सामग्री पर जाएँ
मुख्य मेन्यू
मुख्य मेन्यू
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
मार्गदर्शन
मुखपृष्ठ
हाल में हुए बदलाव
बेतरतीब पृष्ठ
मीडियाविकि के बारे में सहायता
भारतपीडिया
खोजें
खोजें
दिखावट
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
व्यक्तिगत उपकरण
खाता बनाएँ
लॉग-इन करें
लॉग-आउट किए गए संपादकों के लिए पृष्ठ
अधिक जानें
योगदान
वार्ता
"
ब्राह्मण
" सम्पादित करें
पृष्ठ
चर्चा
हिन्दी
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
उपकरण
उपकरण
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
क्रियाएँ
पढ़ें
सम्पादित करें
स्रोत सम्पादित करें
इतिहास देखें
सामान्य
कड़ियाँ
पृष्ठ से जुड़े बदलाव
विशेष पृष्ठ
पृष्ठ की जानकारी
दिखावट
साइडबार पर ले जाएँ
छिपाएँ
चेतावनी:
आपने लॉग-इन नहीं किया हुआ है। अगर आप सम्पादन करते हैं तो इस पृष्ठ के सम्पादन इतिहास में आपका IP पता दृश्य होगा। अगर आप
लॉग-इन
करते हैं या
खाता बनाते हैं
तो दूसरी सुविधाओं के साथ-साथ आपके सम्पादनों का श्रेय आपके सदस्यनाम पर दिया जाएगा।
ऐन्टी-स्पैम जाँच। इसे
नहीं
भरें!
{{दृष्टिकोण|date=जनवरी 2021}} {{विकिफ़ाइ|date=दिसम्बर 2017}} {{एक स्रोत|date=दिसम्बर 2017}} {{Infobox | title = ब्राह्मण पुजारी | image = {{image array|perrow=2|height=160|width=120 | image1 = Group of Brahmins 1913.jpg |caption1=एक ब्राह्मण जप करता हुआ | image2 = A robed Burmese Brahmin priest of Konbaung Dynasty.jpg | caption2=म्यांमार | image3 = Candi Prambanan - 102 Brahmins, Visnu Temple (12042036684).jpg | caption3=इंडोनेशिया | image4 = A Brahmin standing praying in the corner of the streets 1863.jpg | caption4=19 वीं सदी का भारत }} }} '''ब्राह्मण''' हिन्दू वर्ण व्यवस्था का एक वर्ण है। यस्क मुनि की निरुक्त के अनुसार, ''ब्रह्म जानाति ब्राह्मण:'' अर्थात् ब्राह्मण वह है जो ब्रह्म (अंतिम सत्य, ईश्वर या परम ज्ञान) को जानता है। अतः ब्राह्मण का अर्थ है "ईश्वर का ज्ञाता"। एक समय था जब देश की राजनीति ब्राह्मणों के इर्द गिर्द घूमती थी। 1990 मे मंडल आयोग आने के बाद पिछड़ी जातियां हावी होने लगी। कलराज मिश्र,अटल बिहारी वाजपेई, श्यामा प्रसाद मुखर्जी,ममता बनर्जी,हेमंत बिस्वा शर्मा,अरुण जेटली,नितिन गडकरी,देवेंद्र फडणवीस, तेजस्वी सूर्या, प्रमोद तिवारी,गुड्डू पंडित,रामबिलास शर्मा हरियाणा इत्यादि आज भी राजनीति में बड़े नाम है। यद्यपि भारतीय जनसंख्या में ब्राह्मणों का दस प्रतिशत है तथापि धर्म, संस्कृति, कला तथा शिक्षा के क्षेत्र में देश कि आजादी और भारत राजनीति में महान योगदान रहता आया है। उत्तर प्रदेश=14%, बिहार=7%, उत्तराखंड=25%, हिमाचल प्रदेश=18%, मध्यप्रदेश=6% , राजस्थान=9.5%, हरियाणा=10%, पंजाब=7%, जम्मू कश्मीर=12%, झारखंड= 5%, दिल्ली=15% और देश कि लगभग=10% है । == इतिहास == ब्राह्मण समाज का इतिहास भारत के [[वैदिक]] धर्म से आरम्भ होता है। वास्तव में ब्राह्मण कोई जाति विशेष ना होकर एक वर्ण है, इस वर्ण में सभी जातियों के लोग ब्राह्मण होते थें, सर्वप्रथम [[निषाद]] जाति के लोग ब्राह्मण हुए। दक्षिण भारत