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	<title>सेन्ट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>imported&gt;InternetArchiveBot: Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.1</title>
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		<updated>2020-06-15T20:04:42Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.1&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;[[चित्र:Sourire coul 1.jpg|अंगूठाकार|स्वामी चिन्मयन्द]]&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;सेन्ट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; एक आध्यात्मिक, शैक्षिक एवं सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिये स्थापित न्यास है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== स्थापना ==&lt;br /&gt;
सन् 1947 में सैकड़ों वर्षों की पराधीनता के बाद भारतवर्ष को राजनैतिक स्वतन्त्रता प्राप्त हुई, किन्तु समाज के प्रमुख लोगों में पश्चिमी सभ्यता का रंग चढ़ा था। हिन्दू धर्म का महत्व हिन्दू के मन में ही लुप्त हो गया था। धर्म और संस्कृति ही किसी राष्ट्र की आत्मा होती है। उसके आच्छादित हो जाने पर जनता के मन में दुर्बलता आ जाती है। उसे दूर करने के लिए देश के विद्वानों ने अनेक धार्मिक सुधार के आन्दोलन प्रारम्भ किए। उसी समय सन् 1951 में स्नातन धर्म को आधार बनाकर चिन्मय आन्दोलन का उदय हुआ। इस आन्दोलन के प्रवर्तक स्वामी चिन्मयानन्द थे। उन्होनें स्वामी शिवानन्द से सन्यास की दीक्षा ली थी और स्वामी तपोवन महाराज से वेदान्त ग्रन्थ पढ़े थे तथा उनके निर्देशन में आध्यात्मिक साधना की थी। उन्होनें स्वामी विवेकानन्द, स्वामी रामतीर्थ, महर्षि अरविन्द, महर्षि रमन आदि का साहित्य पढ़ा था। उनके सामने भावी राष्ट्र का एक आदर्श चित्र था। उसे मूर्तिमान करना चाहते थे। उसके लिए उन्होनें ज्ञान यज्ञों की योजना बनाई। इसका सिलसिला पूना नगर से प्रारम्भ हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दो वर्ष बाद 8 अगस्त 1953 को स्वामी से प्रभावित कुछ भक्तगणों ने अध्ययन और विचार विमर्श हेतु एक फोरम बनाने का निश्चय किया। स्वामी जी उस समय उत्तरकाशी में थे। उन्होनें उत्साह के साथ अपनी योजना व &amp;quot;चिन्मय मिशन&amp;quot; नामक नये संगठन के निर्माण हेतु स्वामी जी को पत्र लिखा। उनका उत्तर आया कि मेरे नाम से किसी संगठन का निर्माण न करें। में यहाँ प्राचीन सन्तों का संदेश देने आया हूँ। मैं उनसे लाभान्वित हुआ हूँ। यदि मैनें तुम्हें किसी प्रकार से लाभान्वित किया हो तो तुम भी इसे जारी रखो। भक्तों ने स्वामी जी को फिर लिखा कि &amp;quot;चिन्मय&amp;quot; शब्द परमात्मा का वाचक है, इसलिए हमनें उसी नाम से &amp;quot;चिन्मय मिशन&amp;quot; का प्रारम्भ किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
चिन्मय मिशन का मुख्य उद्देश्य यही है कि संसार के किसी क्षेत्र के व्यक्ति को वेदान्त ज्ञान प्रदान कर उसे आत्मोन्नति करते हुए सुख समृद्दि प्राप्त करने में और समाज का उपयोगी अंग बनने में सहायता करें। स्वामी जी के अथक परिश्रम के फलस्वरूप इसका संदेश विश्व के अनेक देशों में तथा भारत के कोने- कोने में फैलता गया। इसका आधार सनातन धर्म और उसके धर्म ग्रन्थ रामायण उपनिषद् आदि है। जनता में इसका ज्ञान कराने के लिए आठ - दस दिनों के ज्ञान यज्ञ किए गए और उसके बाद श्रोताओं ने स्वाध्याय मण्डल स्थापित कर अपने धर्म ग्रन्थों का अध्ययन प्रारम्भ किया। इस प्रकार दस वर्ष तक अनेक नगरों में चिन्मय मिशन का विस्तार होता गया। अब यह आवश्यकता समझ में आने लगी कि सभी स्थानीय केंन्द्रों में सामंजस्य रखने के लिए तथा उनको मार्ग - निर्देशन देने के लिए एक केन्द्रीय संगठन बनाया जाये। अत: 1964 में मुम्बई में एक शिखर संस्था की स्थापना हुई और उसका नाम रखा गया &amp;quot;सेन्ट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट&amp;quot;। इस प्रकार यह एक रजिस्टर्ड संस्था बन गई और इसका कार्य विधिवत होने लगा। इस समय सेन्ट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट द्वारा विश्व में 243 मिशन केंन्द्रो के अतिरिक्त, भारत में स्थापित 37 सेवा ट्रस्टों के कार्य - कलापों पर भी नियन्त्रण रखा जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;सेन्ट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट, साकी विहार रोड़, &amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
सांदीपनी साधनालय, मुम्बई - 400072 &amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
फोन- 091- 022-28572367,28575806 &amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
फेक्स- 091- 022-28573065&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== मुख्य प्रकाशन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== इन्हें भी देखें ==&lt;br /&gt;
* [[चिन्मय मिशन]]&lt;br /&gt;
* [[स्वामी चिन्मयानंद]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== बाहरी कड़ियाँ ==&lt;br /&gt;
* [https://web.archive.org/web/20190418051650/http://www.vedantijeevan.com/ The First Hindi Website of the world on Vedanta by Chinmaya Mission]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]&lt;br /&gt;
[[श्रेणी:न्यास]]&lt;/div&gt;</summary>
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