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== रोकथाम == वेनेज़ुएला के डॉ॰ जैसिन्टो कॉन्विट (Dr. Jacinto Convit) ने तपेदिक के टीके और माइटोकॉन्ड्रियम लैप्री (Mycobacterium leprae) से एक टीके का संश्लेषण किया, एक असाधारण कार्य, जिसके लिये उन्हें 1990 के दशक के अंत में चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के लिये नामांकन प्राप्त हुआ। हालिया परीक्षणों में, राइफैम्पिसिन (rifampicin) की एकल खुराक ने बीमारी से संपर्क के दो वर्ष बाद कुष्ठरोग विकसित होने की दर को 57% कम कर दिया; इस अवधि में राइफैम्पिसिन (rifampicin) के साथ किये गये 265 उपचारों ने कुष्ठरोग के एक मामले को रोका.<ref>{{cite journal|author=Moet FJ, Pahan D, Oskam L, Richardus JH|title=Effectiveness of single dose rifampicin in preventing leprosy in close contacts of patients with newly diagnosed leprosy: cluster randomised controlled trial|journal=BMJ|year=2008|doi=10.1136/bmj.39500.885752.BE | volume = 336 | pages = 761|pmid=18332051|issue=7647|pmc=2287265}}</ref> एक गैर-यादृच्छिकृत अध्ययन में पाया गया कि राइफैम्पिसिन (rifampicin) तीन वर्ष बाद कुष्ठरोग के नये मामलो की संख्या 75% घटा दी.<ref>{{cite journal|author=Bakker MI, Hatta M, Kwenang A, ''et al.''|title=Prevention of leprosy using rifampicin as chemoprophylaxis|journal=Am J Trop Med Hyg|date=1 अप्रैल 2005|volume=72|pages=443–8|url=http://www.ajtmh.org/cgi/content/abstract/72/4/443?ijkey=4b15a78b876fd990dfd877ee89b22399c026501c&keytype2=tf_ipsecsha|pmid=15827283|issue=4|access-date=30 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20090823002121/http://www.ajtmh.org/cgi/content/abstract/72/4/443?ijkey=4b15a78b876fd990dfd877ee89b22399c026501c&keytype2=tf_ipsecsha|archive-date=23 अगस्त 2009|url-status=dead}}</ref> बीसीजी (BCG) कुष्ठरोग तथा साथ ही तपेदिक के खिलाफ सुरक्षा की एक परिवर्तनीय मात्रा प्रस्तावित करती है।<ref>{{cite journal | author=Fine PE, Smith PG | journal=Lepr Rev |title=Vaccination against leprosy—the view from 1996 | volume=67 | issue=4 | year=1996 | pages=249–52 | pmid=9033195}}</ref><ref>{{cite journal | author=Karonga prevention trial group | title=Randomized controlled trial of single BCG, repeated BCG, or combined BCG and killed ''Mycobacterium leprae'' vaccine for prevention of leprosy and tuberculosis in Malawi | journal=Lancet | volume=348 | year=1996 | pages=17–24 | pmid=8691924 | doi=10.1016/S0140-6736(96)02166-6 | issue=9019}}</ref> इस बीमारी को मिटाने की राह में आ रही स्थायी बाधाओं से निपटने के प्रयासों में पहचान में सुधार, मरीजों और लोगों को इसके कारणों के बारे में शिक्षित करना और इस बीमारी, जिसके मरीजों को ऐतिहासिक रूप से “अस्वच्छ” या “ईश्वर द्वारा शापित” मानकर बहिष्कृत किया जाता रहा है, से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं से लड़ना शामिल है। कुष्ठरोग आनुवंशिक बीमारी नहीं है। जहां वर्जनाएं मज़बूत हैं, उन क्षेत्रों में मरीजों पर अपनी स्थिति को छिपाने (और उपचार ढूंढने से बचने) पर बाध्य किया जा सकता है, ताकि भेद-भाव से बचा जा सके. हैन्सेन के रोग के बारे में जागरुकता के अभाव के चलते लोग यह विश्वास (गलत ढंग से) कर सकते हैं कि यह बीमारी अत्यधिक संक्रामक और असाध्य है। इथियोपिया का अलर्ट (ALERT) अस्पताल और अनुसंधान केंद्र पूरे विश्व के चिकित्सा कर्मियों को कुष्ठरोग के उपचार का प्रशिक्षण प्रदान करता है और साथ ही अनेक स्थानीय मरीजों का उपचार भी करता है। शल्य-चिकित्सीय तकनीकें, जैसे अंगूठों की गतिविधि के नियंत्रण की पुनर्प्राप्ति के लिये, विकसित की जा चुकी हैं।
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