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- ...शासकों की सूची|मुगल बादशाह]] [[जहाँगीर|जहांगीर]] के शासनकाल में हुआ था। इस ऐतिहासिक इमारत के दरवाजे के ऊपर [[फ़ारसी भाषा|फारसी भाषा]] में एक शिलापट्ट जड़ा हुआ ==ऐतिहासिक महत्व== ...५ KB (११७ शब्द) - ०५:१६, १६ जून २०२०
- ...ै, जो '''विश्व विरासत स्थल समिति''' द्वारा चयनित होते हैं; और यही समिति इन स्थलों की देखरेख[[युनेस्को]] के तत्वाधान में करती है। ...जा चुका है जिसमें 869 सांस्कृतिक, 213 प्राकृतिक, 39 मिले-जुले और 138 अन्य स्थल हैं। ...२१ KB (४०४ शब्द) - १५:४१, १९ अगस्त २०२१
- ...जो मध्यकाल में बादशाहों और सुल्तानों के लिए शिकारगाह के साथ पनाहगाह भी था। ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक बुरहानपुर में मुगल बादशाह की बेगम मुमताज महल के निधन {{मध्य प्रदेश पर्यटन}} ...७ KB (३६६ शब्द) - १७:३०, २५ अगस्त २०२०
- ...े अंतर्गत '''वर्गीकृत विज्ञान''' (classified science), द्वितीय वर्ग में '''ऐतिहासिक विज्ञान''' (historial sciences), और तृतीय वर्ग में '''क्षेत्रीय या स्थान-सं ...ेषण स्थान या क्षेत्र के संदर्भ में करते हैं। पदार्थ विज्ञानों के अध्ययन का केन्द्र बिन्दु ‘क्यों ’ , ‘क्या’ ...२३ KB (११० शब्द) - १८:११, ४ जनवरी २०२१
- '''दूनागिरी''' भूमंडल में दक्षिण एशिया स्थित [[भारत]]वर्ष के [[उत्तराखण्ड]] प्रदेश के अन्तर्गत कुमांऊँ क्षेत्र के [[अल्मोड़ा]] जिले में एक पौराणिक पर्वत शिखर कौशिकी रथवाहिन्योर्मध्ये द्रोणगिरी: स्मृत:। (''मानसखण्ड 36,2'') ...२० KB (२२० शब्द) - ०५:१४, २८ सितम्बर २०२०
- | location = [[सांची]], [[मध्य प्रदेश]], भारत, एशिया {{ज्ञानसन्दूक विश्व धरोहर स्थल ...२५ KB (६३१ शब्द) - ००:१०, २२ जून २०२१
- ! युग|| काल||औजार||[[अर्थव्यवस्था]]|| शरण स्थल||समाज||[[धर्म]] | rowspan="5"| मध्य पुरापाषाण काल के आसपास मृत्यु पश्चात जीवन में विश्वास के साक्ष्य कब्र एवं अ ...१३ KB (१०६ शब्द) - १४:०१, ३ जून २०२१
- |state = [[हिमाचल प्रदेश]] |source_location = जुब्बल, [[हिमाचल प्रदेश]] ...३९ KB (१,०५१ शब्द) - ०८:२२, ६ मई २०२१
- ...ौर|इंदौर]], [[भारत]] में है,। बोर्ड का गठन किया गया था 1941 में होल्कर क्रिकेट एसोसिएशन के रूप में। ...रत में क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ संबद्ध है। यह एसोसिएशन पहले होल्कर क्रिकेट एसोसिएशन के रूप में जाना जाता ...२८ KB (१११ शब्द) - १५:३५, १५ जून २०२०
- ...रत]]वर्ष के पश्चिमी छोर पर [[गुजरात]] नामक प्रदेश स्थित, अत्यन्त प्राचीन व ऐतिहासिक [[शिव मन्दिर]] का नाम है। यह भारतीय इतिहास तथा हिन्दुओं के चुनिन्दा और महत् ...इसे राष्ट्र को समर्पित किया। सोमनाथ मन्दिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थल है। मन्दिर प्रांगण में रात साढ़े सात से साढ़े आठ बजे तक एक घण्टे का साउण्ड ...२९ KB (४२४ शब्द) - ००:५५, २१ अगस्त २०२१
- ...ामी समाज]] कहा जाता है , के प्रवर्तक है । गुरूजी भंडारपुरी को अपना धार्मिक स्थल के रूप में संत समाज को प्रमाणित सत्य के शक्ति के साथ दिये वहाँ गुरूजी के वं ...मक्ष अपना समर्पण कर वीरगति को प्राप्त हुए। बचे हुए सतनामी सैनिक पंजाब,मध्य प्रदेश कि ओर चले गये । मध्यप्रदेश वर्तमान छत्तीसगढ़ मे संत घासीदास जी का जन्म हुआ ...१३ KB (१८४ शब्द) - १४:३३, १७ अगस्त २०२१
