सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
जीवाश्मविज्ञान
" (अनुभाग) सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
== नामपद्धति और वर्गीकरण == जीवाश्मों को निश्चित नाम देना जीवाश्म विज्ञानी के लिए इसलिए महत्व का है कि जीवाश्मों में वह अधिक यथार्थ विभेद कर सके। जीवाश्मों का नामकरण सामान्यत: उन्हीं सिद्धांतों पर आधारित है जिनपर प्राणियों का। प्राणिजगत् अनेक संघों में विभक्त है और प्रत्येक संघ अनेक वर्गों, गणों, कुलों, वंशों और जातियों में विभक्त है। जीवाश्मों के कई प्रकार के प्ररूप होते हैं। यदि अन्वेषक किसी जाति के जीवाश्म के एक प्रतिरूप के आधार पर उस संपूर्ण जाति का वर्णन करता है, तो वह जीवाश्म प्रतिरूप उस जाति का नाम प्ररूप (Holotype) कहलाता है। यदि किसी एक के नामप्ररूप का निश्चय करने में अन्वेषक अन्य जीवाश्म नमूनों की सहायता लेता है, तो इन अतिरिक्त नमूनों को '''पैराटाइप''' (Paratype) कहते हैं। यदि अन्वेषक बिना नामप्ररूप का निश्चय किए ही कई अन्य जीवाश्म नमूनों की सहायता लेता है, तो इन जीवाश्म नमूनों को '''सहप्ररूप''' (Cotype) कहते हैं। यदि किसी जाति के जीवाश्म का सहप्ररूप उस जाति के प्रारंभिक वर्णन के पश्चात् की उस जाति का प्रारूप चुन जाता है, तो वह जीवाश्म प्ररूप '''लेक्टोटाइप''' (Lectotype) कहलाता है। जिस प्रकार एक जाति के वर्णन के लिए जीवाश्म नमूने होते हैं उसी प्रकार एक वंश के वर्णन के लिए प्ररूप जाति अथवा '''समजीनी''' (genotype) जीवाश्म होते हैं। यदि कोई अन्वेषक किसी एक नए वंश का वर्णन किसी एक विशेष जाति के आधार पर करता है, तो वह जाति उस वंश के लिए '''जेनोहोलोटाइप''' (genoholotype) हो जाती है। यदि अन्वेषक नए वंश के वर्णन में ऐसी जातियों की सूची दे देता है जिनको वह यह समझता है कि वे नए वंश के अंतर्गत आते हैं, तो इन सब जातियों को '''जेनोसिनटाइप''' कहते हैं। बहुत से जेनोसिनटाइपों में से बाद में आदि अन्वेषक द्वारा अथवा बाद में किसी अन्य अन्वेषक द्वारा एक '''जेनोलेक्टोटाइप''' (genolectotype) छाँटा जा सकता है।
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)