये संस्स्थाएं हैं- 1988 में स्थापित '''नव ज्योति''' एवं 1994 में स्थापित '''इंडिया विजन फाउंडेशन'''। ये संस्थाएं रोजना हजारों गरीब बेसहारा बच्चों तक पहुँचकर उन्हें प्राथमिक शिक्षा तथा स्त्रियों को प्रौढ़ शिक्षा उपलब्ध कराती है। ‘नव ज्योति संस्था’ नशामुक्ति के लिए इलाज करने के साथ-साथ झुग्गी बस्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों में तथा जेल के अंदर महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और परामर्श भी उपलब्ध कराती है। डॉ॰ बेदी तथा उनकी संस्थाओं को आज अंतर्राष्ट्रीय पहचान तथा स्वीकार्यता प्राप्त है। नशे की रोकथाम के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया ‘सर्ज साटिरोफ मेमोरियल अवार्ड’ इसका ताजा प्रमाण है। वे एशियाई टेनिस चैंपियन रही हैं। उन्होंने कानून की डिग्री के साथ-साथ ‘ड्रग एब्यूज एण्ड डोमोस्टिक वायलेंस’ विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की है। उन्होंने ‘इट्स ऑलवेज पॉसिबल’ तथा दो आत्मकथा ‘आय डेयर’ एवं ‘काइंडली बेटन’ नामक पुस्तक लिखी है। इसके अलावा यथार्थ जीवन पर आधारित वृतांतों का संकलन ‘व्हाट वेंट रोंग’ नाम से किया है। इसके हिन्दी रुपांतर ‘गलती किसकी’ नाम से संकलित है। ये दोनों संकलन, दैनिक राष्ट्रीय समाचार पत्र ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ एवं ‘नवभारत टाइम्स’ में डॉ॰ बेदी के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित पाक्षिक स्तभों से संबंधित हैं।
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