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	<title>एलिस एक्का - अवतरण इतिहास</title>
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	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>imported&gt;InternetArchiveBot: Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.8</title>
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		<updated>2021-08-20T06:18:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.8&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{Infobox writer&lt;br /&gt;
| name     = एलिस एक्का&lt;br /&gt;
| image    =&lt;br /&gt;
| birth_name  = एलिस ख्रिस्तयानी पूर्ति&lt;br /&gt;
| birth_date  = {{Birth date and age|1917|09|08|mf=y}}&lt;br /&gt;
| birth_place  = लाल सिरम टोली, [[राँची|रांची]], [[(झारखंड)]], [[भारत]]&lt;br /&gt;
| death_date  = [[5 जुलाई 1978]]&lt;br /&gt;
| death_place  = [[राँची|रांची]], [[झारखण्ड|झारखंड]]&lt;br /&gt;
| occupation  = [[शिक्षा]] और [[लेखक]] &lt;br /&gt;
| nationality = [[भारतीय]]&lt;br /&gt;
| community = [[मुंडा आदिवासी]]&lt;br /&gt;
| period    = [[आधुनिक काल]] (1940-1978)&lt;br /&gt;
| genre    = [[ऑरेचर]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]], [[कहानी]], [[अनुवाद]]&lt;br /&gt;
| subject   = [[आदिवासी साहित्य]]&lt;br /&gt;
| movement   = [[झारखंड आंदोलन]]&lt;br /&gt;
| notableworks =  ‘एलिस एक्का की कहानियां’ (2015)&lt;br /&gt;
| spouse    = सोलोमन एक्का&lt;br /&gt;
| children   = डॉ॰ रेखा टोप्पो, नीला डे और डॉ॰ सिद्धार्थ एक्का&lt;br /&gt;
| relatives  = [[बिरसा मुंडा]]&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;एलिस एक्का&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (8 सितंबर 1917 - 5 जुलाई 1978) [[हिन्दी|हिंदी]] कथा-साहित्य में [[भारत]] की पहली महिला [[आदिवासी]] कहानीकार हैं &amp;lt;ref&amp;gt;{{cite news|title=देश की पहली महिला आदिवासी कथाकार एलिस एक्का...|url=https://bhadas.blogspot.in/2015/11/22.html?m=1|accessdate=3 जुलाई 2017|date=3 जुलाई 2017}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}&amp;lt;/ref&amp;gt;। हिंदी की पहली [[दलित]] कहानी लिखने का श्रेय भी एलिस एक्का को है&amp;lt;ref name=&amp;quot;ReferenceA&amp;quot;&amp;gt;वंदना टेटे, एलिस एक्का की कहानियां, राधाकृष्ण, [[(राजकमल प्रकाशन)]], नई दिल्‍ली, 2015, पृष्‍ठ 28&amp;lt;/ref&amp;gt;।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== आरंभिक जीवन, शिक्षा और परिवार ==&lt;br /&gt;
आपका जन्म [[राँची|रांची]] ([[झारखण्ड|झारखंड]]) में हुआ और 40 के दशक में [[अंग्रेजी साहित्य]] में स्नातक करने के बाद आपने लिखना शुरू किया। आपका पूरा नाम एलिस ख्रिस्तयानी पूर्ति है और वे [[आदिवासी विद्रोह]] के इतिहासप्रसिद्ध अगुआ [[बिरसा मुंडा]] के परिवार से संबंध रखती हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite news|title= विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी जीवन संस्कृति पर पांच किताबें|url=https://www.facebook.com/AdivasiLiterature/photos/pb.159723914221802.-2207520000.1462638917./409662212561303|accessdate=3 जुलाई 2017|date=3 जुलाई 2017}}&amp;lt;/ref&amp;gt; पूर्ति मुंडा आदिवासियों का गोत्र है। [[मुंडारी भाषा]] में गोत्र को मुंडा लोग ‘किली’ कहते हैं। एक किली के लोग एक साथ ही रहते हैं। एक ही गांव-क्षेत्र में जीते हैं और साथ-साथ दफनाये जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एलिस का परिवार 1900 में हुए मुंडा उलगुलान के पहले ही खूंटी टोली, [[सिमडेगा]] में बस गया था। एलिस के पिता नुअस पूर्ति पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर थे। जब वे रांची में पदास्थापित थे और रांची स्थित लाल सिरम टोली में रह रहे थे वहीं एलिस एक्का का जन्म 8 सितंबर 1917 को हुआ। [[ईसाई]] विश्वास के अनुसार उनका नामकरण संस्कार 25 दिसंबर 1917 को रांची के जीईएल चर्च में किया गया। वे अपनी मां मेरी पूर्ति और पिता नुअस पूर्ति के तीन संतानों में से एक हैं। ग्रेसी पूर्ति और बसंत पूर्ति उनके सगे भाई-बहन हैं जबकि आर्नेस्ट पूर्ति दूसरी मां से हुए भाई हैं। जिनका जन्म उनकी दूसरी मां फ्लोरा बाड़ा से हुआ। पिता नुअस पूर्ति ने उनकी मां की देहांत के बाद फ्लोरा बाड़ा से विवाह कर लिया था। &amp;lt;ref&amp;gt;वंदना टेटे, एलिस एक्का की कहानियां, राधाकृष्ण, [[(राजकमल प्रकाशन)]], नई दिल्‍ली, 2015, पृष्‍ठ 11-12&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एलिस एक्का की प्राईमरी से मैट्रिक तक की पढ़ाई संत मार्ग्रेट स्कूल, बहु बाजार, रांची में हुई। 