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	<title>अवतार - अवतरण इतिहास</title>
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	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>imported&gt;Ts12rAc: 2409:4064:B14:BE76:0:0:15C7:10A0 (Talk) के संपादनों को हटाकर संजीव कुमार के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया</title>
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		<updated>2021-08-20T10:56:22Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8/2409:4064:B14:BE76:0:0:15C7:10A0&quot; title=&quot;विशेष:योगदान/2409:4064:B14:BE76:0:0:15C7:10A0&quot;&gt;2409:4064:B14:BE76:0:0:15C7:10A0&lt;/a&gt; (&lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:2409:4064:B14:BE76:0:0:15C7:10A0&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य वार्ता:2409:4064:B14:BE76:0:0:15C7:10A0 (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;Talk&lt;/a&gt;) के संपादनों को हटाकर &lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5_%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य:संजीव कुमार (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;संजीव कुमार&lt;/a&gt; के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;अवतार&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [[संस्कृत]] भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ प्रायः &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;उतरना&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; होता है।&amp;lt;ref&amp;gt;Monier Monier-Williams (1923). [[https://books.google.com/books?id=_3NWAAAAcAAJ&amp;amp;pg=PA90 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161229010012/https://books.google.com/books?id=_3NWAAAAcAAJ |date=29 दिसंबर 2016 }} A Sanskrit-English Dictionary]]. Oxford University Press. p. 90.&amp;lt;/ref&amp;gt; [[हिन्दू धर्म]] में [[विष्णु|भगवान विष्णु]] के विभिन्न स्वरूप जब पृथ्वी पर दुष्टो का नाश करने विभिन्न युगों में आते हैं, तब उन्हें भगवान विष्णु का अवतार कहा जाता है, [[राम|भगवान राम]] एवं [[कृष्ण]], विष्णु के [[दशावतार]] में से एक हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भगवान विष्णु के अवतार ==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|भगवान विष्णु}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== दशावतार ===&lt;br /&gt;
{{मुख्य|दशावतार}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[भागवत पुराण]] के अनुसार विष्णु के असंख्य अवतार हुए हैं किन्तु उनके दस अवतारों (दशावतार = दश + अवतार) को प्रमुख अवतार माना जाता है। विष्णु के ये दस अवतार [[अग्निपुराण]], [[गरुड़ पुराण|गरुणपुराण]] और [[भागवत पुराण]] में उल्लिखित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
भगवान [[विष्णु]] के दस अवतार हैं :&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# [[मत्स्य अवतार|मत्स्य]] &lt;br /&gt;
