सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
भूभौतिकी
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
=== ज्वालामुखी विज्ञान === यह [[ज्वालामुखी]] और उससे संबंधित घटनाओं का विज्ञान है, जो मैग्मा (magma) और संबद्ध गैसों के पृष्ठीय उद्भेदन तथा उससे उत्पन्न संरचनाओं, निक्षेपों और अन्य प्रभावों से संबद्ध है। पृथ्वी के पृष्ठ पर जो प्रभाव देखने में आते हैं, वे गहराई की घटनाओं के परिणामस्वरूप होते हैं। अत: ज्वालामुखी विज्ञान में अधिकांश वितलीय (plutonic), मैग्मज (igneous) भूविज्ञान सम्मिलित रहता है। पर्वतन (orogenic) और अन्य पटल-विरूपणी (diastrophic) बलों से भूपृष्ठ में उत्पन्न दरारें वे वाहिकाएँ हैं, जिनसे मैग्मा पृष्ठ की ओर उठता है। दरारों की चौड़ाई लगभग 1 फुट से लेकर 10 फुट से अधिक तक हो सकती है। उद्भेदी तरल, गैस या लावा शंक्वाकार पर्वत की रचना करते हैं। इस क्रोड़ के केंद्र या बगल से पुन: उद्भेदन हो सकता है। उद्भेदी मैग्मा तरल शैल का बना होता है, जिसमें गैसें घुली होती हैं। लावा का ताप और उसकी श्यानता (viscosity) विशिष्ट उपकरणों से मापी जाती है। ज्वालामुखी उद्भेदन का स्वरूप मुख्यत: तरल मैग्मा से निर्धारित होता है। उदभेदन कई प्रकार के होते हैं, जिनका नामकरण ज्वालामुखी के नामपर, या जिस क्षेत्र में ज्वालामुखी होता है उसके नाम पर, करते हैं मापने से पता चला है कि पर्वत के नीचे एक प्रकार के आगार में मैग्मा के अंत:क्षेपण से पहले सारा ज्वालामुखी पर्वत फूल जाता है। उद्भेदन के समय, या ठीक बाद ही, ज्वालामुखी पर्वत सिकुड़ते हैं। ज्वालामुखीय उद्भेदन से पहले अनेक भूकंप होते हैं। इन उद्भेदनों से वायुमंडल में आघात तरंगे उत्पन्न होती हैं। कभी कभी पानी के अंदर ज्वालामुखीय विस्फोट होने पर, भीमकाय भूकंपी सिधुतरंगें (tsunamis) उत्पन्न होती हैं।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)