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	<title>माथेरान - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>imported&gt;चक्रबोट: ऑटोमैटिड वर्तनी सुधार</title>
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		<updated>2021-05-06T04:58:02Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;ऑटोमैटिड वर्तनी सुधार&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;[[चित्र:Hairpinatmatheran.JPG|thumb|500px|center|माथेरान को जाने वाले एक &amp;#039;हेयर-पिन&amp;#039; मार्ग का दृष्य]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;माथेरान&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;, [[मुंबई]] से मात्र ११० किलोमीटर दूर [[रायगढ़]] जिले में मौजूद है प्राकृतिक खूबसूरती से भरा छोटा सा हिल स्टेशन - माथेरान। कर्जत तहसील के अंदर आने वाला यह भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन है। यह पश्चिमी घाट पर्वत शृंखला में समुद्र तल से ८०० मीटर (२६२५ फीट) की उँचाई पर बसा है। मुंबई और पुणे से इसकी दूरी क्रमशः ९० और १२० किलो मीटर है। बड़े शहरोंसे इसकी निकटता के कारण मातेरान शहरी नागरिकों के लिए एक सप्ताहांत बिताने के लिए लोकप्रिय स्थल है। यहां की खासियत है कि यहां किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश वर्जित है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.business-standard.com/article/specials/matheran-a-car-free-hill-resort-115040900732_1.html |title=माथेरान - एक कार मुक्त पहाड़ी सैरगाह |publisher=बिसिनेस-स्टैण्डर्ड.कॉम |accessdate=११ अप्रैल २०१५ |archive-url=https://web.archive.org/web/20160512063508/http://www.business-standard.com/article/specials/matheran-a-car-free-hill-resort-115040900732_1.html |archive-date=12 मई 2016 |url-status=live }}&amp;lt;/ref&amp;gt; यही वजह है कि यहां का वातावरण मन को शांति प्रदान करता है। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ पल बिताने के लिये माथेरान बिल्कुल उपयुक्त स्थान है। मुंबई, पुणे और नाशिक के लोगों की तो यह पसंदीदा जगह है ही लेकिन अब उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों को भी यह स्थान अपनी ओर आकर्षित करने लगा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
समुद्र तल से ८०० मीटर की ऊँचाई पर स्थित देश के इस सबसे छोटे हिल स्टेशन की खोज मई १८५० में ठाणे जिले के कलेक्टर ह्यूज पोयन्ट्‌स मलेट ने की थी। मुंबई के तत्कालीन गवर्नर लॉर्ड एल्फिंस्टोन ने यहां भविष्य के हिल स्टेशन की नींव रखी और गर्मी के दिनों में वक्त गुजारने की दृष्टि से इसे विकसित किया गया। ५००० की आबादी वाला यह कस्बा आज शहरी लोगों के लिए सप्ताहांत बिताने का मनपसंद स्थान बन गया है। मुंंबई, पुणे और सूरत से आसानी से पहुंचे जा सकने के कारण भी लोगों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
माथेरान का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है नेरल स्टेशन जो यहां से ९ किलोमीटर दूर है। इसके आगे वाहनों का प्रवेश वर्जित है। आगे जाने के लिए या तो पैदल जाना होगा, या बग्गी, रिक्शे या घोड़ों का प्रयोग करना होगा। लेकिन यहां पहुंचने का सबसे अच्छा साधन है यहां की टॉय ट्रेन जिसके हाल ही में १०० साल पूरे हुए हैं। पहाड़ों पर चढ़ती उतरती इस ट्रेन में बैठकर ढाई घंटे की यात्रा में खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का आनंद उठाया जा सकता है। इसके अलावा ट्रॉली से भी यहां तक पहुंचा जा सकता है। माथेरान में प्रवेश करते ही यहां का वातावरण और शुद्ध हवा मन को ताजगी और स्फूर्ति से भर देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस छोटे से हरे-भरे शहर में साल भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। लेकिन यहां आने का सबसे अच्छा मौसम है मानसून। उस समय घाटियों में फैला कोहरा, हवा में तैरते बादल और भीगा-भीगा मौसम एक अलग ही समां पैदा करते हैं। माथेरान में प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए ३८ दृश्य बिंदु (व्यू पॉइंट्‌स) हैं जहां से वादियों में दूर तक फैली सुंदरता को आंखों में बसाया जा सकता है। इसके अलावा माउंट बेरी और शारलॉट लेक भी यहां के मुख्य आकर्षण हैं। माउंट बेरी से नेरल से आती हुई ट्रेन का दृश्य देखा जा सकता है। पहाड़ों पर हरियाली के बीच से घूम-घूम कर आती ट्रेन का दृश्य वाकई अभिभूत कर देता है। वहीं शारलॉट लेक यहां से सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक है। लेक के दायीं ओर पीसरनाथ का प्राचीन मंदिर है। वहीं बायीं और दो पिकनिक स्पॉट लुईस पॉइंट और इको पॉइंट हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हनीमून पॉइंट पर रस्सी के द्वारा घाटी को पार करने का साहसिक और रोमांचक कार्य का भी अनुभव यहां किया जा सकता है। इसके अलावा एलेक्जेंडर पॉइंट, रामबाग पॉइंट, लिटिल चौक पॉइंट, चौक पॉइंट, वन ट्री हिल पॉइंट, ओलंपिया रेसकोर्स, लॉर्डस पॉइंट, सेसिल पॉइंट, पनोरमा पॉइंट इत्यादि अनेक स्थानों पर जाकर प्रकृति की खूबसूरती का अहसास कर सकते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिये यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
माथेरान का शाब्दिक अर्थ होता है माथे (पर्वत के) पर स्थित अरन्य। पर्यावरण की दृष्टि से अतिसंवेदनशील होने के कारण यह पूरे एशिया एक मात्र स्वचालित वाहन मुक्त हिल स्टेशन है।&lt;br /&gt;
माथेरान में पनोरमा पॉइंट सहित लगभग ३६ पूर्व निस्चित लुक-आउट पायंट्स हैं जहाँ से आप आस पास के सारे क्षेत्र के अलावा नेरल शाहर का भी विहंगम दृश्य प्राप्त कर सकते है। पनोरमा पॉइंट से सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा बहुत नाटकीय और मनोरम होता है। लूयीसा पॉइंट के प्रबल फ़ोर्ट का सुस्पष्ट दर्शन होता है। वन ट्री हिल पॉइंट, हार्ट पॉइंट, मंकी पॉइंट, पोर्क्युपाइन पॉइंट, रामबाघ पॉइंट इत्यादि यहाँ के अन्य मुख्य पॉइंट हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
माथेरान की खोज १८५० में थाने जिले के तत्कालीन डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ह्यू पायंट्ज़ मेल्ट द्वारा की गयी थी।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://ritpal.blogspot.in/2015/07/matheran-history.html |title=माथेरान का इतिहास |publisher=रिटपल.ब्लागस्पाट.इन |accessdate=७ जुलाई २०१५ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170929154918/http://ritpal.blogspot.in/2015/07/matheran-history.html |archive-date=29 सितंबर 2017 |url-status=dead }}&amp;lt;/ref&amp;gt; उस समय के बंबई के गवर्नर लॉर्ड एलफिन्सटोन ने इस भावी हिल स्टेशन की आधारशिला रखी। अँग्रेज़ सरकार ने इस इलाक़े में पड़ने वाली गर्मी से बचाव के लिए माथेरान का विकास किया। माथेरान हिल रेलवे का निर्माण १९०७ में सर आदंजी पीर्भोय द्वारा किया गया था। घने जंगलो के विशाल इलाक़े में फैला यह रेलवे २० किलो मीटर (१२ मिल) की दूरी तय करता है। माथेरान लाइट रेलवे के नाम से भी मशहूर इस स्थान का युनेसको वर्ल्ड हेरिटेज साइट के अधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण किया गया था पर यह वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान पाने में असफल रहा।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://archive.indianexpress.com/news/neralmatheran-misses-world-heritage-site-target/655167/ |title=नेरल-माथेरान, वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान पाने में असफल रहा |publisher=इंडियनएक्सप्रेस.कॉम |accessdate=१६ दिसमबर २०१५ |archive-url=https://web.archive.org/web/20160313090321/http://archive.indianexpress.com/news/neralmatheran-misses-world-heritage-site-target/655167/ |archive-date=13 मार्च 2016 |url-status=live }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वन और वन्य जीवन==&lt;br /&gt;