# [[कूर्म अवतार|कूर्म]]/[[कच्छप अवतार]]&lt;br /&gt;
# [[वराहावतार|वराह]]&lt;br /&gt;
# [[नरसिंह]]&lt;br /&gt;
# [[वामन् अवतार|वामन]]&lt;br /&gt;
# [[परशुराम अवतार|परशुराम]]&lt;br /&gt;
# [[श्रीराम|राम]]&lt;br /&gt;
# [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
# [[बुद्धावतार|बुद्ध]]&lt;br /&gt;
# [[कल्कि]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पहले तीन अवतार, अर्थात् मत्स्य, कूर्म और वराह प्रथम महा[[युग]] में अवतीर्ण हुए। पहला महा[[युग]] [[सत्य युग]] या [[कृत युग]] है। नरसिंह, वामन, परशुराम और राम दूसरे अर्थात् [[त्रेतायुग]] में अवतरित हुए।&lt;br /&gt;
[[कृष्ण]] और [[बलराम]] [[द्वापर]] युग में अवतरित हुए। इस समय चल रहा युग [[कलियुग]] है और [[भागवत पुराण]] की भविष्यवाणी के आधार पर इस युग के अंत में [[कल्कि]] अवतार होगा। इससे अन्याय और अनाचार का अंत होगा तथा न्याय का शासन होगा जिससे [[सत्य युग]] की फिर से स्थापना होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सुखसागर के अनुसार भगवान विष्णु के चौबीस अवतार ===&lt;br /&gt;
{{मुख्य|सुखसागर}}&lt;br /&gt;
# [[सनकादि ऋषि]]&lt;br /&gt;
# [[वराहावतार]] &lt;br /&gt;
# [[नारद मुनि]]&lt;br /&gt;
# [[हंसावतार]]&lt;br /&gt;
# [[नर-नारायण अवतार|नर-नारायण]] &lt;br /&gt;
# [[कपिल]]&lt;br /&gt;
# [[दत्तात्रेय]]&lt;br /&gt;
# [[सुयज्ञ|यज्ञ]]&lt;br /&gt;
# [[ऋषभदेव]]&lt;br /&gt;
# [[पृथु]]&lt;br /&gt;
# [[मत्स्य अवतार|मत्स्यावतार]]&lt;br /&gt;
# [[कूर्म अवतार]]&lt;br /&gt;
# [[धन्वन्तरि]]&lt;br /&gt;
# [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]]&lt;br /&gt;
# [[हयग्रीव]]&lt;br /&gt;
# [[नरसिंह|नृसिंह]]&lt;br /&gt;
# [[वामनावतार|वामन]]&lt;br /&gt;
# [[हरिहर क्षेत्र|गजेन्द्रोधारावतार]]&lt;br /&gt;
# [[परशुराम]]&lt;br /&gt;
# [[वेदव्यास]]&lt;br /&gt;
# [[राम]]&lt;br /&gt;
# [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
# [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]]&lt;br /&gt;
# [[कल्कि]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# भगवान ने कौमारसर्ग में सनक, सनन्दन, सनातन तथा सनत्कुमार नामक ब्रह्मऋषियों के रूप में अवतार लिया। यह उनका पहला अवतार था।&lt;br /&gt;
# पृथ्वी को रसातल से लाने के लिये भगवान ने वराह के रूप में अवतार लिया तथा [[हिरण्याक्ष]] का वध किया।&lt;br /&gt;
# ऋषियों को सात्वततंत्र, जिसे कि [[नारद पंचरात्र]] भी कहते हैं और जिसमें कर्म बन्धनों से मुक्त होने का निरूपण है, का उपदेश देने के लिये नारद जी के रूप में अवतार लिया।&lt;br /&gt;
# [[हंसावतार|हंस]] के रूप में अवतार लेकर भगवान् ने नारद जी को उपदेश दिया।&lt;br /&gt;
# [[धर्म]] की पत्नी मूर्ति देवी के गर्भ से नर-नारायण, जिन्होंने बदरीवन में जाकर घोर तपस्या की, का अवतरण हुआ।&lt;br /&gt;
# माता [[देवहूति]] के गर्भ से कपिल मुनि के रूप में भगवान् का अवतार हुआ जिन्होंने अपनी माता को [[सांख्य दर्शन|सांख्य शास्त्र]] का उपदेश दिया।&lt;br /&gt;
# [[अनसूया]] के गर्भ से दत्तात्रेय प्रकट हुए जिन्होंने [[प्रह्लाद]], अलर्क आदि को ब्रह्मज्ञान दिया।&lt;br /&gt;
# [[आकूति]] के गर्भ से यज्ञ नाम से अवतार धारण किया।&lt;br /&gt;
# नाभिराजा की पत्नी मेरु देवी के गर्भ से ऋषभदेव के नाम से भगवान का अवतार हुआ। उन्होंने परमहंस के उत्तम मार्ग का निरूपण किया।&lt;br /&gt;
# राजा पृथु के रूप में भगवान ने अवतार लिया और गौ-रूपिणी पृथ्वी से अनेक औषधियों, रत्नों तथा अन्नों का दोहन किया।&lt;br /&gt;
# चाक्षुषमन्वन्तर में सम्पूर्ण पृथ्वी के जलमग्न हो जाने पर पृथ्वी को नौका बना कर भावी वैवश्वत [[मनु]] की रक्षा करने हेतु भगवान ने मत्स्यावतार लिया।&lt;br /&gt;
# समुद्र मंथन के समय देवता तथा असुरों की सहायता करने के लिये भगवान ने कच्छप के रूप में अवतार लिया।