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	<title>पुष्करद्वीप - अवतरण इतिहास</title>
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	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>imported&gt;Sanjeev bot: बॉट: वर्तनी एकरूपता।</title>
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		<updated>2017-02-02T19:25:04Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;बॉट: वर्तनी एकरूपता।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;हिन्दु धर्म में विष्णु पुराण के अनुसार पृथ्वी का वर्णन इस प्रकार है।&lt;br /&gt;
यह वर्णन श्रीपाराशर जी ने श्री मैत्रेय ऋषि से कियी था। उनके अनुसार इसका वर्णन सौ वर्षों में भी नहीं हो सकता है। यह केवल अति संक्षेप वर्णन है।&lt;br /&gt;
== पृथ्वी के द्वीप ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;!-- Commented out: [[चित्र:Dweep.JPG‎|400px|thumb|पृथ्वी के द्वीपों और सागरों की स्थिति]] --&amp;gt;&lt;br /&gt;
यह [[पृथ्वी]] सात द्वीपों में बंटी हुई है। वे द्वीप एस प्रकार से हैं:-&lt;br /&gt;
# [[जम्बूद्वीप]]&lt;br /&gt;
# [[प्लक्षद्वीप]]&lt;br /&gt;
# [[शाल्मलद्वीप]]&lt;br /&gt;
# [[कुशद्वीप]]&lt;br /&gt;
# [[क्रौंचद्वीप]]&lt;br /&gt;
# [[शाकद्वीप]]&lt;br /&gt;
# पुष्करद्वीप&lt;br /&gt;
ये सातों द्वीप चारों ओर से क्रमशः खारे पानी, इक्षुरस, मदिरा, घृत, दधि, दुग्ध और मीठे जल के सात समुद्रों से घिरे हैं।&lt;br /&gt;
ये सभी द्वीप एक के बाद एक दूसरे को घेरे हुए बने हैं और इन्हें घेरे हुए सातों समुद्र हैं। जम्बुद्वीप इन सब के मध्य में स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पुष्करद्वीप का वर्णन ==&lt;br /&gt;
इस द्वीप के स्वामि सवन थे। इनके दो पुत्र थे: महावीर और धातकि। क्षीर सागर अपने से दूने विस्तार वाले पुष्करद्वीप से चारों ओर से घिरा हुआ है। यहां एक ही पर्वत और दो ही वर्ष हैं। &lt;br /&gt;
=== पर्वत ===&lt;br /&gt;
मानसोत्तर नामक एक ही वर्षपर्वत है। यह वर्ष के मध्य में स्थित है। यह पचास हजार योजन ऊंचाऔर इतना ही सब ओर से गोलाकार फ़ैला हुआ है। इससे दोनों वर्ष विभक्त होते हैं और वलयाकार ही रहते हैं। &lt;br /&gt;
=== नदियां ===&lt;br /&gt;
यहां कोई नदियां या छोटे पर्वत नहीं हैं।&lt;br /&gt;
=== दो वर्ष ===&lt;br /&gt;
महवीर खण्ड औ धातकि खण्ड। महावीरखण्ड वर्ष पर्वत के बाहर की ओर है और बीच में धातकिवर्ष है।&lt;br /&gt;
यहां वंग, मागध, मानस और मंगद नामक चार वर्ण हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहां अति महान न्यग्रोध (वट) वृक्ष है, जो [[ब्रह्मा]] जी का निवासस्थान है&lt;br /&gt;
यह द्वीप अपने ही बराबर के मीठे पानी से भरे समुद्र से चारों ओर से घिरा हुआ है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें ==&lt;br /&gt;
{{हिन्दू पृथ्वी}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:विष्णु पुराण]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू कथाएं]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू इतिहास]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:पृथ्वी के द्वीप]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:पुष्करद्वीप]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;Sanjeev bot</name></author>
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