सामग्री पर जाएँ

खोज परिणाम

देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • '''द्रव्यमान''' किसी [[पदार्थ]] का वह मूल गुण है, जो उस [[पदार्थ]] के [[त्वरण]] का विरोध करता है। [[श्रेणी:भौतिकी]] ...
    ६८९ बाइट (२ शब्द) - १५:०२, ४ दिसम्बर २०२०
  • ...बदल जाती है - एक या अधिक पदार्थ मिलकर या टूटकर नये पदार्थ बनाते हैं। उसका गुण और वैशिष्ट्य ही बदल जाता है,जैसे चावल से बात बनना। ...ं पिघल जाता है और कुछ समय बाद वह पुनः अपने मूल स्वरूप में आ जाता है यह एक भौतिक परिवर्तन है। ...
    ५ KB (२६ शब्द) - २०:५८, २६ जुलाई २०२१
  • ...सजाने से [[आवर्त सारणी]] का निर्माण होता है जिससे अनेक रासायनिक एवं भौतिक गुण स्वयं स्पष्ट हो जाते हैं।<ref name="dm1869">[http://www.aip.org/history/cur ...) कहलाते हैं। इनके रासायनिक गुण तो प्रायः समान होते हैं किन्तु कुछ [[भौतिक गुण]] भिन्न होते हैं। पाठ 195 ...
    ४ KB (९८ शब्द) - ००:२६, १८ अगस्त २०२१
  • [[अल्फा|अल्फा का गुण]] [[श्रेणी:भौतिकी|कण, अल्फा]] ...
    २ KB (४८ शब्द) - २२:०९, ८ अप्रैल २०२१
  • ...भी। [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]] की इस शाखा का बहुत महत्व है और इसके सिद्धांत भौतिकी के प्रत्येक विभाग मे, विशेषतया अभियान्त्रिकी (इंजीनियरिंग) और शिल्पविज्ञान ...]], [[प्रत्यास्थता]] गुणांक, [[श्यानता]], [[पृष्ठतनाव]], [[गुरुत्वाकर्षण]] गुणांक इत्यादि। ...
    ३ KB (१ शब्द) - ०६:३२, ४ मार्च २०२०
  • ...ैं। किसी विलेय की विलेयता मूल रूप से विलेय और विलायक के भौतिक एवं रासायनिक गुणों पर तो निर्भर करता ही है, इसके अलावा विलयन के [[तापमान|ताप]], [[दाब]] एवं [[श्रेणी:भौतिक गुण]] ...
    २ KB (१९ शब्द) - ०६:२९, १२ मई २०२०
  • {{भौतिकी-आधार}} यांत्रिकी में '''प्रत्यास्थता''' (elasticity) पदार्थों के उस गुण को कहते हैं जिसके कारण उस पर वाह्य बल लगाने पर उसमें विकृति (deformation) आ ...
    २ KB (१८ शब्द) - १४:२६, ६ जून २०१५
  • ...- वे कण जो [[बोस-आइंस्टीन साँख्यिकी]] का पालन करते है और जिनकी [[प्रचक्रण (भौतिकी)|प्रचक्रण]] (०,१,२,---) होती है, '''बोसॉन''' कहलाते है। मूलभूत बलो को संजो ...व्यवहार होता है कि यह अपने में आरपार आ जा सकता है। इसका यह व्यवहार बोसॉनिक गुण के कारण होता है, चूंकि इसका [[परमाणु नाभिक|नाभिक]] '''बोसॉन''' होता है और [ ...
    ३ KB (२२ शब्द) - २२:१९, २ अगस्त २०२१
  • [[चित्र:CollageFisica.jpg|right|thumb|350px|भौतिकी के अन्तर्गत बहुत से प्राकृतिक विज्ञान आते हैं]] ...मात्रा में इसके अंतर्गत आ जाते हैं। विज्ञान की अन्य शाखायें या तो सीधे ही भौतिक पर आधारित हैं, अथवा इनके तथ्यों को इसके मूल सिद्धांतों से संबद्ध करने का प् ...
    १२ KB (१५२ शब्द) - ११:३५, ९ जून २०२१
  • ...ाई 1854) प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री थे। उन्होने ही विद्युत चालकों के एक सामन्य गुण (प्रतिरोध) की खोज की और '[[ओम का नियम]]' प्रतिपादित किया। ...े अधिक प्रयोगों में रुचि रखने वाले ओम ने [[विद्युत परिपथ]] से जुड़े एक ऐसे गुण की खोज की जिससे आगे चलकर बिजली की खपत कम करने और उपयोगी चालकों की तलाश का र ...
    ७ KB (१६ शब्द) - ०८:४६, ३ मार्च २०२१
  • ...ंद्र से दूर भागने की प्रवृत्ति होती है।<ref>{{cite web|first1=एड्मिन|title=भौतिक विज्ञान के बल व गति सम्बन्धी नियम|url=http://www.vivacepanorama.com/laws-of [[श्रेणी:भौतिकी]] ...