1938 में ‘एब्रोजिनल फेलोशिप’ पाने और कलकत्ता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएशन करने वाली ग्रेटर झारखंड की वह पहली आदिवासी महिला हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite news|title= ‘एलिस एक्का की कहानियां’ और ‘आदिवासी दर्शन और साहित्य’ पुस्तकों का लोकार्पण|url=http://www.lenseye.co/%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82|accessdate=3 जुलाई 2017|date=3 जुलाई 2017}}&amp;lt;/ref&amp;gt; उनके प्रथम ग्रेजुएट होने पर जिला स्कूल, रांची में लगा मेधा स्मारक आज भी मौजूद है। बांकीपुर, पटना के टीचर्स ट्रेनिंग स्कूल से बाद में उन्होंने बीएड किया और रांची विश्वविद्यालय, रांची से 1963-64 में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एलिस का विवाह 8 जून 1947 को सोलोमोन एक्का से हुआ। सोलोमन मूलतः पिस्का नगड़ी, रांची के रहने वाले थे और वे [[उराँव|उरांव]] आदिवासी समुदाय से आते हैं। सोलोमन डिप्टी डायरेक्टर, कृषि विभाग (सोयल कंजरवेशन) के पद से सेवानिवृत्त हुए और 1996 में उनकी मृत्यु हुई। एलिस और सोलोमन के तीन बच्चे हुए - डॉ॰ रेखा टोप्पो, नीला डे और डॉ॰ सिद्धार्थ एक्का। रेखा मेडिकल प्रोफेशन में गई और सेवानिवृति के बाद बोकारो में रह रही हैं। एकमात्रा बेटा सिद्धार्थ गोस्सनर कॉलेज, रांची के प्राचार्य हैं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;ReferenceB&amp;quot;&amp;gt;वंदना टेटे, एलिस एक्का की कहानियां, राधाकृष्ण, [[(राजकमल प्रकाशन)]], नई दिल्‍ली, 2015&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पेशे के रूप में एलिस ने शिक्षकीय जीवन को चुना। गर्वनमेंट गर्ल्स स्कूल पुरुलिया, संत मार्ग्रेट स्कूल, बहु बाजार और चांदमल बाल मंदिर स्कूल, रातू रोड, रांची में उन्होंने समय-समय पर अध्यापन कार्य किया। लेकिन उनकी योग्यता के अनुसार उन्हें अध्यापन का काम तभी मिल पाया जब नवंबर 1971 में [[झारखंड आंदोलन]] के आदिवासी बुद्धिजीवी डॉ. निर्मल मिंज की अगुआई में गोस्सनर कॉलेज की स्थापना हुई। डॉ. मिंज के आमंत्रण पर वे कॉलेज जुड़ीं और 1972 से उन्होंने वहां अंग्रेजी पढ़ाना शुरू किया। जीवन का साथ छोड़ देने से पहले तक वे वहीं अध्यापक रहीं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;ReferenceB&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एलिस की मृत्यु 61 वर्ष की उम्र में 5 जुलाई 1978 को गुंगुटोली (बहु बाजार के पास), रांची में हुई। उन्हें कांटाटोली, रांची के सीएनआई कब्रिस्तान में दफनाया गया जबकि उनके पति सोलोमन जीईएल चर्च के कब्रिस्तान में दफनाये गए।&amp;lt;ref name=&amp;quot;ReferenceB&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== साहित्य सृजन ==&lt;br /&gt;
मृदुभाषी, बहुत कम पर सटीक बोलने वाली, सहज और सुंदर व्यक्तित्व था उनका। ममत्व, संरक्षण और स्नेह से भरा हुआ व्यवहार। समकालीन अंग्रेजी-हिन्दी व झारखंडी भाषाओं के साहित्य और समसामयिक हलचलों से घिरे रहना, दिन-रात पढ़ना और लिखना उनकी दिनचर्या थी। कहानी लिखना और विश्व साहित्य का अनुवाद करना उनकी प्रकृति थी।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite news|title=आदिवासी साहित्य के लिए आदिवासी दर्शन जानना जरूरी|url=http://www.prabhatkhabar.com/news/ranchi/story/619540.html|accessdate=3 जुलाई 2017|date=3 जुलाई 2017}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}&amp;lt;/ref&amp;gt; खलील जिब्रान की अनेक रचनाओं का उन्होंने अनुवाद किया है। उनके जीवन के बारे में बहुत ज्ञात नहीं है। उनसे संबंधित दस्तावेज, उनकी प्रकाशित रचनाएं और पांडुलिपियां, उनकी समृद्ध लायब्रेरी आदि परिवार द्वारा नहीं सहेजे जाने के कारण समय के थपेड़ों में गुम हो गई। इसलिए यह जान पाना बहुत मुश्किल है कि जो अनमोल सृजन उन्होंने नागपुरी, हिन्दी आदि में किया, वह कितना