<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="hi">
	<id>https://hi.bharatpedia.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B6%E0%A5%80</id>
	<title>अपरा एकादशी - अवतरण इतिहास</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://hi.bharatpedia.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B6%E0%A5%80"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://hi.bharatpedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B6%E0%A5%80&amp;action=history"/>
	<updated>2026-08-26T17:32:56Z</updated>
	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.43.6</generator>
	<entry>
		<id>https://hi.bharatpedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B6%E0%A5%80&amp;diff=1956&amp;oldid=prev</id>
		<title>imported&gt;रोहित साव27: 2409:4063:4113:8C40:112E:486B:6A94:71CA (Talk) के संपादनों को हटाकर CptViraj के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://hi.bharatpedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B6%E0%A5%80&amp;diff=1956&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2021-06-13T07:48:26Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8/2409:4063:4113:8C40:112E:486B:6A94:71CA&quot; title=&quot;विशेष:योगदान/2409:4063:4113:8C40:112E:486B:6A94:71CA&quot;&gt;2409:4063:4113:8C40:112E:486B:6A94:71CA&lt;/a&gt; (&lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:2409:4063:4113:8C40:112E:486B:6A94:71CA&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य वार्ता:2409:4063:4113:8C40:112E:486B:6A94:71CA (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;Talk&lt;/a&gt;) के संपादनों को हटाकर &lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:CptViraj&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य:CptViraj (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;CptViraj&lt;/a&gt; के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{स्रोतहीन|date=सितंबर 2014}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ज्ञानसन्दूक त्योहार &lt;br /&gt;
| त्योहार_के_नाम = अपरा एकादशी&lt;br /&gt;
|चित्र = &lt;br /&gt;
|शीर्षक = अपरा एकादशी व्रत &lt;br /&gt;
|आधिकारिक_नाम = अपरा एकादशी व्रत&lt;br /&gt;
|अन्य नाम = &lt;br /&gt;
|अनुयायी = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]], [[भारतीय]], भारतीय प्रवासी&lt;br /&gt;
|उद्देश्य = सर्वकामना पूर्ति&lt;br /&gt;
|आरम्भ = &lt;br /&gt;
|तिथि = &lt;br /&gt;
|दीर्घ-प्रकार = &lt;br /&gt;
|तारीख़ = &lt;br /&gt;
|तिथि२००६ = [[एकादशी]]&lt;br /&gt;
|तिथि२००७ = &lt;br /&gt;
|तिथि२००८ = &lt;br /&gt;
|अनुष्ठान = &lt;br /&gt;
|उत्सव = &lt;br /&gt;
|समान पर्व= &lt;br /&gt;
|type =&amp;lt;!--DO NOT CHANGE! THIS CONTROLS COLOUR--&amp;gt;hindu&amp;lt;!--DO NOT CHANGE! THIS CONTROLS COLOUR--&amp;gt;&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हिंदू धर्म में [[एकादशी]] का व्रत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब [[अधिक मास|अधिकमास]] या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;अपरा एकादशी&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== कथा ==&lt;br /&gt;
महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी और जंगल में एक पीपल के नीचे गाड़ दिया। अकाल मृत्यु होने के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर पीपल पर रहने लगी। मार्ग से गुजरने वाले हर व्यक्ति को आत्मा परेशान करती। एक दिन एक ऋषि इस रास्ते से गुजर रहे थे। इन्होंने प्रेत को देखा और अपने तपोबल से उसके प्रेत बनने का कारण जाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ऋषि ने पीपल के पेड़ से राजा की प्रेतात्मा को नीचे उतारा और परलोक विद्या का उपदेश दिया। राजा को प्रेत योनी से मुक्ति दिलाने के लिए ऋषि ने स्वयं अपरा एकादशी का व्रत रखा और द्वादशी के दिन व्रत पूरा होने पर व्रत का पुण्य प्रेत को दे दिया। एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त करके राजा प्रेतयोनी से मुक्त हो गया और स्वर्ग चला गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उद्देश्य ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[कृष्ण|श्रीकृष्ण]] ने [[युधिष्ठिर]] को बताया कि अपरा एकादशी पुण्य प्रदाता और बड़े-बड़े पातकों का नाश करने वाली है। ब्रह्मा हत्या से दबा हुआ, गोत्र की हत्या करने वाला, गर्भस्थ शिशु को मारने वाला, परनिंदक, परस्त्रीगामी भी अपरा एकादशी का व्रत रखने से पापमुक्त होकर श्री [[विष्णु]] लोक में प्रतिष्ठित हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महिमा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[माघ]] में सूर्य के [[मकर राशि]] में होने पर प्रयाग में स्नान, शिवरात्रि में काशी में रहकर व्रत, गया में पिंडदान, [[वृष राशि]] में [[गोदावरी नदी|गोदावरी]] में स्नान, बद्रिकाश्रम में भगवान केदार के दर्शन या सूर्यग्रहण में [[कुरुक्षेत्र]] में स्नान और दान के बराबर जो फल मिलता है, वह अपरा एकादशी के मात्र एक व्रत से मिल जाता है। अपरा एकादशी को उपवास करके भगवान वामन की पूजा से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है। इसकी कथा सुनने और पढ़ने से सहस्र गोदान का फल मिलता है। &lt;br /&gt;
प्राचीन काल में महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। उसका छोटा भाई वज्रध्वज बड़ा ही क्रूर, अधर्मी तथा अन्यायी था। वह अपने बड़े भाई से द्वेष रखता था। उस अवसरवादी पापी ने एक दिन रात्रि में अपने बड़े भाई की हत्या करके उसकी देह को एक जंगली पीपल के नीचे गाड़ दिया। इस अकाल मृत्यु से राजा प्रेतात्मा के रूप में उसी पीपल पर रहने लगा और अनेक उत्पात करने लगा। अकस्मात एक दिन धौम्य नामक ॠषि उधर से गुजरे। उन्होंने प्रेत को देखा और तपोबल से उसके अतीत को जान लिया। अपने तपोबल से प्रेत उत्पात का कारण समझा। ॠषि ने प्रसन्न होकर उस प्रेत को पीपल के पेड़ से उतारा तथा परलोक विद्या का उपदेश दिया। दयालु ॠषि ने राजा की प्रेत योनि से मुक्ति के लिए स्वयं ही अपरा (अचला) एकादशी का व्रत किया और उसे अगति से छुड़ाने को उसका पुण्य प्रेत को अर्पित कर दिया। इस पुण्य के प्रभाव से राजा की प्रेत योनि से मुक्ति हो गई। वह ॠषि को धन्यवाद देता हुआ दिव्य देह धारण कर पुष्पक विमान में बैठकर स्वर्ग को चला गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== कथा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें ==&lt;br /&gt;
== सन्दर्भ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{हिन्दू पर्व-त्यौहार}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:संस्कृति|एकादशी, अपरा]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू त्यौहार|एकादशी, अपरा]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:एकादशी|एकादशी, अपरा]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:चित्र जोड़ें]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;रोहित साव27</name></author>
	</entry>
</feed>