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	<title>उजाले उनकी यादों के - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>imported&gt;Sanjeev bot: बॉट: अंगराग परिवर्तन</title>
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		<updated>2014-09-03T22:20:21Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;बॉट: अंगराग परिवर्तन&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2014}}&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;उजाले उनकी यादों के&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; - यह कार्यक्रम आजकल हर रविवार को रात में साढे नौ से दस बजे तक प्रसारित होता है जबकि पहले मंगलवार गुरूवार को इसी समय प्रसारित होता था। इस कार्यक्रम में जैसे कि नाम से ही पता चलता है बीते समय की फ़िल्मी हस्तियों से बातचीत की जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस कार्यक्रम की परिकल्पना (काँन्सेप्ट) बहुत अच्छा है। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में जिनसे बातचीत की जाती है उन्हीं के बारे में जानकारी मिलती है पर यहाँ ऐसा नहीं है। यहाँ उस कलाकार के पूरे कैरियर के दौरान जिन-जिन लोगों के साथ उनका साथ रहा उन सभी के बारे में बात होती है। इतना ही नहीं फ़िल्मी जीवन से हट कर दूसरे क्षेत्र में भी अगर उस कलाकार का योगदान है तो उस पर भी विस्तार से बातचीत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यह कार्यक्रम शायद कमलेश (पाठक) जी प्रस्तुत करतीं है। इस कार्यक्रम के स्वरूप के लिए विविध भारती को बधाई। मेहमान कलाकार से बातचीत करते है कमल (शर्मा) जी। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता में कमल (शर्मा) जी का बहुत बड़ा योगदान है। वह ख़ुद बहुत ही कम बोलते है पर मेहमान से सब कुछ उगलवा लेते है। ऐसी बातें भी जो आमतौर पर लोकप्रिय कलाकार शायद ही कहना पसन्द करें जैसे -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आजकल चल रही श्रृंखला में लोकप्रिय कलाकार शशिकला ने बताया कि जब मदर टेरेसा के आश्रम में कलकत्ता में वो समाज सेवा कर रहीं थी तब उन्हें मदर से मिलने की बहुत इच्छा थी और जब मदर आईं तो कैसे छोटे बच्चों की तरह वो दरवाज़े के बाहर से मदर को देखने लगी थीं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जब मैनें इस स्तर पर बातचीत सुनी तो मुझे लगा यह तो कमल जी का ही कमाल है और क्या तरीका रहा होगा प्रस्तुतकर्ता (शायद कमलेश पाठक) का और क्या छवि है विविध भारती की कि एक कलाकार अपना दिल खोल कर रख देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सिर्फ़ एक ही श्रृंखला जो अभी पूरी भी नहीं हुई जिसको सुन कर व्ही शान्ताराम के बारे में बहुत जानकारी मिली जिसे शशिकला ने अन्ना साहेब कहा। मुझे याद आ गई फ़िल्म तीन बत्ती चार रास्ता जिसमें छह बहुओं वाले लालाजी की मराठी बहू बनी थी शशिकला।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हृषि दा यानि हृषिकेश मुखर्जी के बारे में भी बातें हुई। बताया गया उनका काम करने का अंदाज़ और मुझे याद आ गई अनुपमा की शोख़ और चंचल पर सकारात्मक भूमिका वाली शशिकला जो अपनी सहेली शर्मिला टैगोर से फोन पर देर तक बात करती है और जवाब नहीं मिलने पर कहती है - ज़रूर सिर हिला रही होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लता मंगेशकर और मीनाकुमारी के बारे में बातें हुई तो मुझे याद आ गई फ़िल्म फूल और पत्थर जिसमें वैम्प बनी शशिकला गाती है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शीशे से पी या पैमाने से पी&lt;br /&gt;
या मेरी आँखों के मयख़ाने से पी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और सबसे ज्यादा याद आ आया वो अंतिम सीन जहाँ वो अपने ख़ास वैम्पनुमा कपड़े पहन कर धर्मेन्द्र से मिलने बस्ती में जाती है और सारी बस्ती उसे देखने जमा हो जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उजाले उनकी यादों के ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
विविध भारती ने हमेशा अपनी जिम्‍मेदारी को समझा है और तत्‍परता से इसे निभाया भी है। देश का ये एकमात्र रेडियो चैनल है जिसने संगीत को अपना धर्म माना है और हर तरह के संगीत को अपने कार्यक्रमों में जगह दी है। विविध भारती ने डॉक्‍यूमेन्‍टेशन का काम भी किया है। चूंकि विविध भारती मूलत: फिल्‍मी मनोरंजन की सेवा है इसलिए यहां जानी मानी फिल्‍मी हस्तियों की रिकॉर्डिंग्‍स को सदैव प्राथमिकता दी जाती है। आज विविध भारती के पास फिल्‍मी हस्तियों और संगीत जगत की हस्तियों की जितनी रिकॉर्डिंग हैं उतनी शायद कहीं और नहीं होंगी। [[राज कूपर]] से लेकर [[शाहिद कपूर]] तक और [[नरगिस]] से लेकर [[प्रियंका चोपड़ा]] तक हर महत्‍त्‍वपूर्ण फिल्‍मी हस्‍ती की रिकॉर्डिंग विविध भारती के संग्रहालय में सुरक्षित है। लेकिन जब ये महसूस किया गया कि किसी फिल्‍मी हस्‍ती की छोटी सी रिकॉर्डिंग श्रोताओं की जरूरतों को पूरा नहीं करती तो एक नया कार्यक्रम शुरू हुआ जिसका नाम था उजाले उनकी यादों के। इस कार्यक्रम के ज़रिए कई फिल्‍मी हस्तियों की पूरी जीवन यात्रा पर चर्चा की गयी। इसमें संगीतकार [[नौशाद]], [[ओ पी नैयर]], [[खय्याम]], रवि, [[लक्ष्‍मी प्‍यारे]] की जोड़ी के [[प्‍यारे लाल, संगीतकार]], [[कल्‍याण जी आनंद जी]] की जोड़ी के आनंद जी, अभिनेत्री [[माला सिन्‍हा]], [[वहीदा रहमान]], [[लीना चंदावरकर]], गायक [[महेंद्र कपूर]], निर्देशक [[प्रकाश मेहरा]] समेत कई बड़ी हस्तियों से लंबी लंबी बातचीत की गयी है। इन कलाकारों की छह से लेकर दस घंटे बल्कि इससे भी ज्‍यादा वक्‍फे की रिकॉडिंग्‍स करके विविध भारती ने इतिहास को समेटने का महती कार्य किया है। और आज भी कर रही है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{विविध भारती कार्यक्रम}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:रेडियो]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:विविध भारती]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;Sanjeev bot</name></author>
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