और कैसा था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आपकी अनेक कहानियां 1947 में रांची से प्रकाशित ‘आदिवासी’ पत्रिका में छपी। सुप्रसिद्ध आदिवासी साहित्यकार [[वंदना टेटे]] ने आपकी कहानियों को ढूंढ निकाला जिसे 2015 में ‘एलिस एक्का की कहानियां’ शीर्षक से कथा संकलन के रूप में राधाकृष्ण (राजकमल), दिल्ली ने प्रकाशित किया है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite news|title=आदिवासी कथाकार एलिस एक्का की कहानियों का लोकार्पण कल|url=http://ranchiexpress.com/%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%95/|accessdate=3 जुलाई 2017|date=3 जुलाई 2017}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== हिंदी की पहली दलित कथा लेखिका ==&lt;br /&gt;
एलिस एक्का हिंदी साहित्य की पहली दलित कथा लेखिका भी हैं। ‘आदिवासी’ पत्रिका के जनवरी 1962 अंक में छपी ‘दुर्गी के बच्चे और एल्मा की कल्पनाएं’ हिंदी की पहली दलित कहानी है। इस कहानी के केन्द्र में दो अवर्ण महिलाएं हैं, एक आदिवासी और दूसरी दलित, और दोनों एकदूसरे के सुख-दुःख के साथ खड़ी हैं। प्रकाशन के लिहाज से प्रेमचंद के बाद दलित विषय पर लिखी गई यह हिंदी की पहली दलित कहानी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मराठी दलित लेखक बाबुराव बागुल का पहला कहानी संग्रह 1963 में छपा था ‘जब मैंने जात छुपायी’। कुछ लोग डॉ. अंगनेलाल लिखित ‘आदिवंश कथा’ (1968) को पहली दलित कहानी मानते हैं। इस प्रकार 1963 के पूर्व जयशंकर प्रसाद, प्रेमचंद, पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ आदि को छोड़कर उनके पूर्व हिंदी अथवा मराठी में किसी दलित कहानी के प्रकाशन का ब्यौरा नहीं मिलता। कम से कम अवर्ण लेखकों की किसी दलित कथा का तो जिक्र नहीं ही मिलता हे। आठवें दशक के बाद ही हम हिंदी और मराठी दोनों में दलित साहित्य का सुगठित उभार देखते हैं। अतः इसमें कोई संदेह नहीं कि ‘दुर्गी के बच्चे और एल्मा की कल्पनाएं’ किसी अवर्ण लेखक द्वारा लिखी गई भारत की पहली हिंदी कहानी है। &amp;lt;ref name=&amp;quot;ReferenceA&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रकाशित कृति ===&lt;br /&gt;
{{मुख्य|एलिस एक्का की कहानियां}}&lt;br /&gt;
एलिस एक्का के जीवन काल में उनकी सारी रचनाएं मुख्य रूप से तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा रांची से प्रकाशित ‘आदिवासी’ पत्रिका में छपी। उन दिनों एक यही पत्रिका थी जिसमें आदिवासियों की रचनाएं छपा करती थीं। अथक श्रम और शोध के बाद आदिवासी साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी [[वंदना टेटे]] ने उनकी अनेक कहानियां और दूसरी रचनाएं खोज निकालीं। जिसका प्रकाशन कथा संकलन ‘&amp;#039;&amp;#039;[[एलिस एक्का की कहानियां]]&amp;#039;&amp;#039;’&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite news|title=Alice Ekka Ki Kahaniyan|url=http://www.rajkamalprakashan.com/default/alice-ekka-ki-kahaniyan|accessdate=3 जुलाई 2017|date=3 जुलाई 2017}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}&amp;lt;/ref&amp;gt; के रूप में राधाकृष्ण (राजकमल), दिल्ली से प्रकाशित हुआ है। इस संकलन में उनकी मौलिक हिंदी कहानियां और खलील जिब्रान के साहित्य का अनुवाद शामिल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:आदिवासी]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:आदिवासी (भारतीय)]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:साहित्य]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:भारतीय साहित्य]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्य]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:आदिवासी साहित्य]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:आदिवासी साहित्यकार]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:भारतीय आदिवासी महिला साहित्यकार]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:रांची के लोग]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:1917 में जन्मे लोग]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:१९७८ में निधन]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;InternetArchiveBot</name></author>
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