- ...सके प्राकृतिक विभागों (जैसे पहाड़, महादेश, देश, नगर, नदी, समुद्र, झील, डमरुमध्य, उपत्यका, अधित्यका, वन आदि) का ज्ञान होता है। <ref>"[http://dictionary.refe ...ा स्वतंत्र विषय है, जिसका उद्देश्य लोगों को इस विश्व का, आकाशीय पिण्डो का, स्थल, महासागर, जीव-जन्तुओं, वनस्पतियों, फलों तथा भूधरातल के क्षेत्रों मे देखी जा ...४९ KB (३५३ शब्द) - ११:३९, १३ जुलाई २०२१
- | प्रदेश = उत्तर प्रदेश ...] के १० किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित प्रमुख [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] [[तीर्थ]]स्थल है। ज्ञान प्राप्ति के पश्चात [[गौतम बुद्ध|भगवान बुद्ध]] ने अपना प्रथम [[उपद ...४३ KB (१५६ शब्द) - ०३:४५, २७ जनवरी २०२१
- ...्चिम में ताश्कंत में चे-शिह (वर्तमान राजधानी) पहुंचा। फिर और पश्चिम में मरुस्थल के बाद समरकंद पहुंचा, जो फारस के बादशाह के अधीन था। वहां वे बौद्ध खंडहरों म ...ाथ कि, मी, दूर है। यहां महायन के सौ मठ थे और 6000 भिक्षु थे। यह [[गांधार]] प्रदेश था। इस यात्रा में इसे [[हिन्दू]] और [[जैन धर्म|जैन]] भी मिले। फिर यह [[जलाल ...२६ KB (५१६ शब्द) - १९:३४, २४ मार्च २०२१
- ...सभ्यताओं ने प्राचीन काल से ही दूसरी जगहों के वर्णन और अध्ययन में रूचि ली। मध्य युग में अरबों और ईरानी लोगों ने यात्रा विवरणों और वर्णनों से इसे समृद्ध किय ...भूगोल और खगोल। खगोल जो आकाश का प्रतिनिधित्व करता था, बड़ा गोला था और इसके केन्द्र में पृथ्वी रुपी छोटा गोला भूगोल अवस्थित माना गया। इन दोनों के वर्णनों ...३० KB (३७३ शब्द) - १६:५१, १० अगस्त २०२१
- | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] {{ज्ञानसन्दूक विश्व धरोहर स्थल ...६७ KB (९६१ शब्द) - १९:१९, १८ अगस्त २०२१
- * मध्य की घाटी। ...निर्मित हुआ है, इसमें अब भी भूचाल आते हैं। यह उत्तरी पश्चिमी पहाड़ी भाग को मध्य के पहाड़ी भागों से अलग करता है। मिंच धसान घाटी है जो २४ किमी की लंबाई तथा ४ ...५५ KB (१,०४४ शब्द) - १३:३७, १८ अगस्त २०२१
- ...था अपने तट पर बसे शहरों की जलापूर्ति भी करती है। इसके तट पर विकसित धार्मिक स्थल और तीर्थ भारतीय सामाजिक व्यवस्था के विशेष अंग हैं। इसके ऊपर बने पुल, बाँध औ ...}}</ref> इस प्रकार 200 कि॰मी॰ का सँकरा पहाड़ी रास्ता तय करके गंगा नदी [[ऋषिकेश]] होते हुए प्रथम बार मैदानों का स्पर्श [[हरिद्वार]] में करती हैं।<ref>{{Ci ...९२ KB (१,८५८ शब्द) - ०१:४६, ९ अगस्त २०२१
- ...ैं; और सम्भवतः वहीं पहुँचेगा, जहाँ हम एक बार पहुँचकर भटक से गये हैं। यह एक ऐतिहासिक सत्य है। यह एक दिन सबके सामने आयेगा। इसी से कहा जाता है कि अन्तर-राष्ट्रीय ...्रमशः बढ़ती जाती है। अवेस्ता में वैदिक साहित्य के ब्राह्मण भाग का कोई भी संकेत नहीं मिलता। हाँ, ऋग्वेद की भाँति जिन्दा-अवेस्ता में मन्त्र और सूत्र अवश्य ...१४० KB (७१४ शब्द) - १९:५५, ३ फ़रवरी २०१८
- ...्र [[भीम]] से संबन्धित है एवं इसी से इसका नाम ''भीमबैठका'' पड़ा। ये गुफाएँ मध्य भारत के [[पठार]] के दक्षिणी किनारे पर स्थित [[विन्ध्याचल]] की पहाड़ियों के ...]], [[दैमाबाद]], [[सुत्कन्गेदोर]], [[सुरकोतदा]] और [[हड़प्पा]] इसके प्रमुख केन्द्र थें। ब्रिटिश काल में हुई खुदाइयों के आधार पर पुरातत्ववेत्ता और इतिहासक ...७६ KB (६३७ शब्द) - १६:०७, ४ अगस्त २०२१