    ५ KB (१०१ शब्द) - ०२:१५, १५ मार्च २०२१
  • ...वह अनिर्वचनीय नहीं है। पर उसको पूर्ण रूप से जानना भी सहज नहीं है। ईश्वर के गुण अनंत हैं, अत: उसकी सत्ता सीमित नहीं है- असीमता के कारण उसका प्रत्यक्ष नहीं ...संख्या अनंत है और वे अणुरूप हैं। मूलत: वे चेतन और आनंदमय नित्य तत्व हैं पर भौतिक शरीर के संसर्ग से एवं कर्मबंधन से वे दुख भोगते हैं। ईश्वर जीवों का अंतर्याम ...
    ८ KB (१८ शब्द) - ११:४९, १५ मार्च २०२०
  • ...ै और उसे न केवल बुद्धिजीवी प्राणियों के बौद्धिक जीवन का अपितु शारीरिक अथवा भौतिक क्रियाओं का भी मूलाधार माना जाता है। ...
    १० KB (१०१ शब्द) - ०३:१९, १५ जून २०२०
  • '''भौतिक राशि''' वस्तुतः कोई [[भौतिक गुण]] है जिसे मापा जा सकता है अर्थात कोई आंकिक मान दिया जा सकता है। : ''भौतिक राशि किसी वस्तु, पदार्थ या [[दृग्विषय|परिघटना]] का गुण है तथा इस गुण को संख्यात्मक मान एवं कोई मानक सन्दर्भ प्रदान किया जा सकता है। ...
    २२ KB (१२५ शब्द) - ०२:१०, १४ सितम्बर २०२०
  • धातुओं की पारम्परिक परिभाषा उनके बाह्य गुणों के आधार पर दी जाती है। सामान्यतः धातु चमकीले, [[प्रत्यास्थता|प्रत्यास्थ]] ...मोटे रूप से हम कह सकते हैं कि यदि किसी तत्व में निम्नलिखित संपूर्ण या कुछ गुण हों तो उसे धातु कहेंगे : ...
    १७ KB (१६९ शब्द) - १६:४४, ११ जुलाई २०२१
  • ...स्तु के किसी क्वाण्टम गुण को मापा जाए तो दूसरी वस्तु उसी क्षण उस से विपरीत गुण धारण कर लेती है। मसलन अगर दो विद्युदणुओं (ऍलॅक्ट्रोनों) में प्रमात्रा उलझाव [[श्रेणी:भौतिकी]] ...
    ५ KB (९५ शब्द) - १२:२६, १६ जून २०२०
  • ...क्त पदार्थ है। प्रकृति से यह आणविक होती है। '''ऊर्जा''' का एक महत्त्वपूर्ण गुण ऊष्ण उत्तेजना प्रदान करना है, अत: कोई भी पिण्ड जो इसके साथ संयोग करता है उच ...' को दिव्य कहते हैं। अन्य दो 'उदर्य' (abdominal) और 'आकरज' आधिभौतिक एवं पराभौतिक राशियों से सम्बन्धित हैं। तेज के बिना शरीर क्रिया कदापि संभव नहीं हो सकती, ...
    १० KB (७५ शब्द) - १३:३६, ३ फ़रवरी २०१८
  • ...र तत्वों को परमाणु भार के वृद्धि क्रम में क्षैतिज कतारों में सजाने पर सामन गुण वाले तत्त्व एक ही उर्ध्वाधर कालम में उपस्थित रहते हैं, इन्हें 'वर्ग' (ग्रुप ...्टि से समूहों को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। कुछ समूहों में, तत्त्व समान गुण दर्शाते हैं। इन समूहों के नाम क्षारीय तत्व, क्षारीय पार्थिव धातु, हैलोजेन, ...
    १६ KB (२२५ शब्द) - ०५:३०, १४ मई २०२१
  • ...] का वह भाग जिसे उपयोग में नहीं लाया जा सकता (दूसरे शब्दों में, ''[[कार्य (भौतिकी)|कार्य]] में नहीं बदला जा सकता''), उस निकाय की एन्ट्रॉपी कहलाती है। एण्ट्र # एन्ट्रॉपी एक [[भौतिक राशि]] है, जिसकी गणना की जा सकती है। ...
    ७ KB (१०५ शब्द) - ०३:०७, ४ मार्च २०२०
  • ...्शनिक|यूनानी दार्शनिक]] [[सुकरात]] ने सबसे पहले खनिजों की उत्पत्ति और उनके गुणों को सिद्धांत रूप में प्रस्तुत किया था, हालांकि सुकरात और उनके समकालीन विचा ...रिया]] है, जिसमें विभिन्न खनिजों का वर्णन ही नहीं किया गया है, वरन उनके कई गुणों का भी ब्यौरा दिया है। [[जर्मन भाषा|जर्मन]] पुनर्जागरण विशेषज्ञ [[जॉर्जियस ...
    १४ KB (१८० शब्द) - ०८:३८, १० जुलाई २०२१
देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)