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	<title>रेडियो - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>imported&gt;संजीव कुमार: 2409:4052:4D04:E447:0:0:ECB:900C (Talk) के संपादनों को हटाकर 103.97.244.177 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया</title>
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		<updated>2021-08-23T13:20:03Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8/2409:4052:4D04:E447:0:0:ECB:900C&quot; title=&quot;विशेष:योगदान/2409:4052:4D04:E447:0:0:ECB:900C&quot;&gt;2409:4052:4D04:E447:0:0:ECB:900C&lt;/a&gt; (&lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:2409:4052:4D04:E447:0:0:ECB:900C&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य वार्ता:2409:4052:4D04:E447:0:0:ECB:900C (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;Talk&lt;/a&gt;) के संपादनों को हटाकर &lt;a href=&quot;/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:103.97.244.177&amp;amp;action=edit&amp;amp;redlink=1&quot; class=&quot;new&quot; title=&quot;सदस्य:103.97.244.177 (पृष्ठ मौजूद नहीं है)&quot;&gt;103.97.244.177&lt;/a&gt; के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;[[चित्र:Swling.png|right|thumb|300px|कुछ पुराने रेडियो (रिसिवर)]]&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;24 दिसम्बर 1906&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; की शाम कनाडाई [[वैज्ञानिक]] [[रेगिनाल्ड फेसेंडेन]] ने जब अपना वॉयलिन बजाया और [[अटलांटिक महासागर]] में तैर रहे तमाम [[जहाज|जहाजों]] के रेडियो ऑपरेटरों ने उस संगीत को अपने रेडियो सेट पर सुना, वह दुनिया में रेडियो प्रसारण की शुरुआत थी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इससे पहले [[जगदीश चन्द्र बसु]] ने [[भारत]] में तथा [[गुल्येल्मो मार्कोनी]] ने सन 1900 में [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] से [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीका]] बेतार संदेश भेजकर व्यक्तिगत रेडियो संदेश भेजने की शुरुआत कर दी थी, पर एक से अधिक व्यक्तियों को एक साथ संदेश भेजने या ब्रॉडकास्टिंग की शुरुआत 1906 में फेसेंडेन के साथ हुई। ली द फोरेस्ट और चार्ल्स हेरॉल्ड जैसे लोगों ने इसके बाद रेडियो प्रसारण के प्रयोग करने शुरु किए। तब तक रेडियो का प्रयोग सिर्फ नौसेना तक ही सीमित था। 1917 में प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत के बाद किसी भी गैर फौज़ी के लिये रेडियो का प्रयोग निषिद्ध कर दिया गया।&amp;lt;ref&amp;gt;[http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2006/12/061224_radio_history.shtml पूरे हुए रेडियो प्रसारण के सौ साल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070116145636/http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2006/12/061224_radio_history.shtml |date=16 जनवरी 2007 }} बीबीसी हिन्दी पर शुभ्रांशु चौधरी का आलेख&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पहला रेडियो स्टेशन ==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Amfm3-en-de.gif|right|thumb|300px|विद्युत संकेत का AM और FM मॉडुलेशन]]&lt;br /&gt;
* 1918 में ली द फोरेस्ट ने [[न्यूयॉर्क|न्यू यॉर्क]] के हाईब्रिज इलाके में दुनिया का पहला रेडियो स्टेशन शुरु किया। पर कुछ दिनों बाद ही [[पुलिस]] को ख़बर लग गई और रेडियो स्टेशन बंद करा दिया गया।&amp;lt;ref name=&amp;quot;:0&amp;quot;&amp;gt;{{Cite web|url=https://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-city-know-the-history-of-radio-and-akashvani-kanpur-jagran-special-20027201.html|title=World Radio Day : ये आकाशवाणी कानपुर है... 57 साल पहले गूंजी थी आवाज, जानें-रेडियो का इतिहास|website=Dainik Jagran|language=hi|access-date=2021-02-13}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
