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	<title>जपमाला - अवतरण इतिहास</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Adding 1 book for &lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;विकिपीडिया:सत्यापनीयता (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;सत्यापनीयता&lt;/a&gt; (20210113)) #IABot (v2.0.7) (&lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:GreenC_bot&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य:GreenC bot (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;GreenC bot&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{Refimprove|article|date=November 2007}}&lt;br /&gt;
[[Image:Japa mala (prayer beads) of Tulasi wood with 108 beads - 20040101-01.jpg|thumb|275px|जप माला अग्रभूमि में सिर मनका के साथ [[तुलसी]] की लकड़ी से बनी]]&lt;br /&gt;
एक जप माला या माला (संस्कृत: माला अर्थ गार्लेंड)&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite book|last=आप्टे | first=व्ही.एस | title= द प्रैक्टिकल संस्कृत डिक्शनरी  |url=https://archive.org/details/practicalsanskri00apte | place=दिल्ली  | publisher=मोतीलाल बनारसिदास प्रकाशक |year=१९६५ | edition=चौथा संशोधित और विस्तारित |isbn=81-208-0567-4Harvnb|p=[https://archive.org/details/practicalsanskri00apte/page/758 758]}}&amp;lt;/ref&amp;gt; आमतौर पर हिंदू, बौद्ध, जैन और कुछ सिखों के द्वारा आध्यात्मिक अभ्यास जिसे [[संस्कृत]] में जप के रूप में जाना जाता हैं उसे प्रार्थना में उपयोग की जाने वाली प्रार्थना मनका की तार की एक माला है। यह आमतौर पर १०८ मनको से बनी होती है, हालांकि अन्य संख्याओं का भी उपयोग किया जाता है। माला का उपयोग, मंत्र या देवता के नाम या नामों को दोहराते हुए, जप करते हुए या मानसिक रूप से दोहराने के समय गिनती रखने के लिए किया जाता हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उपयोग==&lt;br /&gt;
मंत्रो को आमतौर पर सौ या हज़ारों बार दोहराए जाते हैं। माला का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि कोई अपने दुहराव की गणना करने के बजाय मंत्र के अर्थ या ध्वनि पर ध्यान केंद्रित कर सके। आमतौर पर प्रत्येक मनका के चारों ओर दक्षिणावर्त अंगूठे को घुमाते हुए प्रत्येक मनका के लिए एक दुहराव कहा जाता है, हालांकि कुछ परंपराएं या प्रथाएं वामावर्त गति या विशिष्ट उंगली के उपयोग के लिए कह सकती हैं। जब कोई मुख्य मनके पर पहुंचता हैं तो माला को घुमाकर फिर से विपरीत दिशा से शरु करते हैं। प्रत्येक मनके के बीच आम तौर पर गांठ होती हैं ।यह माला के उपयोग को आसान बनाता है क्योंकि उपयोग करते समय मनके तार पर तंग नहीं होंगे ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यदि १०८ से अधिक दोहराव किए जाने हैं, तो कभी-कभी तिब्बती परंपराओं में चावल के दाने को जप करने से पहले गिना जाता है और प्रत्येक १०८ दुहराव के लिए कटोरे में एक दाना रखा जाता है। प्रत्येक बार पूरी माला का दोहराव पूरा होने पर कटोरे में से चावल का दाना निकाला जाता हैं। अक्सर साधना करने वाले, आमतौर पर दस के तारों में अपनी माला में अतिरिक्त काउंटर जोड़ते हैं । परंपरा के आधार पर इन्हें अलग-अलग स्थान पर रखा जा सकता है, उदाहरण के लिए कुछ परंपराएं हर १०वें मनके के बाद इन तारों को रखती हैं। यह बड़ी संख्याओं का ध्यान रखने का एक वैकल्पिक तरीका है, कभी-कभी सैकड़ों हजारों और यहां तक ​​कि लाखों में भी जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
