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== नैनो के कुछ प्राकृतिक उदाहरण == प्रकृति में भी नैनो के अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं। यहां एक तरह के '''समुद्री शैवाल''' का उल्लेख किया जा सकता है। Emiliania huxleyi का खोल 2.5 माइक्रोमीटर व्यास का होता है और क्रिस्टलीय कैल्सियम कार्बोनेट (कैल्साइट) का बना होता है। नैनो आकार के संरंध्र और डिजाइन इसकी विशेषता होते हैं। इन्हीं डिजाइनों और संरचनाओं से प्रेरित होकर कृत्रिम रूप से कैल्सियम कार्बोनेट के नैनो क्रिस्टलों का विकास किया गया। प्रयोगशाला में विकसित यह क्रिस्टल, प्राकृतिक नैनो क्रिस्टल से काफी अलग थे। एक दूसरा उदाहरण डायटम (Diatoms) का है। डायटम एक तरह के एककोशिकीय समुद्री शैवाल होते हैं। इनकी विशेषता सिलिकॉन आक्साइड के बने हुए संरंध्र खोल के कारण होती है। यह खोल नैनोमीटर के स्तर तक के हो सकते हैं।<br /> यहां एक दूसरे उदाहरण के रूप में अस्थियों की सूक्ष्म संरचना का वर्णन करना उचित रहेगा। अस्थियां मुख्यतः हाइड्रॉक्सीएपेटाइट की बनी होती हैं। यह खनिजों का एक समूह होता है। अस्थियों की सूक्ष्म संरचना में हमें नैनो आकार के संरंध्र दिखाई पड़ते हैं इन संरंध्रों के कारण अस्थि स्पंजी हो जाती है और इसका वजन भी काफी कम हो जाता है। जांघ की फीमर अस्थि सबसे अधिक मजबूत होती है। यह उल्लेखनीय है कि नैनो संरंध्र होने बावजूद फीमर की मजबूती बहुत अधिक होती है। यह शोध की विषय वस्तु है और इस पर अधिक ध्यान देने की भी जरूरत भी है।<br /> नैनो स्तर की यह संरंध्रता इसके हल्केपन और मजबूती को असाधारण रूप से बढ़ा देती है। अगर हम इन सभी प्राकृतिक रचनाओं को ध्यान से देखें तो हमें यह ज्ञात होता है कि ऐसी सभी प्राकृतिक संरचनाएं जो नैनो द्वारा प्रेरित होती हैं उनके अणुओं में नैनो मीटर के स्तर पर विभेदन होता है। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि इन सभी संरचनाओं में स्थान में द्रव्य का संयोजन अद्भुत है। करोड़ों वर्षों के उत्परिवर्तनात्मक विकास और अनुकूलन से विकसित हुई यह रचनाएं प्रकृति के अद्भुत शिल्प का उदाहरण है।<br />
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