* एक साल बाद ली द फोरेस्ट ने 1919 में [[सैन फ़्रांसिस्को|सैन फ्रैंसिस्को]] में एक और रेडियो स्टेशन शुरु कर दिया।&lt;br /&gt;
* नवंबर 1920 में नौसेना के रेडियो विभाग में काम कर चुके फ्रैंक कॉनार्ड को दुनिया में पहली बार क़ानूनी तौर पर रेडियो स्टेशन शुरु करने की अनुमति मिली।&lt;br /&gt;
* कुछ ही सालों में देखते ही देखते दुनिया भर में सैकड़ों रेडियो स्टेशनों ने काम करना शुरु कर दिया।&lt;br /&gt;
* रेडियो में विज्ञापन की शुरुआत 1923 में हुई।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://satyagrah.scroll.in/article/130225/23-july-ka-itihas|title=आकाशवाणी की शुरुआत सहित 23 जुलाई के नाम इतिहास में और क्या दर्ज है?|last=ब्यूरो|first=सत्याग्रह|website=Satyagrah|language=hi-IN|access-date=2021-02-13}}&amp;lt;/ref&amp;gt; इसके बाद ब्रिटेन में [[बीबीसी]] और अमरीका में [[सीबीएस]] और [[एनबीसी (NBC)|एनबीसी]] जैसे सरकारी रेडियो स्टेशनों की शुरुआत हुई।&lt;br /&gt;
* नवंबर 1941 को सुभाष चंद्र बोस ने रेडियो [[जर्मनी]] से भारतवासियों को संबोधित किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भारत और रेडियो ==&lt;br /&gt;
* 1927 तक भारत में भी ढेरों रेडियो क्लबों की स्थापना हो चुकी थी। 1936 में भारत में सरकारी ‘इम्पेरियल रेडियो ऑफ इंडिया’ की शुरुआत हुई जो आज़ादी के बाद [[आकाशवाणी|ऑल इंडिया रेडियो]] या [[आकाशवाणी]] बन गया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://news.jagatgururampalji.org/world-radio-day/|title=World Radio Day 2021: History, Theme, Invention, True Bhakti {{!}} SA News|date=2021-02-13|website=S A NEWS|language=en-US|access-date=2021-02-13}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
* 1939 में [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] की शुरुआत होने पर भारत में भी रेडियो के सारे लाइसेंस रद्द कर दिए गए और [[ट्रांसमीटर|ट्रांसमीटरों]] को [[सरकार]] के पास जमा करने के आदेश दे दिए गए।&lt;br /&gt;
* नरीमन प्रिंटर उन दिनों बॉम्बे टेक्निकल इंस्टीट्यूट बायकुला के प्रिंसिपल थे। उन्होंने रेडियो इंजीनियरिंग की शिक्षा पाई थी। लाइसेंस रद्द होने की ख़बर सुनते ही उन्होंने अपने रेडियो ट्रांसमीटर को खोल दिया और उसके पुर्जे अलग-अलग जगह पर छुपा दिए।&lt;br /&gt;
* इस बीच [[महात्मा गांधी|गांधी जी]] ने अंग्रेज़ों भारत छोडो का नारा दिया। गांधी जी समेत तमाम नेता 9 अगस्त 1942 को गिरफ़्तार कर लिए गए और प्रेस पर पाबंदी लगा दी गई।&lt;br /&gt;
* [[कांग्रेस]] के कुछ नेताओं के अनुरोध पर नरीमन प्रिंटर ने अपने ट्रांसमीटर के पुर्जे फिर से एकजुट किया। माइक जैसे कुछ सामान की कमी थी जो शिकागो रेडियो के मालिक नानक मोटवानी की दुकान से मिल गई और मुंबई के चौपाटी इलाक़े के सी व्यू बिल्डिंग से 27 अगस्त 1942 को नेशनल कांग्रेस रेडियो का प्रसारण शुरु हो गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पहला प्रसारण ==&lt;br /&gt;
* अपने पहले प्रसारण में उद्घोषक [[उषा मेहता]] ने कहा, “41.78 मीटर पर एक अंजान जगह से यह नेशनल कांग्रेस रेडियो है।”&amp;lt;ref&amp;gt;{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/news//article1-story-440134.html|title=भारतीय रेडियो प्रसारण को हुए 87 साल|website=Hindustan|language=hindi|access-date=2021-02-13}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
