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- |nationality = ब्रिटिश |main_interests = गणित, [[तर्क]], [[गणित में दार्शनिकी]] ...५ KB (१४० शब्द) - ०३:४५, १५ जून २०२०
- ...स]] (अब [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]), [[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]] (अब [[भारत]]) |nationality = [[यूनाइटेड किंगडम|ब्रिटिश]] ...७ KB (८१ शब्द) - १२:२६, ३ अप्रैल २०२१
- ...सितम्बर 1887 - 12 जून 1976) [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के विद्वान और महान [[दार्शनिक]] थे। १९१४ में पुस्तकालयाध्यक्ष से आरम्भ करते हुए वे १९२३ से १९३७ तक [[वारा ...ङ्ला भाषा|बंगाली]] थे और इनके पिताजी का नाम वैकुण्ठनाथ बागची था। आपका जन्म ब्रिटिश भारत के ग्राम धमरई जिला [[ढाका]] (अब [[बांग्लादेश]]) मे हुआ था। उनका जन्म प ...७ KB (६६ शब्द) - ०१:०२, १५ जून २०२०
- ...|birth_place=[[हालिशहर|हालीशहर]], [[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]]|death_date=19 फ़रवरी, 1861|death_place=|known=सामाजिक कार्यकर्ता, जन ...िर|दक्षिणेश्वर काली मंदिर]] की संस्थापिका थीं, एवं नवजागरण काल के प्रसिद्ध दार्शनिक एवं धर्मगुरु स्वामी [[रामकृष्ण परमहंस]] की मुख्य पृष्ठपोषिका भी हुआ करती थी ...२१ KB (२३३ शब्द) - १८:०८, १८ जुलाई २०२१
- ...No. 321, published by Samajvigyan Mandal, Pune</ref> [[पुणे जिला|पुणे]], [[ब्रिटिश भारत]] (अब [[महाराष्ट्र]] में) | death_place = [[पुणे]], ब्रिटिश भारत ...१६ KB (२७३ शब्द) - १६:४३, ३० अप्रैल २०२१
- {{ज्ञानसन्दूक दार्शनिक | region = [[भारत]](ब्रिटिश साम्राज्य) ...१८ KB (१५८ शब्द) - १३:३८, ५ अगस्त २०२१
- ...= कुतुबपुर, [[शाहाबाद जिला|शाहाबाद]], [[बंगाल प्रेसीडेंसी]], [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश भारत]] (अब [[सारण जिला]], [[बिहार]], [[भारत]]) | occupation = {{hlist|कवि| नाटककार| संगीतकार| दार्शनिक| समाज सुधारक| गायक| नर्तक| अभिनेता|}} ...१५ KB (४११ शब्द) - ०९:२१, ११ जुलाई २०२१
- |birth_place = [[थोरापल्ली]], [[ब्रिटिश राज]] <small>(अब भारत)</small> ...्बर २५, १९७२) [[भारत]] के [[अधिवक्ता|वकील]], [[लेखक]], [[राजनीति]]ज्ञ और [[दार्शनिक]] थे। वे राजाजी नाम से भी जाने जाते हैं। वे स्वतन्त्र भारत के द्वितीय गवर्न ...१६ KB (२१२ शब्द) - ०३:२९, २२ जनवरी २०२१
- ...ल को देता है - यह मान्यता [[पतञ्जलि योगसूत्र|योगसूत्र]] (२/१४) में है। सभी दार्शनिक संप्रदाय में यह मान्यता किसी न किसी रूप से विद्यमान है। पाप और पुण्य परस्पर अनैतिकतावाद में कभी डाकू नगर वधु ब्रिटिश शासन था आज कुछ और है आगे कुछ और होगा । ...१० KB (३१ शब्द) - १०:०५, १५ जून २०२०
- ...ै कि जैन, बौद्ध और [[चार्वाक दर्शन|चार्वाक]]-लोकायत की भौतिकवादी व नास्तिक दार्शनिक परंपराएं मक्खलि गोसाल के आजीवक दर्शन की ही छायाएं अथवा उसका विस्तार हैं।<re इनके समकालीनों में अन्य प्रमुख दार्शनिक थे: पूरण कस्सप, पकुध कच्चान, अजीत केसकम्बली, संजय वेलट्ठिपुत्त और गौतम बुद् ...१९ KB (४७० शब्द) - २२:०२, ४ अगस्त २०२१
- | birth_place = [[क्वेटा]], [[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]]<ref name=quetta>{{cite web|url=http://www.tribuneindia.com/2000/2000 ...7 दिसम्बर 1946<ref name=vivek/> को [[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]] के [[क्वेटा]]<ref name=quetta/> (वर्तमान [[पाकिस्तान]] में) में 'विश ...२८ KB (३९० शब्द) - २०:२५, २३ जुलाई २०२१
