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- ...ाम: प्रभुलाल गर्ग) हिंदी हास्य कवि थे। उनकी शैली की छाप उनकी पीढ़ी के अन्य कवियों पर तो पड़ी ही, आज भी अनेक लेखक और व्यंग्य कवि काका की रचनाओं की शैली अपन == अतिरिक्त जानकारी एवं कवितायें == ...७ KB (१६५ शब्द) - २२:१४, ९ नवम्बर २०२०
- ३ KB (७८ शब्द) - १८:३८, ३० नवम्बर २०१८
- ...]], [[चौपाई]] का प्रयोग प्रचुर परिमाण में हुआ है, यथास्थान [[त्रिभंगी]], [[कवित्त]] और [[सवैया|सवैये]] का भी उपयोग हुआ है। ...५ KB (२० शब्द) - १४:०६, १५ जून २०२०
- ११ KB (८७ शब्द) - १०:५३, २९ जून २०२१
- ...एवम अरबी) के शब्दों का उल्लेख मिलता है। इनकी गणना महान गजलकार , लेखक एवम् कवियों की जाती है। * [[अनिल जनविजय]], "कविता कहीं है यह", माँ बापू कब आएंगे", "रामजी भली करें" के लेखक. कवि और साहित्य ...१२ KB (१२६ शब्द) - ०१:२८, ९ अगस्त २०२१
- '''कविता एवं गजल संग्रह'''- ये घर तुम्हारा है<ref>संस्करण-2007 - कविता एवं ग़ज़ल संग्रह), मेधा प्रकाशन, नवीन शाहदरा, दिल्ली-110032. पृष्ठ संख्या # यहाँ से वहाँ तक-2006 (ब्रिटेन के कवियों का कविता संग्रह) ...१७ KB (९२२ शब्द) - १५:३२, ८ अक्टूबर २०२०
- ...भाषा हनुमन्नाटक लिखा जिसकी कविता बड़ी सुंदर और परिमार्जित है। इसमें अधिकतर कविता और सवैये में बड़े अच्छे संवाद हैं। रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीद ...८ KB (२११ शब्द) - ०३:०७, १६ जून २०२०
- ५ KB (२८ शब्द) - १३:५७, ३ मार्च २०२०
- ...कुछ प्रमुख ग्रंथ हैं : अविचल जोत, खुले मैदान, खुले घुंड, मेरा साईकविदा दिल कविता, चुप प्रीतदा शहंशाह विओपारी, खुले लेख, निबंध (१९२९) आदि। ...२० KB (१९२ शब्द) - २१:३३, ९ अक्टूबर २०२०
- ६ KB (४४ शब्द) - ०२:२६, २७ नवम्बर २०२०
- ...18 }}, Retrieved 24 June 2017</ref> सात साल की उम्र से, उन्होंने उर्दू में कविता लिखना शुरू कर दिया। <ref name="cinestaan">[https://www.cinestaan.com/peop वह एक प्रशंसित कवि (शायर) थे और पूरे भारत में कई मुशैरा में कविता पढ़ते थे। <ref name="cinestaan"/> ...१५ KB (२५८ शब्द) - २०:५९, १० जनवरी २०२१
- == कविताएँ == ...२६ KB (७४२ शब्द) - ११:१७, २७ अगस्त २०२१
- ...्थ]] की भी लिपि गुरमुखी है, परन्तु इसकी भाषा प्रायः [[अपभ्रंश]] हिन्दी में कविताबाद्ध है। इसकी भाषा पंजाबी-भाषियों के लिये और अधिक दुरूह किन्तु हिन्दी-भाष ...२० KB (२९४ शब्द) - १०:०२, २१ अगस्त २०२१
- ...ले गये। वर्ली के एक गेरेज में वे बतौर मेकेनिक काम करने लगे और खाली समय में कवितायें लिखने लगे। फ़िल्म इंडस्ट्री में उन्होंने बिमल राय, हृषिकेश मुख़र्जी और * जानम (कविता संग्रह, 1963) ...१७ KB (७२८ शब्द) - २१:१८, २५ अगस्त २०२१
- अपभ्रंश के कवियों ने अपनी भाषा को केवल 'भाषा', 'देसी भाषा' अथवा 'गामेल्ल भाषा' (ग्रामीण भा ...र सातवीं शती में हो गई। काव्यमीमांसाकार [[राजशेखर]] (दसवीं शती) ने अपभ्रंश कवियों को राजसभा में सम्मानपूर्ण स्थान देकर अपभ्रंश के राजसम्मान की ओर संकेत कि ...२६ KB (२९९ शब्द) - १४:१९, २३ जून २०२१
- ...माधव प्रसाद घिमिरे]] जैसे स्वच्छंदतावादी (रोमांटिक) कवि भी अपनी उत्कृष्टतम कविताएँ वर्णिक छंद में ही लिख डालते हैं। ...ं। आपने काव्य में अस्तित्ववाद और समाजवाद के स्वर मुखर हैं। "मुहुचा" शीर्षक कविता इसका प्रमाण है। आप अत्यंत उच्चकोटि के कहानीकार भी है। ऐंद्रिकता से परे आध ...४७ KB (३१६ शब्द) - १०:०६, ६ मई २०२१
- ...ने उसे "ज़बाने-अहले-हिंदुस्तान" (उत्तरी भारत के लोगों की भाषा) भी कहा। जब कविता और विशेषतया गजल के लिए इस भाषा का प्रयोग होने लगा तो इसे "रेख्ता" (मिली-ज ...्वालियरी भाषा" को अधिक शुद्ध मानने लगे, किंतु उसी युग में कुछ विद्वानों और कवियों ने उर्दू को एक नया रूप देने के लिए ब्रज के शब्दों का बहिष्कार किया और फा ...५२ KB (९८ शब्द) - ०९:४२, ६ मई २०२१
- २४ KB (३१४ शब्द) - ०५:३९, १९ अगस्त २०२१
- *[[कविता कृष्णमूर्ति]] ...२१ KB (८६ शब्द) - १९:३०, ३० जून २०२१
- ...वा सन्यासी''<ref>''मन की लहर'' पृष्ठ २०</ref> शीर्षक से एक बड़ी ही मार्मिक कविता लिखी थी जिसके कुछ अंश इस प्रकार हैं: {{Quotation|"वृद्ध पिता-माता की ममता ...नुभव को ही महत्वपूर्ण माना है। वे कहते हैं - हमें धर्म और दर्शनशास्त्र भौतिकविज्ञान की भाँति पढ़ना चाहिये। पाश्चात्य दर्शन केवल जाग्रतावस्था पर आधारित हैं ...२४ KB (२२८ शब्द) - ०२:१६, १६ जून २०२०