में द्रविड़ ब्राह्मण को ही कहा जाता है| भारत का मुख्य आधार ही ब्राह्मणों से शुरू होता है। ब्राह्मण नरम व्यवहार के होते हैं| ब्राह्मण व्यवहार का मुख्य स्रोत वेद हैं। ब्राह्मण समय के अनुसार अपने आप को बदलने में सक्षम होते हैं । ब्राह्मणों का भारत की आज़ादी में भी बहुत योगदान रहा है जो इतिहास में गढ़ा गया है। ब्राह्मणों के सभी सम्प्रदाय वेदों से प्रेरणा लेते हैं। पारम्परिक तौर पर यह विश्वास है कि वेद ''अपौरुषेय'' (किसी मानव/देवता ने नहीं लिखे) तथा ''अनादि'' हैं, बल्कि अनादि सत्य का प्राकट्य हैं जिनकी वैधता शाश्वत है। वेदों को श्रुति माना जाता हैं (''श्रवण हेतु'', जो मौखिक परम्परा का द्योतक है)। धार्मिक व सांस्कृतिक रीतियों एवं व्यवहार में विवधताओं के कारण और विभिन्न [[वैदिक]] विद्यालयों के उनके सम्बन्ध के चलते, आचार्य ही ब्राह्मण हैं। सूत्र काल में प्रतिष्ठित विद्वानों के नेतृत्व में, एक ही वेद की विभिन्न नामों की पृथक-पृथक शाखाएँ बनने लगीं। इन प्रतिष्ठित ऋषियों की शिक्षाओं को [[सूत्र]] कहा जाता है। प्रत्येक [[वेद]] का अपना सूत्र है। सामाजिक, नैतिक तथा शास्त्रानुकूल नियमों वाले सूत्रों को [[धर्म सूत्र]] कहते हैं, आनुष्ठानिक वालों को [[श्रौत सूत्र]] तथा घरेलू विधिशास्त्रों की व्याख्या करने वालों को [[गृह् सूत्र|गृह्यसूत्र]] कहा जाता है। सूत्र सामान्यतः पद्य या मिश्रित गद्य-पद्य में लिखे हुए हैं। ब्राह्मण शास्त्रज्ञों में प्रमुख हैं [[अग्निरस|आंगिरस]], [[अपस्तम्भ|आपस्तम्भ]], [[अत्रि]], [[बृहस्पति]], [[बौधायन]], [[दक्ष]], [[गौतम]], [[वत्स]], [[हरित|हारीत]], [[कात्यायन]], [[लिखित]], [[पाराशर]], [[समवर्त|संवर्त]], [[शंख]], [[शत्तप|शातातप]], [[ऊषानस]], [[वशिष्ठ]], [[विष्णु]], [[व्यास]], [[यज्ञवल्क्य|याज्ञवल्क्य]] तथा [[यम]]। ये इक्कीस ऋषि स्मृतियों के रचयिता थे। स्मृतियों में सबसे प्राचीन हैं आपस्तम्भ, बौधायन, गौतम तथा वशिष्ठ। == ब्राह्मण निर्धारण - जन्म या कर्म से == वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण का निर्धारण व्यक्ति के कर्म के आधार पर होता था। परंतु इस समय माता-पिता की जाती के आधार पर ही होने लगा है। स्कन्दपुराण में षोडशोपचार पूजन के अन्तर्गत अष्टम उपचार में ब्रह्मा द्वारा नारद को यज्ञोपवीत के आध्यात्मिक अर्थ में बताया गया है, : ''जन्मना ब्राह्मणो ज्ञेयः संस्कारै द्विज उच्यते।'' :''विद्यया याति विप्रः श्रोतिरस्त्रिभिरेवच।।'' अतः आध्यात्मिक दृष्टि से यज्ञोपवीत के बिना जन्म से ब्राह्मण भी शुद्र के समान ही होता है। == ब्राह्मण का व्यवहार == [[चित्र:The Reciting Brahman.jpg|thumb|ब्राह्मण]] ब्राह्मण माँस शराब का सेवन जो धर्म के विरुद्ध हो वो काम नहीं करते हैं। ब्राह्मण सनातन धर्म के नियमों का पालन करते हैं। जैसे वेदों का आज्ञापालन, यह विश्वास कि मोक्ष तथा अन्तिम सत्य की प्राप्ति के अनेक माध्यम हैं, यह कि ईश्वर एक है किन्तु उनके गुणगान तथा पूजन हेतु अनगिनत नाम तथा स्वरूप हैं जिनका कारण है हमारे अनुभव, संस्कृति तथा भाषाओं में विविधताएँ। ब्राह्मण ''सर्वेजनासुखिनो भवन्तु'' (सभी जन सुखी तथा समॄद्ध हों) एवं ''वसुधैव कुटुम्बकम'' (सारी