- ...फ़ सेटलमेंट, १७०१]] के अंतर्गत उन्हें, जेम्स प्रथम की पोती होने के नाते, [[ब्रिटिश राजतंत्र|अंग्रेज़ी सिंघासन]] का एकमात्र वैध वारिस तथा उन्हें और उनके आगामी ...िया, हनोवर की निर्वाचिका बन गयी। सोफ़िया को एक बुद्धिमान, और वैज्ञानिक तथा दार्शनिक जिज्ञासा से भरपूर महिला के रूप में जाना जाता था। ...१३ KB (२०५ शब्द) - २२:५६, २५ सितम्बर २०२०
- |birth_place =[[कोलकाता|कलकत्ता]], [[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]] ...ंग्ला]]: শ্রী অরবিন্দ, [[जन्म]]: १८७२, [[मृत्यु]]: १९५०) एक [[योगी]] एवं [[दार्शनिक]] थे। वे १५ अगस्त १८७२ को [[कोलकाता|कलकत्ता]] में जन्मे थे। इनके पिता एक डा ...२२ KB (६९४ शब्द) - १२:४९, १५ अगस्त २०२१
- १९३२ में ब्रिटिश हिस्टोरिकल सोसायटी और ब्रिटिश ज्योग्राफिकल सोसायटी की संयुक्त बैठक में पहली बार इस प्रश्न पर विचार शुरू ह ...ंत]]'' में रही है जिसका प्रयोग उन्होंने भूदृश्यों और आवास क्षेत्रों के ऊपर दार्शनिक दृष्टि से लेखन करने में किया है। ...२० KB (५५१ शब्द) - १४:३९, २१ जनवरी २०२१
- ...विषयों की शिक्षा दी जाती थी। उसका विश्वास था कि परिपक्व बुद्धिवाला ज्ञानी दार्शनिक ही सुयोग्य शासक वन सकता है। इसके लिए उत्तम शिक्षाप्रणाली का होना आवश्यक है। ...का जानकार और उन्हें एक सूत्र में बाँधने का प्रयत्न करनेवाला उच्च श्रेणी का दार्शनिक था। ...२७ KB (५९ शब्द) - २२:४९, १५ जून २०२०
- ...दौरान दिये गये नारे ने ही एपार्थाइड को रंगभेदी अर्थ प्रदान किये। रंगभेद के दार्शनिक और वैचारिक पक्षों के सूत्रीकरण की भूमिका बोअर (डच मूल) राष्ट्रवादी चिंतक हे ...लिया जब दक्षिण अफ़्रीका में सोने और हीरों के भण्डार होने की जानकारी मिली। ब्रिटिश और डच उपनिवेशवादियों के सामने स्पष्ट हो गया कि दक्षिण अफ़्रीका की ख़ानों पर ...२४ KB (२९३ शब्द) - १०:३७, ५ जनवरी २०२१
- == ब्रिटिश शासन में जनजाति-व्यवस्था == ...थप्रदर्शक होती हैं। अब तक शासन की ओर से कबीली पुनर्वास जैसे विशाल कार्य के दार्शनिक आधार का स्पष्ट विवेचन प्रस्तुत नहीं किया गया है और यह तब तक संभव नहीं जब तक ...३४ KB (१७८ शब्द) - १८:१८, २३ अगस्त २०२१
- ...र्जी''' (जतीन्द्रनाथ मुखोपाध्याय) था। वे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कार्यकारी दार्शनिक क्रान्तिकारी थे। वे [[युगान्तर पार्टी]] के मुख्य नेता थे। युगान्तर पार्टी [ ...ें क्रांतिकारियों को ५२ मौजर पिस्तौलें और ५० हजार गोलियाँ प्राप्त हुई थीं। ब्रिटिश सरकार हो ज्ञात हो चुका था कि 'बलिया घाट' तथा 'गार्डन रीच' की डकैतियों में य ...१५ KB (४५६ शब्द) - १४:४७, २४ अगस्त २०२०
- | profession = [[राजनीति]]ज्ञ, [[ज्योतिषी]], भाषाशास्त्री, [[दार्शनिक]] ...ास्त्री, खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, मुंबई, संस्करण-2006, पृष्ठ-12.</ref> ब्रिटिश साम्राज्य ने इस नयी व्यवस्था को 1752 ई० में स्वीकार किया था।<ref name="refe ...१४ KB (३३८ शब्द) - ०२:१५, १६ जून २०२०
- | birth_place = [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]], [[ब्रिटिश राज|ब्रितानी भारत]] ...्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन किया। विख्यात ऋषि और दार्शनिक [[राम स्वरूप]] उनके गुरु और सहयोगी थे। १९४० के दशक में उनका झुकाव [[मार्क्स ...११ KB (५२५ शब्द) - १०:३०, ६ मई २०२१