&lt;br /&gt;
# भगवान ने धन्वन्तरि के नाम से लिया जिन्होंने समुद्र से अमृत का घट निकाल कर देवताओं को दिया।&lt;br /&gt;
# मोहिनी का रूप धारण कर देवताओं को [[अमृत]] पिलाने के लिये भगवान ने अवतार लिया।&lt;br /&gt;
# ग्राह से गज को बचाने के लिए भगवान् आये। यद्यपि यह अवतार नहीं था क्योंकि अवतार में नया जन्म लिया जाता है या कम से कम अन्य रूप धारण किया जाता है; फिर भी कई जगह इसे भी अवतार मान लिया गया है।&lt;br /&gt;
# भगवान का नृसिंह के रूप में अवतार हुआ जिन्होंने [[हिरण्यकशिपु]] [[दैत्य]] को मार कर [[प्रह्लाद]] की रक्षा की।&lt;br /&gt;
# [[दैत्य]] [[बलि]] को [[पाताल]] भेज कर देवराज [[इन्द्र]] को [[स्वर्ग लोक|स्वर्ग]] का राज्य प्रदान करने हेतु भगवान ने वामन के रूप में अवतार लिया।&lt;br /&gt;
# अभिमानी क्षत्रिय राजाओं का इक्कीस बार विनाश करने के लिये परशुराम के रूप में अवतार लिया।&lt;br /&gt;
# [[पराशर]] जी के द्वारा [[सत्यवती]] के गर्भ से भगवान ने वेदव्यास के रूप में अवतार धारण किया जिन्होंने वेदों का विभाजन कर के अनेक उत्तम ग्रन्थों का निर्माण किया।&lt;br /&gt;
# प्रत्येक कल्प में भगवान् व्यास के रूप में अवतार लेकर वेदों का विभाजन कर मानव-कल्याण का पथ प्रशस्त करते हैं।&lt;br /&gt;
# राम के रूप में भगवान ने अवतार ले कर [[रावण]] के अत्याचार से विप्रों, धेनुओं, देवताओं और संतों की रक्षा की।&lt;br /&gt;
# भगवान ने सम्पूर्ण कलाओं से युक्त कृष्ण के रूप में अवतार लिया।&lt;br /&gt;
# बुद्ध के रूप में भी भगवान का अवतार हुआ।&lt;br /&gt;
# [[कलियुग]] के अन्त में [[विष्णु यश]] नामक ब्राह्मण के घर भगवान् का कल्कि अवतार होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सिख धर्म के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार ===&lt;br /&gt;
{{मुख्य|सिख धर्म}}&lt;br /&gt;
सिखों के दसवें गुरु [[गुरु गोबिन्द सिंह|गुरु गोविन्द सिंह]] द्वारा रचित [[दसम ग्रंथ|दशम ग्रन्थ]] में [[विष्णु]] के २४ अवतारों का वर्णन है जो निम्नलिखित है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# मछ ([[मत्स्य]])&lt;br /&gt;
# कच्छ ([[कच्छप]] या [[कूर्म अवतार|कूर्म]])&lt;br /&gt;
# [[नारायण]] &lt;br /&gt;
# महा मोहिनी ([[मोहिनी अवतार|मोहिनी]])&lt;br /&gt;
# बैरह  ([[वाराह]])&lt;br /&gt;
# नर सिंह ([[नरसिंह|नृसिंह]])&lt;br /&gt;
# बावन ([[वामनावतार|वामन]])&lt;br /&gt;
# [[परशुराम]]&lt;br /&gt;
# [[ब्रह्म]]&lt;br /&gt;
# [[जलन्धर]]&lt;br /&gt;
# बिशन ([[विष्णु]])&lt;br /&gt;
# शेशायी ([[शेष]])&lt;br /&gt;
# [[अरिहन्त|अरिहन्त देव]]&lt;br /&gt;
# [[मनु|मनु राजा]]&lt;br /&gt;
# [[धन्वन्तरि]]&lt;br /&gt;
# [[सूर्य|सूरज]]&lt;br /&gt;
# [[चन्द्रमा|चन्दर]]&lt;br /&gt;
# [[राम]]&lt;br /&gt;
# [[बलराम]]&lt;br /&gt;
# [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
# [[नर-नारायण अवतार|नर]] ([[अर्जुन]])&lt;br /&gt;
# [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]]&lt;br /&gt;
# [[कल्कि]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भगवान गणेश के अवतार ==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|गणेश}}&lt;br /&gt;
[[मुद्गल पुराण]] में [[गणेश]] के ८ अवतारों का वर्नन है-&lt;br /&gt;