माला पर १०९वी मनका को सुमेरू, बिंदू, स्तूपा या गुरु मनका कहा जाता है । गिनती हमेशा सुमेरु  के बगल में एक मनका के साथ शुरू होनी चाहिए । [[हिंदू]], [[वैदिक]] परंपरा में, यदि एक से अधिक दोहराव की माला की जानेवाली हो, तो व्यक्ति इसे पार करने के बजाय सुमेरू तक पहुंचने पर दिशा बदलता हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कई स्पष्टीकरण हैं कि क्यों १०८ मनका हैं, जिसमें संख्या १०८ मनका कई हिंदू और बौद्ध परंपराओं में विशेष [[धार्मिक]] महत्व रखते हैं ।&lt;br /&gt;
* २७ नक्षत्र X ४ पद (भागों) = १०८&lt;br /&gt;
* १२ राशि चक्रघरों X ९ ग्रह = १०८&lt;br /&gt;
* उपनिषद या वेदों के ग्रंथों  = १०८&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस प्रकार जब हम संख्या १०८ पढ़ते या सुनाते हैं, तो हम वास्तव में पूरे ब्रह्मांड को याद कर रहे हैं । यह हमें इस तथ्य की याद दिलाता है कि ब्रह्मांड स्वयं सर्वव्यापी है, यह स्वयं की सहज प्रकृति है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=http://www.healthandyoga.com/html/news/meditation/Sacred_Mala_Beads.aspx|title=पवित्र माला मोती|access-date=23 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180725062416/http://www.healthandyoga.com/html/news/meditation/Sacred_Mala_Beads.aspx|archive-date=25 जुलाई 2018|url-status=dead}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==उपयोग में भिन्नताएं==&lt;br /&gt;
कुछ हिंदू परंपराओं का मानना ​​है कि एक माला का उपयोग करने का सही तरीका दाएं हाथ के साथ है, अंगूठे के साथ एक मनका को दुसरे से धक्का मारके आगे बढ़ाया जाता हैं और माला को मध्य उंगली पर लपेटा जाता हैं। तर्जनी उंगली अहंकार का प्रतिनिधित्व करती है, आत्म-प्राप्ति के लिए सबसे बड़ी बाधा, इसलिए माला पर जप करते समय इसे सबसे अच्छी तरह टाला जा सकता हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पूर्वोत्तर भारत में विशेष रूप से [[पश्चिम बंगाल]] और [[आसाम]] में शक्ता परंपराओं में, माला अक्सर दाहिने हाथ की अनामिका उंगली पर लपेटा जाता है, साथ ही मनका अंगूठे की सहायता से मध्य अनामिका से घुमाकर आगे बढ़ाया जाता हैं और तर्जनी उंगली का उपयोग टालते हैं। हालांकि बीच की उंगली पर माला डालना और मनका को घुमाने के लिए अंगूठे का उपयोग करना इन क्षेत्रों में भी स्वीकार्य है।&lt;br /&gt;
==सामग्री==&lt;br /&gt;
माला के मनका बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। [[रुद्राक्ष]] वृक्ष के बीज से बने मोती को शैवा, शिव के भक्तों द्वारा पवित्र माना जाता है, जबकि तुलसी पौधे की लकड़ी से बने मोती का वैष्णव, [[विष्णु]] के अनुयायी द्वारा उपयोग और सम्मानित किया जाता हैं। अन्य आम मनका में [[चंदन]] के पेड़ की लकड़ी या बोढ़ी पेड़, और कमल के पौधे के बीज शामिल हैं। कुछ तिब्बती [[बौद्ध]] परंपराएं जानवरों की हड्डी (आमतौर पर याक) का उपयोग करते हैं जो पिछले लामा के सबसे मूल्यवान हैं। कार्नेलियन और एमेथिस्ट जैसे अर्द्ध कीमती पत्थरों का भी उपयोग किया जा सकता है। हिंदू तंत्र के साथ-साथ बौद्ध तंत्र (या वज्रयान) में, सामग्री और मनका के रंग एक विशिष्ट अभ्यास से संबंधित हो सकते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://www.rudraksha-ratna.com/articles/spiritual-malas|title=जपमाला|publisher=रुद्राक्ष-रत्न.कॉम|access-date=23 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180517210304/http://www.rudraksha-ratna.com/articles/spiritual-malas|archive-date=17 मई 2018|url-status=dead}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
{{टिप्पणीसूची}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:विष्णु]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:वैदिक धर्म]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;InternetArchiveBot</name></author>
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