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इस विकि पर "राजस्थान के जाट गोत्र" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ें मिलते हैं। यह गोत्र [[ऋषि दधीचि]] के परिवार पेड़ में भी है। '''डिडेल''' गोत्र सबसे ज्यादा नागौर जिले के [[रोल]] गांव में हैं। ...समे कभी पानी खत्म नही होता । साथ ये मंदिर गुप्तकालीन बताया जाता है । डिडेल गोत्र मूलतः डिडिया गांव से सम्बंध रखती है । ऐसा माना जाता है कि डिडेल(डिडा) नाम क ...३ KB (६ शब्द) - १४:१७, २८ फ़रवरी २०२१
- ...किया तथा 14 महिने के लिय देवगढ़ की जेल में बंद रखा। आप प्रजा मंडल सीकर तथा जाट-पंचायत सीकर के सक्रीय महत्त्व पूर्ण नेता थे। [[श्रेणी:राजस्थान]] ...१ KB (५ शब्द) - १०:४७, ६ मई २०२१
- ...}}</ref> जो [[भारत]] के [[राजस्थान]] और [[हरियाणा]] प्रान्त में मिलते हैं। राजस्थान में चूरु, सीकर, झुन्झुनूं, जयपुर, हनुमानगढ, जोधपुर जिलों में मिलते हैं। हर ...्तक इंडिका में वर्णित Ordabae से बुड़िया की पहचान की है।<ref>ठाकुर देशराज :जाट इतिहास, महाराजा सूरजमल शिक्षा संसथान, दिल्ली, 1992, पृ .144</ref> ...३ KB (३२ शब्द) - १३:२४, २७ मई २०२१
- ...थीं। उनकी रचनाएं [[राजस्थान]] के [[मारवाड़]] क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। वह राजस्थान की दूसरी [[मीरा बाई|मीरा]] के रूप में जानी जाती है। वह [[संत चतुर दास]] (जो रानाबाई का जन्म [[राजस्थान]] के [[नागौर]] जिले के [[हरनावा]] गांव में सन् 1543 में चौधरी जालमसिंह धू ...१३ KB (३२ शब्द) - १०:४६, ६ मई २०२१
- ...व]] का ग्यारहवां अवतार माना जाता है और उनका जन्म एक [[नागवंशी]] क्षत्रिय [[जाट]] घराने में हुआ था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id ([[राजस्थान]]) ...३१ KB (५२५ शब्द) - १९:४६, २८ अगस्त २०२१
- ...me="ReferenceA">भलेराम बेनीवाल (२००८):जाट योद्धाओं का इतिहास, बेनीवाल पब्लिकेशन, दुपेडी, करनाल, हरयाणा, पृष्ठ ६५६</ref> ...ययन किया। संत जी ने जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में भी भ्रमण किया था। बक्सर के निकट फतापुर ग्राम में ये १९ वर्षों तक रहे और ...२० KB (१४६ शब्द) - २३:५७, १४ जून २०२०