वसुधा एक परिवार है) में विश्वास रखते हैं। सामान्यत: ब्राह्मण केवल शाकाहारी होते हैं ([[बंगाली, उड़ीया तथा कुछ अन्य ब्राह्मण]] तथा [[कश्मीरी पण्डित]] इसके अपवाद हैं)। === दिनचर्या === हिन्दू ब्राह्मण अपनी धारणाओं से अधिक [[धर्माचरण]] को महत्व देते हैं। यह धार्मिक पन्थों की विशेषता है। धर्माचरण में मुख्यतः है यज्ञ करना। दिनचर्या इस प्रकार है - स्नान, [[सन्ध्यावन्दनम्]], [[जप]], [[उपासना]], तथा [[अग्निहोत्र]]। अन्तिम दो यज्ञ अब केवल कुछ ही परिवारों में होते हैं। [[ब्रह्मचारी]] अग्निहोत्र यज्ञ के स्थान पर [[अग्निकार्यम्]] करते हैं। अन्य रीतियाँ हैं [[अमावस्य तर्पण]] तथा [[श्राद्ध]]। ''देखें'' : [[नित्य कर्म]] तथा [[काम्य कर्म]] === संस्कार === मुख्य लेख : [[संस्कार]] ब्राह्मण अपने जीवनकाल में सोलह प्रमुख संस्कार करते हैं। जन्म से पूर्व [[गर्भधारण]], [[पुन्सवन]] (गर्भ में नर बालक को ईश्वर को समर्पित करना), [[सीमन्तोन्नयन संस्कार]]। बाल्यकाल में [[जातकर्म]] (जन्मानुष्ठान), [[नामकरण]], [[निष्क्रमण]], [[अन्नप्राशन संस्कार|अन्नप्राशन]], [[चूड़ाकर्म संस्कार|चूड़ाकर्ण]], [[कर्णवेध]]। बालक के शिक्षण-काल में [[विद्यारंभ संस्कार|विद्यारम्भ]], [[उपनयन संस्कार|उपनयन अर्थात यज्ञोपवीत्]], [[वेदारंभ संस्कार|वेदारम्भ]], [[केशान्त संस्कार|केशान्त]] अथवा गोदान, तथा [[समावर्तन संस्कार|समवर्तनम्]] या स्नान (शिक्षा-काल का अन्त)। वयस्क होने पर [[विवाह]] तथा मृत्यु पश्चात [[अन्त्येष्टि क्रिया|अन्त्येष्टि]] प्रमुख संस्कार हैं। == सम्प्रदाय == [[दक्षिण भारत]] में ब्राह्मणों के तीन सम्प्रदाय हैं -[[स्मार्त सूत्र|स्मार्त सम्प्रदाय]], [[वैष्णव सम्प्रदाय|श्रीवैष्णव सम्प्रदाय]] तथा [[माधव|माधव सम्प्रदाय]]। == ब्राह्मणों की श्रेणियाँ == ब्राह्मणों को सम्पूर्ण भारतवर्ष में विभिन्न उपनामों से जाना जाता है, जैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश में दीक्षित, शुक्ल, द्विवेदी त्रिवेदी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, [[उत्तराञ्चल|उत्तरांचल]] में उप्रेती [[त्रिवेदी]], दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान के कुछ भागों में जोशी,[[त्रिवेदी]] भार्गव, डाकोत[[खाण्डल विप्र|खाण्डल]] विप्र, [[ऋषीश्वर]], वशिष्ठ, कौशिक, भारद्वाज, [[सनाढ्य ब्राह्मण]], राय ब्राह्मण, [[ त्यागी ]], अवध (मध्य उत्तर प्रदेश) तथा मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड से निकले [[जिझौतिया ब्राह्मण]],रम पाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों में [[ बैरागी वैष्णव ब्राह्मण]], [[बाजपेयी]], बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश ,बंगाल व नेपाल में [[भूमिहार]], जम्मू कश्मीर, पंजाब व हरियाणा के कुछ भागों में [[महियाल]], मध्य प्रदेश व राजस्थान में [[गालव]], गुजरात में श्रीखण्ड,भातखण्डे [[अनाविल]], महाराष्ट्र के महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण, मुख्य रूप से देशस्थ, कोंकणस्थ , दैवदन्या, देवरुखे और करहाड़े है. ब्राह्मण में [[चितपावन]] एवं [[कार्वे]], कर्नाटक में निषाद [[अयंगर]] एवं [[हेगडे]], केरल में [[नम्बूदरीपाद]], तमिलनाडु में [[अयंगर]] एवं [[अय्यर]], आन्ध्र प्रदेश में [[नियोगी]] एवं [[राव]], उड़ीसा में [[दास]] एवं [[मिश्र]] आदि तथा राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, बिहार में [[शाकद्वीपीय ब्राह्मण|शाकद्वीपीय]] (मग)कहीं उत्तर प्रदेश में जोशी जाति भी पायी जाती है। <ref>{{Cite web |url=http://www.unp.me/f15/brahmin-br-hma-a-64527/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=24 जनवरी 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160131111753/http://www.unp.me/f15/brahmin-br-hma-a-64527/ |archive-date=31 जनवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> आदि। [[File:Brahmins chart.png|thumb|ब्राह्मणों के जाति वर्गीकरण के आधार पर ब्राह्मण जाति चार्ट]] ब्राह्मणों में कई जातियाँ है।इससे मूल कार्य व स्थान का पता चलता है * सामवेदी: ये सामवेद गायन करने वाले लोग थे। * अग्निहोत्री: अग्नि में आहुति देने वाला। * त्रिवेदी: वे लोग जिन्हें तीन वेदों का था ज्ञान वे त्रिवेदी है * चतुर्वेदी: जिन्हें चारों वेदों का ज्ञान था। वे लोग चतुर्वेदी हुए। * वेदी: जिन्हें वेदी बनाने का ज्ञान था वे वेदी हुए। * द्विवेदी: जिन्हें दो वेदों का ही ज्ञान था वे लोग द्विवेदी कहलाए। == ब्राह्मणों की वर्तमान स्थिति == आधुनिक भारत के निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों जैसे [[साहित्य]], विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी, [[राजनीति]], [[संस्कृति]], पाण्डित्य, [[धर्म]] में ब्राह्मणों का अपरिमित योगदान है। प्रमुख क्रान्तिकारियों और स्वतन्त्रता सेनानियों मे [[बाल गंगाधर तिलक]], [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[चंद्रशेखर आजाद]], [[शिवराम हरि राजगुरु]], [[गोविन्द बल्लभ पन्त]] इत्यादि हैं। ब्राह्मण भारत का दूसरा सबसे बड़ा कृषक समुदाय हैं।बिहार,आंध्र प्रदेश,बंगाल,केरल में ब्राह्मण प्रमुख जमींदार जाति हैं। ==इन्हें भी देखें== * [[ब्राह्मण-ग्रन्थ]] * [[हिन्दू धर्म]] * [[वर्ण]] * [[जाति]] * [[भूमिहार]] *[[मैथिल ब्राह्मण]] * * *[[त्यागी]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] [[श्रेणी:वर्णव्यवस्था]] [[श्रेणी:भारतीय उप जातियाँ]]
सारांश:
भारतपीडिया पर किया कोई भी योगदान अन्य सदस्यों द्वारा बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। अगर आपको अपने लिखे हुए पाठ में संपादन होना नामंजूर है तो यहाँ पर न लिखें।
आप हमें यह भी वचन देतें हैं कि यह आपने स्वयं लिखा है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र या किसी समान मुक्त स्रोत से प्रतिलिपित किया है (अधिक जानकारी के लिये
भारतपीडिया:कॉपीराइट
देखें)।
कॉपीराइट सुरक्षित कार्यों को बिना अनुमति के यहाँ न डालें!
रद्द करें
सम्पादन सहायता
(नए विंडो में खुलता है)
इस पृष्ठ पर प्रयुक्त साँचें:
साँचा:Cite web
(
सम्पादित करें
)
साँचा:Infobox
(
सम्पादित करें
)
साँचा:एक स्रोत
(
सम्पादित करें
)
साँचा:टिप्पणीसूची
(
सम्पादित करें
)
साँचा:दृष्टिकोण
(
सम्पादित करें
)
साँचा:विकिफ़ाइ
(
सम्पादित करें
)