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==समय की इकाई == हमें [[सूर्य]] आकाश के आर-पार जाता मालूम पड़ता है। आकाश में सूर्य का सर्वोच्च स्थान या उच्चतम उन्नतांश तब होता है जब वह [[यामोत्तर|याम्योत्तर]] (meridian) पर होता है। याम्योत्तर से सूर्य के दो बार जाने के अंतराल को [[सौर समय|दृष्ट सूर्य दिन]] (Apparent solar day) कहते हैं। अनेकानेक कारणों से दृष्ट-सूर्य-दिन की अवधि दिन प्रति दिन बदलती रहती है, लेकिन एक वर्ष के पश्चात् यह उसी परिवर्तन चक्र का दुहराती है। वर्ष की अवधि 365 1/4 दिनों की होती है। यदि हम वर्ष के सभी दिनों के काल के जोड़ दें और इसे वर्ष के पूरे दिनों से भाग दें, तो हम एक समयांतराल प्राप्त करते हैं, जिसे वेज्ञानिकों ने "माध्य सूर्य दिन" की संज्ञा दी है। इस समय को चौबीस घंटों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक घंटे को साठ मिनट में तथा प्रत्येक मिनट को साठ सेकंड में बाँटा गया है। समय की इकाई को मीटरी तथा ब्रिटिश दोनों पद्धतियों में सेकंड माना गया है, जो माध्य सूर्य दिन का 1/86,400 वाँ हिस्सा है। किसी स्थान के शिरोबिंदु के पार किसी स्थिर तारे के क्रमिक गमनों (transits) में जो समयांतराल व्यतीत होता है, वह तारे के क्रमिक याम्योत्तरगमन के बीच का काल, या [[नाक्षत्र समय|नाक्षत्र दिन]] (sidereal day) कहलाता है। इसका मान स्थिर पाया गया है। नाक्षत्र दिवस माध्य सूर्य दिन से लगभग चार मिनट कम होता है। यह मालूम करने के लिये कि दो समयांतराल बराबर हैं या नहीं, अथवा मानक समय को बराबर समय के उपांतराल (subinterval) में विभाजित करने के लिये, [[दोलन|दोलक]] काम में लाया जाता है। दो समयांतराल तभी बराबर कहे जाते हैं जब प्रत्येक में दोलक की दोलन संख्या एक ही होती हे। यदि दोलक के दोलनों की संख्या एक "माध्य सौर दिन" में 60x60x24 होती है, तो प्रत्येक दालन का समयांतराल एक [[सेकेंड|सेकण्ड]] कहा जाता है। हमारी घड़ियों में माध्य सौर काल उपयोग में लाया जाता है।
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