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  • ...र्ट''' या [[भारत का सर्वोच्च न्यायालय]] [[भारत]] की सबसे बड़ी एवं सर्वोच्च न्यायिक व्यवस्था है जिसे [[भारत का संविधान|भारतीय संविधान]] के अध्याय चार अनुभाग == न्याय-व्यवस्था == ...
    १ KB (४ शब्द) - १०:२६, १ जनवरी २०२२
  • समान अवसर के आधार न्याय सुलभ कराने को सुनिश्चित करने के लिये [[भारत सरकार]] द्वारा '''विधिक सेवा प् ...श्चित किया जाय कि आर्थिक निर्बलता या किसी अन्य निर्बलता के कारण कोई नागरिक न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रह जाये। ऐसे व्यक्ति को उपयुक्त विधान या स् ...
    ३ KB (३ शब्द) - ११:१४, १० दिसम्बर २०१७
  • *(4) स्वतन्त्र उच्चतम न्यायालय। (4) एकीकृत न्याय-व्यवस्था ...
    ५ KB (१० शब्द) - १०:३३, १ जनवरी २०२२
  • ...l-Justitia von Westen-20110408.jpg|right|thumb|300px|'''पश्चिमी सभ्यता में न्याय की देवी''' - जिनके तीन मुख्य गुण हैं- तलवार (बाहुबल), तराजू (विरोधी दावों ...[[प्राकृतिक विधि]], [[धर्म]] या समता के आधार पर 'ठीक' होने की स्थिति को '''न्याय''' (justice) कहते हैं। ...
    १६ KB (१०१ शब्द) - ०७:३१, २४ अप्रैल २०२१
  • ...ोग समान हैं। अर्थात् सभी लोगों पर समान कानून लागू होता है और उसी के अनुसार न्याय दिया जाना चाहिए। ...े से अच्छे [[अधिवक्ता|वकील]] की सेवाएँ प्राप्त कर सकता है और कभी-कभी तो वह न्यायाधीशों को रिश्वत देकर भी अन्याय करके बच निकल सकता है। ...
    ६ KB (३३ शब्द) - ०९:२६, २८ जुलाई २०२०
  • ...्मृतियों में इन अठारह प्रकार के पदो के अनुसार ही दी गयी है। प्राचीन भारतीय न्याय पद्धति के आधारस्तम्भ कहे जाने वाले विद्वानों के द्वारा भी इन अट्ठारह पदों म ...नी रहे, आदि बातों को दृष्टि में रखकर मनु, याज्ञवलक्य एवं नारद स्मृतियों ने न्यायोचित दण्ड की व्यवस्था की गयी थी। ...
    ११ KB (६५ शब्द) - ०१:३७, १ मार्च २०२०
  • ...स स्थान से है जहाँ पर न्याय प्रशासन कार्य होता है, परंतु बहुधा इसका प्रयोग न्यायाधीश के अर्थ में भी होता है। बोलचाल की भाषा में अदालत को कचहरी भी कहते हैं। == भारत में न्यायालय का इतिहास == ...
    ६ KB (५७ शब्द) - १९:४२, ९ जुलाई २०२०
  • ...ं बल्कि ईश्वर द्वारा लागू की जाती है। या नैतिक विधि है क्योंकि इसके द्वारा न्याय और अन्याय का निर्णय होता है। यह एक ऐसा मापदंड है जिसके सहारे यह निश्चय किया *[[प्राकृतिक न्याय]] ...
    ७ KB (१२ शब्द) - २१:३०, १० जुलाई २०२१
  • करती है कार्यक्रम समिति, के अधीन संचार, महिला, न्याय, और ईजीलवाद (Evangelism); न्याय, शांति और सृजन, तथा; शिक्षा एवं सार्वदेशिक रचना। फरवरी 2006 में, गॉड, इन यो ...
    ९ KB (४५ शब्द) - १५:४७, ६ मार्च २०२०
  • ...में किया जाये जिनमें इसकी अन्तर्वस्तु के अनुसार अपेक्षा की गई है। इस तरह ‘‘न्याय’’ का तात्पर्य शुद्ध अन्तःकरण से इसके प्रयोग द्वारा निश्चयात्मक व्यवस्था को ...सिद्धान्त]] के तत्वों के साथ मिश्रित हो गया है।’’ उन्होंने विधिवेत्ताओं और न्यायाधीशों के कार्यां से इन तत्वों को पूर्णतः अलग कर विधि की शुद्धता पुनर्स्थापि ...
