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- ...एक लाख से दो लाख के मध्य है। जो सभी [[भारत]] वंशी हैं।भारत के बाद सर्वाधिक जैन [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] में ही हैं। [[श्रेणी:जैन धर्म]] ...४२६ बाइट (० शब्द) - १७:१७, ३ मार्च २०२०
- ...ी जैन आबादी ब्रिटेन में है (लगभग 25,000 ; 2006 तक)। भारत से बाहर रहने वाले जैन विभिन्न परम्पराओं से सम्बन्धित हैं, दिगम्बर, श्वेताम्बर, तेरापन्थी, शंखकवास [[श्रेणी:जैन धर्म]] ...१ KB (४ शब्द) - २१:१०, ३ मई २०१९
- *[[भारत में जैन धर्म]] *[[जैन धर्म]] ...१ KB (३६ शब्द) - १६:३१, २ मई २०२०
- ...प्राप्त हुए। जैन मान्यतानुसार प्रत्येक मोक्ष प्राप्त आत्मसिद्ध कहलाता है। जैन रामायण में भगवान राम का आदर के साथ उल्लेख किया गया है। [[श्रेणी:जैन धर्म]] ...२ KB (११ शब्द) - १२:१०, २४ मई २०२१
- ...बहुत योगदान दिया है। वे मातृभाषा के रूप में तमिल बोलते हैं। उत्तर भारत के जैनियों के विपरीत, वे अपनी सीमा शुल्क और परंपराओं में भिन्न होते हैं। वे अधिक उ ==तमिलनाडु में जैन धर्म की उत्पत्ति== ...५ KB (६० शब्द) - १९:५६, १४ जनवरी २०२१
- ...म|जैन]] मठवासी आदेश.<ref>जैन शिलालेख संग्रह, , भाग ४, विद्याधर जोहरापुरकर, भारतीय ज्ञानपीठ, १९६१</ref> Mula का शाब्दिक अर्थ है "रूट" या मूल आदेश. ...ञापन 430.<ref>प्रमुख जैन एतिहासिक जैन पुरुष और महिलायें, ज्योतिप्रसाद जैन, भारतीय ज्ञानपीठ, १९७५</ref> ...४ KB (८९ शब्द) - १७:१६, १५ जून २०२०
- ...ं'', बलभद्र नेतृत्व एक आदर्श जैन जीवन है। <ref><cite class="citation book">जैन, जगदीश चन्द्र; भट्टाचार्य, नरेन्द्र नाथ (1994-01-01). </cite></ref> * [[जैन धर्म में राम|राम]] ...५ KB (४०९ शब्द) - १२:०३, १५ जून २०२०
- '''Bispanthi/बीस पंथ''' में से एक है [[दिगम्बर|Digambara]] [[जैन धर्म|जैन]] संप्रदायों,<ref><cite class="citation book">सिंह, कुमार, सुरेश; Tapash कु परंपरागत रूप से, जैनियों ने दो प्रधान संप्रदायों के [[दिगम्बर|Digambara]] और [[श्वेताम्बर|Svetam ...२ KB (५१ शब्द) - ०७:३०, १० जून २०२१
- [[चित्र:Ranakpur-temple.jpg|right|thumb|[[रणकपुर जैन मंदिर]], राजस्थान]] '''जैन मंदिर''' [[जैन धर्म]] के अनुयायीयों के लिए [[जैन धर्म में भगवान|भगवान]] की पूजा और दर्शन का स्थान है '''।<ref><span class="citati ...५ KB (१८९ शब्द) - २२:५९, ६ जून २०२१
- ...्टारक विराजित रहते थे परंतु कालक्रम और विषम परिस्थितियों के कारण वे दक्षिण भारत तक ही सीमित रह गये। ...न में पुनः जिनधर्म के संरक्षण व संवर्धन के लिये भट्टारक परम्परा को संपूर्ण भारत में पुनः स्थापित करने की संयोजना कार्यरत है। ...५ KB (३५ शब्द) - १३:५६, १५ जून २०२०