* रेडियो पर विज्ञापन की शुरुआत 1923 में हुई।&amp;lt;ref name=&amp;quot;:0&amp;quot; /&amp;gt;&lt;br /&gt;
* इसके बाद इसी रेडियो स्टेशन ने गांधी जी का भारत छोड़ो का संदेश, [[मेरठ]] में 300 सैनिकों के मारे जाने की ख़बर, कुछ महिलाओं के साथ अंग्रेज़ों के दुराचार जैसी ख़बरों का प्रसारण किया जिसे समाचारपत्रों में सेंसर के कारण प्रकाशित नहीं किया गया था।&lt;br /&gt;
* पहला ट्रांसमीटर 10 किलोवाट का था जिसे शीघ्र ही नरीमन प्रिंटर ने और सामान जोड़कर सौ किलोवाट का कर दिया। अंग्रेज़ पुलिस की नज़र से बचने के लिए ट्रांसमीटर को तीन महीने के भीतर ही सात अलग अलग स्थानों पर ले जाया गया।&lt;br /&gt;
* 12 नवम्बर 1942 को नरीमन प्रिंटर और उषा मेहता को गिरफ़्तार कर लिया गया और नेशनल कांग्रेस रेडियो की कहानी यहीं ख़त्म हो गई।&lt;br /&gt;
* नवंबर 1941 में रेडियो जर्मनी से नेताजी [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] का भारतीयों के नाम संदेश भारत में रेडियो के इतिहास में एक और प्रसिद्ध दिन रहा जब नेताजी ने कहा था, “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।”&lt;br /&gt;
* इसके बाद 1942 में आज़ाद हिंद रेडियो की स्थापना हुई जो पहले [[जर्मनी]] से फिर [[सिंगापुर]] और [[यांगून|रंगून]] से भारतीयों के लिये समाचार प्रसारित करता रहा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== स्वतन्त्रता के पश्चात ==&lt;br /&gt;
* स्वतन्त्रता के पश्चात से 16 नवम्बर 2006 तक रेडियो केवल सरकार के अधिकार में था। धीरे-धीरे आम नागरिकों के पास रेडियो की पहुँच के साथ इसका विकास हुआ।&lt;br /&gt;
* सरकारी संरक्षण में रेडियो का काफी प्रसार हुआ। 1947 में आकाशवाणी के पास छह रेडियो स्टेशन थे और उसकी पहुंच 11 प्रतिशत लोगों तक ही थी। आज आकाशवाणी के पास 223 रेडियो स्टेशन हैं और उसकी पहुंच 99.1 फ़ीसदी भारतीयों तक है।&lt;br /&gt;
* टेलीविज़न के आगमन के बाद शहरों में रेडियो के श्रोता कम होते गए, पर एफएम रेडियो के आगमन के बाद अब शहरों में भी रेडियो के श्रोता बढ़ने लगे हैं। पर गैरसरकारी रेडियो में अब भी समाचार या समसामयिक विषयों की चर्चा पर पाबंदी है।&lt;br /&gt;
* रेडियो का दुरुपयोग न हो इसलिए सरकार इसे चलाने की अनुमति आम जनता को नहीं देना चाहती थी। इस बीच आम जनता को रेडियो स्टेशन चलाने देने की अनुमति के लिए सरकार पर दबाव बढ़ता रहा है।&lt;br /&gt;
* 1995 में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि रेडियो तरंगों पर सरकार का एकाधिकार नहीं है। वर्ष 2002 में एनडीए सरकार ने शिक्षण संस्थाओं को कैंपस रेडियो स्टेशन खोलने की अनुमति दी। 16 नवम्बर 2006 को यूपीए सरकार ने स्वयंसेवी संस्थाओं को रेडियो स्टेशन खोलने की इज़ाज़त दी है।&lt;br /&gt;
* इन रेडियो स्टेशनों में भी समाचार या समसामयिक विषयों की चर्चा पर पाबंदी है, पर इसे रेडियो जैसे जन माध्यम के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम माना जा रहा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें==&lt;br /&gt;
*[[जगदीश चन्द्र बसु]]&lt;br /&gt;
*[[गुल्येल्मो मार्कोनी]]&lt;br /&gt;
*[[रेडियो संग्राही]] (रेडियो रिसीवर)&lt;br /&gt;
*[[सुपरहेटरोडाइन संग्राही]]&lt;br /&gt;
*[[रेडियो तरंग]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==सन्दर्भ==&lt;br /&gt;
{{टिप्पणीसूची}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
* [https://web.archive.org/web/20060509081439/http://radio.kaulonline.com/ इंटरनेट पर हिन्दी रेडियो स्टेशनों की सूची]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:रेडियो]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>imported&gt;संजीव कुमार</name></author>
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