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	<title>दशावतार - अवतरण इतिहास</title>
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	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>2409:4051:1:1F:33A5:4529:6954:A767: /* विष्णु के दस अवतार */</title>
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		<updated>2021-08-26T15:28:51Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&lt;span class=&quot;autocomment&quot;&gt;विष्णु के दस अवतार&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;[[चित्र: Vishnu_Avatars.jpg|thumb|300px|भगवान [[विष्णु]] दसों अवतारों सहित]] &lt;br /&gt;
[[हिन्दू धर्म]] में विभिन्न देवताओं के [[अवतार]] की मान्यता है। प्रायः [[विष्णु]] के दस अवतार  माने गये हैं जिन्हें &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;दशावतार&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; कहते हैं। इसी तरह [[शिव]] और अन्य देवी-देवताओं के भी कई अवतार माने गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==[[विष्णु]] के दस [[अवतार]]==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Dashaavathaaram ദശാവതാരം.jpg|right|thumb|250px|[[गोवा]] के श्री बालाजी मंदिर के कपाट पर दशावतारों का चित्रण]]&lt;br /&gt;
भगवान [[विष्णु]] हिन्दू [[त्रिमूर्ति|त्रिदेवों]] (तीन महा देवताओं) में से एक हैं। निर्माण की योजना के अनुसार, वे [[ब्रह्माण्ड]] के निर्माण के बाद, उसके विघटन तक उसका संरक्षण करते हैं। भगवान [[विष्णु]] के दस अवतारों को संयुक्त रूप से &amp;#039;दशावतार&amp;#039; कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जब मानव अन्याय और अधर्म के दलदल में खो जाता है, तब भगवान विष्णु उसे सही रास्ता दिखाने हेतु [[अवतार]] ग्रहण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रीमद्भगवद्गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] के द्वारा कहा गया है :&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;।&lt;br /&gt;
: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;अभ्युथानम् अधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;॥&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;।&lt;br /&gt;
: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे-युगे&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;॥&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;अर्थात् जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान हो जाता है, तब-तब सज्जनों के परित्राण और दुष्टों के विनाश के लिए मैं विभिन्न युगों में (माया का आश्रय लेकर) उत्पन्न होता हूँ।&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
भगवान [[विष्णु]] के दस अवतार हैं :&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# [[मत्स्य अवतार|मत्स्य]] &lt;br /&gt;
# [[कूर्म अवतार|कूर्म]]&lt;br /&gt;
# [[वराहावतार|वराह]]&lt;br /&gt;
# [[नरसिंह]]&lt;br /&gt;
# [[वामन् अवतार|वामन]]&lt;br /&gt;
# [[परशुराम अवतार|परशुराम]]&lt;br /&gt;
# [[श्रीराम|राम]]&lt;br /&gt;
# [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
# [[बुद्धावतार|बुद्ध]]&lt;br /&gt;
# [[कल्कि]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पहले तीन अवतार, अर्थात् मत्स्य, कूर्म और वराह प्रथम महा[[युग]] में अवतीर्ण हुए। पहला महा[[युग]] [[सत्य युग]] या [[कृत युग]] है। नरसिंह, वामन, परशुराम और राम दूसरे अर्थात् [[त्रेतायुग]] में अवतरित हुए।&lt;br /&gt;
[[कृष्ण]] और [[वेदव्यास]] [[द्वापर]] युग में अवतरित हुए। इस समय चल रहा युग [[कलियुग]] है और [[भागवत पुराण]] की भविष्यवाणी के आधार पर इस युग के अंत में [[कल्कि]] अवतार होगा। इससे अन्याय और अनाचार का अंत होगा तथा न्याय का शासन होगा जिससे [[सत्य युग]] की फिर से स्थापना होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विस्तार ===&lt;br /&gt;
हिन्दू धर्म-ग्रन्थों में सामान्यतः दशावतार की उपर्युक्त सूची स्वीकृत है, लेकिन विभिन्न ग्रन्थों में कुछ अंतर भी हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उदाहरण के लिए, कुछ धार्मिक समूहों की मान्यता के अनुसार [[कृष्ण]] ही परमात्मा हैं और दशावतार कृष्ण के ही दस अवतार हैं; अतः उनकी सूची में कृष्ण नहीं बल्कि उनके स्थान पर बलराम होते हैं। कुछ लोग बलराम को एक अवतार मानते हैं, बुद्ध को नहीं। सामान्यतः [[बलराम]] को आदिशेष (विष्णु के विश्राम के आधार) का अवतार माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दशावतार के बारे में अन्य विचारों में, कुछ लोग अवतारों के क्रम को युक्तिसंगत बनाने की कोशिश में, उन्हें विकासवादी [[डार्विन]] के सिद्धान्त से जोड़ते हैं। इस विचार के अनुसार अवतार जलचर से भूमिवास की ओर बढ़ते क्रम में हैं; फिर आधे जानवर से विकसित मानव तक विकास का क्रम चलते गया है। इस प्रकार दशावतार क्रमिक विकास का प्रतीक या रूपक की तरह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==इन्हें भी देखें==&lt;br /&gt;
* [[अवतार]]&lt;br /&gt;
* [[विष्णु]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
* [https://web.archive.org/web/20121130155045/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/17133974.cms दशावतार में निहित है मानव जाति के विकास की रूपरेखा] (नवभारत टाइम्स)&lt;br /&gt;
* [https://web.archive.org/web/20160307004328/http://www.dhaakar.blogspot.in/2012/04/blog-post.html ‘दशावतार... या फिर पृथ्वी पर जीव की प्रगति का क्रम?’]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{दशावतार}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:विष्णु अवतार]]&lt;/div&gt;</summary>
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