- ...आबादी ०.७४ प्रतिशत यानि ४१२६५४ है। गोमतेश्वर में ५७ फट ऊंची प्रतिमा है, जो भारत के सात अजूबों में शामिल है। ये मुख्यतः कन्नड़ बोलते हैं। [[श्रेणी:जैन धर्म]] ...५१८ बाइट (१ शब्द) - १२:१९, २५ मार्च २०१८
- |name = श्री दिगम्बर जैन लाल मंदिर |country = भारत ...४ KB (१८७ शब्द) - ०३:३८, १५ जून २०२०
- '''जैन धर्म''' [[भारत]] की श्रमण परम्परा से निकला [[धर्म]] और [[दर्शन]] है । === जैन किसे कहते हैं? === ...५ KB (३९ शब्द) - ०७:१०, २९ अक्टूबर २०१३
- ...िक्सेल| काष्ठा संघ के [[भट्टारक|भट्टारकों]] द्वारा नक्काशी करके बनायी गयीं जैन मूर्तियाँ ([[ग्वालियर]])]] ...ामक नगर से हुई थी। [[दिल्ली]] क्षेत्र के कई ग्रन्थों एवं शिलालेखों में [[सुधर्मास्वामी|लोहाचार्य]] को इस संघ का प्रणेता बताया गया है। <ref><cite class="cit ...५ KB (१०५ शब्द) - १०:५८, १६ जून २०२०
- ...करते हैं। इन यात्राओं को '''तीर्थयात्रा''' (pilgrimage) कहते हैं। [[हिन्दू धर्म]] के तीर्थ प्रायः देवताओं के निवास-स्थान महत्त्वपूर्ण तीर्थ हैं और इसके अति == हिन्दू धर्म के महत्त्वपूर्ण तीर्थ == ...४ KB (१९ शब्द) - १०:३१, २५ दिसम्बर २०२०
- भारतीय धर्मों ([[हिन्दू धर्म|हिन्दू]], [[जैन धर्म|जैन]], [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] आदि) में पवित्र स्थलों के चारो ओर श्रद्धाभाव से चलना [https://www.t ...कामदगिरि]] और दक्षिण भारत में [[तिरुवन्मलई]] की परिक्रमा होती है जबकि [[उज्जैन]] में चौरासी महादेव की यात्रा का आयोजन किया जाता है। ...३ KB (५३ शब्द) - २०:४२, २ जनवरी २०२१
- [[भारतीय दर्शन]] में आस्तिक शब्द तीन अर्थों में प्रयुक्त हुआ है- ...[प्रमाण]] मानते हैं। इस परिभाषा के अनुसार [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]], [[जैन धर्म|जैन]] और [[चार्वाक दर्शन|लोकायत]] मतों के अनुयायी नास्तिक कहलाते हैं और ये तीनो ...२ KB (२० शब्द) - ०३:४६, ६ जुलाई २०२१
- ...ावेश है। [[बौद्ध धर्म]] का 'वज्रयान' इसी पद्धति का प्रयोजक मार्ग है। वैदिक धर्म में उपास्य देवता की भिन्नता के कारण इसके तीन प्रकार है: '''वैष्णव आगम''' ([ '''आगम''' परम्परा से आये [[हिन्दू]] धर्म के महत्वपूर्ण ग्रन्थ हैं। [[वेद]] के ये सम्पूरक हैं। इनके वक्ता प्रायः [[शि ...८ KB (५८ शब्द) - ०७:०२, १६ जून २०२०
- | subheader = उन्नीसवें जैन [[तीर्थंकर]] ...्ह कलश था। इनके यक्ष का नाम कुबेर और यक्षिणी का नाम धरणप्रिया देवी था। जैन धर्मावलम्बियों के अनुसार भगवान श्री मल्लिनाथ जी स्वामी के गणधरों की कुल संख्या 2 ...६ KB (२०५ शब्द) - २१:००, ५ अगस्त २०२१
- {{जैन धर्म}} ...जाता है। इस बारे में बहुत ही कम लोगों को विदित है। मान्यतानुसार [[दीपावली (जैन)|दीपावली]] को [[महावीर स्वामी]] का निर्वाण हुआ था। ...५ KB (२४७ शब्द) - ०३:३८, १५ जून २०२०