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	<title>मंददृष्टि - अवतरण इतिहास</title>
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	<updated>2026-08-26T16:37:07Z</updated>
	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>imported&gt;EatchaBot: बॉट: पुनर्प्रेषण ठीक कर रहा है</title>
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		<updated>2020-03-12T14:19:04Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;बॉट: पुनर्प्रेषण ठीक कर रहा है&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;मंददृष्टि&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (Amblyopia) ऐसा विकार है जिसमें यद्यपि बाहर से [[आँख|नेत्र]] पूर्णत: स्वस्थ दिखाई देते हैं, परंतु वस्तुत: उनमें किसी भी चीज को स्पष्ट देखने की क्षमता नहीं रहती।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
यह विकार कभी-कभी जन्मजात होता है तथा कभी-कभी किसी रोग के उपद्रवस्वरूप बाद में भी उत्पन्न हो जाता है। जन्म से ही दृष्टि में कमी का होना प्राय: एक ही आँख में मिलता है। प्रधान कारण नेत्र की आवर्तन संबंधी विकृति, [[अपवर्तन दोष|विषम दृष्टि]] है तथा इसके साथ ही साथ उस नेत्र में [[निकटदृष्टि दोष|निकटदृष्टि]] एवं [[दूरदृष्टि]] विकार भी रहता है। इस कारण का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि दृष्टि की यह कमी जन्मजात नहीं, बल्कि बाद में ही उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि आवर्तन संबंधी विकृति को चश्मे द्वारा ठीक न करने के कारण वस्तु का चित्र ठीक दृष्टिपटल पर नहीं बनता, जिसका फल यह होता है कि उस [[दृष्टि पटल|दृष्टिपटल]] (retina) से देखने का कार्य लिया ही नहीं जाता, जिसके कारण देखने के कार्य में निपुण बनना तो दूर रहा, दृष्टिपटल अपनी प्रकृतिप्रदत्त शक्ति को भी खो देता है। इस प्रकार की अवस्था को &amp;#039;कार्य संलग्नता जनित मंददृष्टि&amp;#039; (Amblyopia Exanopsia) कहते हैं। इसलिये यह आवश्यक है कि जन्मजात या शैशवकालीन [[मोतियाबिंद]] की [[शल्यचिकित्सा|शल्य चिकित्सा]] शीध्र करा लेनी चाहिए, ताकि कार्य न करने के कारण दृष्टिपटल अपनी शक्ति न खो दे। सात या आठ वर्ष की उम्र के पश्चात् उत्पन्न दृष्टि बाधा इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं करती।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस प्रकार के रोगियों में यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पूर्ण सावधानी के साथ परीक्षा करने के पश्चात् भी [[चश्मा]] देने से आरंभ में लाभ नहीं मालूम पड़ता, बल्कि जब कुछ दिनों तक चश्मा लगा लिया जाता है तभी उससे कुछ लाभ मालूम पड़ने लगता है, क्योंकि दीर्घ काल से बेकार दृष्टिपटल धीरे धीरे ही देखने का अभ्यासी होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एकनेत्रीय मंददृष्टि बहुधा [[तिर्यक दृष्टि]] (squint) का कारण बन जाती है, क्योंकि इस अवस्था में एक नेत्र के विकृत होने के कारण द्विनेत्री दृष्टि (binocular vision) का कुछ भी महत्व नहीं रहता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[हिस्टीरिया]] में होनेवाली मंददृष्टि (hysterical amblyopia) के अंदर पुतली और फंडस (fundus) तो स्वाभाविक अवस्था में रहते हैं, परंतु परीक्षा करने पर [[दृष्टिक्षेत्र]] (field of vision) में सर्पिल प्रतिबंध (spiral restriction) मिलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{Commonscat|Amblyopia}}&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:रोग]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:आँख]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;EatchaBot</name></author>
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