# [[वक्रतुण्ड]]&lt;br /&gt;
# [[एकदन्त]]&lt;br /&gt;
# [[महोदर]]&lt;br /&gt;
# [[गजवक्त्र]] या [[गजानन]]&lt;br /&gt;
# [[लम्बोदर]]&lt;br /&gt;
# [[विकट]]&lt;br /&gt;
# [[विघ्नराज]]&lt;br /&gt;
# [[धूम्रवर्ण]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भगवान शिव के अवतार ==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|भगवान शिव}}&lt;br /&gt;
यद्यपि [[पुराण|पुराणों]] में यत्र-तत्र [[शिव]] के अवतारों का वर्णन है किन्तु [[शैव|शैव सम्प्रदाय]] में न तो शिव के अवतारों को सभी लोग मानते हैं न ही उनकी संख्या के बारे में मतैत्य है। [[लिङ्ग पुराण|लिंगपुराण]] में शिव के २८ अवतारों का उल्लेख है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भगवान ब्रह्मा के अवतार ==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|भगवान ब्रह्मा}}&lt;br /&gt;
[[गुरु गोबिन्द सिंह|गुरु गोविन्द सिंह]] द्वारा रचित [[दसम ग्रंथ|दशम ग्रन्थ]] में [[ब्रह्मा]] के ७ अवतारों का वर्णन है–&lt;br /&gt;
# [[वाल्मीकि]] अवतार&lt;br /&gt;
# [[कश्यप]] अवतार&lt;br /&gt;
# [[शुक्र]] अवतार&lt;br /&gt;
# [[बछेस]] अवतार&lt;br /&gt;
# [[व्यास]] अवतार&lt;br /&gt;
# [[खट ऋषि]] अवतार (षट् ऋषि अवतार)&lt;br /&gt;
# [[कालिदास]] अवतार&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== देवी के अवतार ==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|देवी}}&lt;br /&gt;
* [[महालक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[सरस्वती]]&lt;br /&gt;
* [[महाकाली]]&lt;br /&gt;
* [[नंदा देवी]]&lt;br /&gt;
* [[रक्तदंतिका]]&lt;br /&gt;
* [[शताक्षी देवी]]&lt;br /&gt;
* [[शाकम्भरी]]&lt;br /&gt;
* [[दुर्गा]]&lt;br /&gt;
* [[भीमा]]&lt;br /&gt;
* [[भ्रामरी]]&lt;br /&gt;
* [[पार्वती]]&lt;br /&gt;
* [[सती]]&lt;br /&gt;
* [[वैष्णो देवी]]&lt;br /&gt;
* [[चामुण्डा देवी]]&lt;br /&gt;
* [[विंध्यवासिनी देवी]]&lt;br /&gt;
* [[हिंगलाज]] भवानी&lt;br /&gt;
* [[ज्वाला]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== लक्ष्मी के अवतार ==&lt;br /&gt;
{{मुख्य|लक्ष्मी}}&lt;br /&gt;
* [[वैष्णो देवी]]&lt;br /&gt;
* [[अष्टादशभुजी महालक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[धन लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[धान्य लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[ऐश्वर्य लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[अधि लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[विजया लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[वीर लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[गज लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[संतान लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[विंध्यवासिनी देवी]]&lt;br /&gt;
* [[योगमाया]]&lt;br /&gt;
* [[नंदा देवी]]&lt;br /&gt;
* [[गृहलक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[स्वर्ग लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
* [[राधा]]&lt;br /&gt;
* [[सीता]]&lt;br /&gt;
* [[रुक्मणी]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==इन्हें भी देखें==&lt;br /&gt;
* [[हिन्दू धर्म]]&lt;br /&gt;
* [[भगवान]]&lt;br /&gt;
* [[दशावतार]]&lt;br /&gt;
* [[भगवान विष्णु]]&lt;br /&gt;
* [[भगवान शिव]]&lt;br /&gt;
* [[भगवान ब्रह्मा]]&lt;br /&gt;
* [[देवी]]&lt;br /&gt;
* [[गणेश]]&lt;br /&gt;
* [[राम]]&lt;br /&gt;
* [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
{{टिप्पणीसूची}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:अवतार]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;Ts12rAc</name></author>
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