माथेरान को केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है और यह अपने आप में एक स्वास्थ्य आरोग्यआश्रम कहा जा सकता है। इस इलाक़े के अनेको सूखे पेड़ो का संग्रह ब्लात्तेर हर्बेरियम, स्ट्रीट। आइयेवियर&amp;#039;स कॉलेज, बॉमबे, मुंबई में देखा जा सकता है। माथेरान में उपस्थित एक मात्र स्वचालित वाहन इसकी नगरपालिका द्वारा संचालित एम्बुलेंस ही है। किसी भी निजी स्वचालित वाहन को अनुमति नहीं दी जाती। माथेरान के भीतर यातयात के साधानो के रूप में घोड़े और हाथ से खींचे जाने वाला रिक्सा ही उपलब्ध होता है। माथेरान में बड़ी संख्या में औषधीय पौधे और जड़ी-बूटियाँ पाई जाती हैं. इस शहर में बॉनेट मकाक्स, हनुमान लंगूरस समेत बहुत सारे बंदर भी पाए जाते हैं। निकट में ही अवस्थित लेक शार्लट माथेरान का पीने के पानी का प्रमुख स्रोत है। जंगल के अंदर कई तरह के जानवर जैसे कि तेंदुए, हिरण, मलाबार जाइयंट गिलहरी, लोमड़ी, जंगली सुअर, नेवले आदि पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==यातायात-साधन==&lt;br /&gt;
माथेरान मुंबई और पुणे से रेल और सड़क द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसका निकटतम रेलवे स्टेशन नेरल है। निकटतम हवाई अड्डा छत्रपति शिवाजी इंटरनॅशनल एरपोर्ट, मुंबई है। माथेरान शहर के केंद्र में एक नॅरो गेज रेलवे स्टेशन है। माथेरान हिल रेलवे से नेरल के लिए प्रतिदिन सेवा उपलब्ध है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://indiarailinfo.com/search/1621/6675 |title=माथेरान-नेरल नॅरो-गेज रेलवे सेवा |publisher=इंडियारेलइन्फो.कॉम |accessdate=१५ जून २०१६ |archive-url=https://web.archive.org/web/20160530071657/http://indiarailinfo.com/search/1621/6675 |archive-date=30 मई 2016 |url-status=live }}&amp;lt;/ref&amp;gt; इस पर चलने वाली खिलोना गाड़ी मुख्य लाइन से नेरल जक्सन में जुड़ती है जो की सी.एस.टी - कर्जत मार्ग के द्वारा सी.एस.टी से अच्छी तरह जुड़ा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== चित्रदीर्घा ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;gallery&amp;gt;&lt;br /&gt;
Image: Roads_at_matheran.jpg|Roadways at Matheran, Matheran&lt;br /&gt;
Image: Rail_at_matheran.jpg|Sharp turn on the railway line to Matheran&lt;br /&gt;
Image: Walk to point matheran.jpg|Beautiful path leading up to a view point&lt;br /&gt;
Image: MatheranView.jpg| Pleasant view from a hill&lt;br /&gt;
&amp;lt;/gallery&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
[https://web.archive.org/web/20170910175025/http://7thtraveler.com/neral-matheran-toy-train-information-reviews-tickets-booking-contact/ Neral To Matheran Toy Train]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:भारत में पर्यटन आकर्षण]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:शहर]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:महाराष्ट्र में हिल स्टेशन]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;चक्रबोट</name></author>
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