    २४ KB (४६ शब्द) - ०२:४७, ६ मार्च २०२०
  • ...तरों पर सिद्धांतीकरण हुआ है और स्त्री-सशक्तीकरण के मुद्दों को उनके सामाजिक न्याय से जोड़ कर देखा जाने लगा है। ...यी गयीं। ख़ास तौर पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सभी तबकों के लिए सामाजिक न्याय के मुद्दे पर गम्भीर बहस चली। इस बहस से ही समाज के वंचित तबकों के लिए संसद ए ...
    २६ KB (१६ शब्द) - १०:३४, १७ अप्रैल २०२१
  • ...ों को करने के अतिरिक्त शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उत्तरदायी थीं। ये न्याय संबंधी कार्य भी करती थीं। ग्राम पूरी तरह स्वायत्तशासी था और इस प्रकार केंद् ...ता, चिकित्सा, जलविकास, सड़कों, तालाबों कुओं आदि की देखभाल करती थीं। उन्हें न्याय संबंधी कुछ अधिकार भी प्राप्त थे। वे अधिकतम 200 रु. की चल संपत्ति से संबद्ध ...
    २३ KB (२४६ शब्द) - १०:३४, ६ मई २०२१
  • ...ावकारी न हो, उन मामलों में सिविल प्रोसीड्यूर कोड आदेश २१ नियम ३२ के अनुसार न्यायालय डिक्री पानेवाले वा किसी अन्य किसी व्यक्ति को निर्धारित काम संपादन करने क ...र किया जाता है- एक तो यह कि आदेश की यह अवधि कितनी है और दूसरी बात यह है कि न्यायिक प्रक्रिया की किस अवस्था में आदेश जारी किया गया है। मोटे तौर पर यह कहा जा ...
    २३ KB (६४ शब्द) - १९:०५, १९ अक्टूबर २०२०
  • [[भारतीय दर्शन]] में [[न्याय दर्शन|न्याय]] एवं [[वैशेषिक दर्शन]] यथार्थवाद के समकक्ष माने जाते हैं। ...दर्शन|चार्वाक]] दर्शन में उपमान को प्रमाण स्वीकार नहीं किया गया है। ‘शब्द’ न्याय दर्शन के अनुसार अन्तिम प्रमाण है। शब्दों एवं वाक्यों से हम पदार्थों का ज्ञा ...
    २० KB (२० शब्द) - ०४:३७, २० जून २०२१
  • ...दि सिद्धांतों के द्वारा इस समस्या का हल प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते हैं। न्याय के अनुसार, व्यक्ति द्वारा किए हुए कर्मों से उत्पन्न पुण्य और पाप के समूह को ...
    १३ KB (४ शब्द) - १८:४५, २९ फ़रवरी २०२०
  • विशेष परिस्थितियों में जब किसी देश की न्याय व्यवस्था को [[सेना]] अपने हाथ में ले लेती है, तब जो नियम प्रभावी होते हैं उ ...न्याय देने के लिये सेना का एक ट्रिब्यूनल नियुक्त किया जाता है जिसे [[सैन्य न्यायालय|कोर्ट मार्शल]] कहा जाता है। इसके अन्तर्गत [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण|बन्दी प् ...
    १४ KB (६१ शब्द) - १०:४८, ११ जनवरी २०२१
  • ...tice"''{{spaces|2}}<small>([[फ़्रान्सीसी भाषा|French]])<br />"एकता, विकास, न्याय"</small> ...
    ५ KB (२७२ शब्द) - १०:००, २० अगस्त २०२१
  • ...्वीकृत एवं प्रवर्तित उन सिद्धान्तों के समूह से हैं जिनका उपयोग उसके द्वारा न्याय प्रशासन के लिए किया जाता है।'' ...
    ६ KB (९५ शब्द) - २०:०३, २१ नवम्बर २०२०
  • ...ी को योग्य न्यायाधीशों, सुसज्जित न्याय कक्षों, विद्वान अधिवक्ता समुदाय एवं न्यायिक मीमांशा से कोई सरोकार नहीं होता है, बल्कि उसकी स्थिति एक बीमार व्यक्ति की ...
    ८ KB (२०९ शब्द) - ०९:४१, ८ अगस्त २०२१
  • * [[अक्षपाद गौतम|अक्षपाद गोतम]], [[न्याय सूत्र]] 550 ई पू * [[गंगेश उपाध्याय]], 1250, [[नव्य न्याय]] ...
    २३ KB (३९० शब्द) - ०४:१२, २ दिसम्बर २०२०
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