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=== भैषज्य निर्माण शास्त्र में उपयोग === भेषज्य निर्माण हेतु यदि किसी विज्ञ ज्योतिषी से मुहूर्त पूछकर निर्माण कार्य किया जावे तो चूर्ण, बटी, धृत, तैल, आसव, अरिष्ट, अर्क, अवलेह (इतरीफल, माजून लऊक आदि भी) रस, भस्म, रसायन, प्रतिविष एण्टीबायोटिक्स आदि के घान अत्यन्त गुणकारी निर्मित होते हैं। कृत्तिका नक्षत्र में भष्म श्रेष्ठ बनती है। अश्वनी नक्षत्र में वाजीकरण योगों का निर्माण उत्तम रहता है। [[श्रेणी:ज्योतिष]]
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