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- ...र्षों में अनेकों भिक्षुओं के माध्यम से सम्पन्न हुई, अतः इसमें अनेक तर्ह की काव्य-शैलियाँ मिलतीं हैं। सामान्य मान्यता यह है कि यह [[महावंश|महावंस]] का उत्तर ...९८६ बाइट (३ शब्द) - ०३:५७, १३ मार्च २०२०
- | विधा = काव्य और निबंध | प्रमुख कृति = [[प्रियप्रवास|प्रिय प्रवास]] [[काव्य-ग्रंथ]] ...२१ KB (१९७ शब्द) - १६:४१, १७ अगस्त २०२१
- सुव्यवस्थित [[ध्वनि]], जो [[रस (काव्य शास्त्र)|रस]] की सृष्टि करे, '''संगीत''' कहलाती है। [[गायन]], [[वादन]] व [[ ...द यूनानी भाषा के ‘म्यूज’(muse) शब्द से बने हैं। ‘म्यूज’ यूनानी परम्परा में काव्य और संगीत की देवी मानी गयी है। कोश में ‘म्यूज’ (muse) शब्द का अर्थ दिया है ‘ ...२९ KB (३९१ शब्द) - १२:५१, २१ जून २०२१
- [[श्रेणी:काव्य शैलियाँ]] ...१५ KB (१५ शब्द) - ०९:५१, ६ मई २०२१
- ...ै। हम इसके और समाचार भी लिखेगें।’ बाल्य काल में इन्होंने कई अवसरों पर अपनी काव्य शक्ति का परिचय देकर विद्वत् जनों को आश्चर्यचकित कर दिया था। ऐसे ही एक अवसर ...ज' नामक पत्रों का अनेक वर्षों तक सफलतापूर्वक संपादन किया। आप के वैदुष्य और काव्य चातुर्य से प्रभावित होकर कांकरौली नरेश ने ‘भारत-रत्न’ और अयोध्या नरेश ने ‘श ...२५ KB (८६ शब्द) - १६:१५, ७ जुलाई २०२१
- इसे अंशत: वीरगाथाकाल कहना अनुचित न होगा, महाकाव्य, गीतिकाव्य, नाटक और गद्य-सभी में नवीन किंतु श्रेष्ठ कृतित्व का काल है। अंधकवि होमर वीर सातवीं सदी ई. पू. में ग्रीक लिरिक या गीतिकाव्य का जन्म हुआ। ‘लीरे’ नामक तंत्री वाद्ययंत्र के स्वर पर गाए जानेवाले इनगीतों ...४८ KB (६५ शब्द) - ०९:४९, ६ मई २०२१
- ...रखता था। इसने गजलें तथा कसीदे लिखे हैं और वामिक़ एवं एज़रा नामक एक आख्यानक काव्य भी लिखा है, जिसका मूल पहलवी का है। रूदकी की मृत्य सन् 954 ई. में हुई। सामान ...ा। उसने 'लैली व मजनूँ' तथा 'खुसरू व शीरीं' नामक मसनवियाँ तथा एक अन्य युद्ध काव्य 'तैमूरनामा' भी लिखा है, जिसमें तैमूर की विजयों का वर्णन है। [[हकीम अबुल कास ...७७ KB (१२२ शब्द) - १०:०९, ६ मई २०२१
- काव्य के क्षेत्र में महाकाव्यात्मक साहित्यिक रचनाएँ, जैसे - महाभारत और होमर की [[इलियाड|इलियड]], प्राचीन ...८९ KB (७२८ शब्द) - १७:५२, ८ अक्टूबर २०२०
- ...की तीन शैलियाँ होती हैं: पद्य (कविता), गद्य और गान। वेदों के मंत्रों के '[[काव्य|पद्य]], [[गद्य]] और [[गान]]' ऐसे तीन विभाग होते हैं - ...९६ KB (६३९ शब्द) - १९:१०, २२ अगस्त २०२१
- ...क पूरे ग्रन्थ के रूप में है और कहीं-कहीं उसकी कहानियों का रूप संक्षिप्त महाकाव्य-सा है। जातक शब्द जन धातु से बना है। इसका अर्थ है भूत अथवा भाव। ‘जन्’ धातु म *5. [[महाकाव्य]] या [[खण्डकाव्य]] के रूप में वर्णन। ...१३० KB (४७४ शब्द) - २०:३८, ४ अप्रैल २०२१