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- [[श्रेणी:वेदांत]] ...८१४ बाइट (३ शब्द) - ०२:०९, ७ जुलाई २०२१
- [[श्रेणी:वेदांत]] ...२ KB (७ शब्द) - २१:३५, ९ अगस्त २०२०
- [[श्रेणी:वेदांत]] ...२ KB (२२ शब्द) - ०७:४३, २४ जून २०२१
- मायावाद का शंकर के अद्वेत वेदांत में मायावाद का विशिस्त तथा महतव्पूर्ण स्थान है |<br /> ...ते है, रामानुज के अनुसार निर्गुण निराकार का ज्ञान हो ही नही सकता है अद्वेत वेदांत के अनुसार ये ज्ञान ही माया का निवर्तक है इस ब्रह्म का ज्ञान ज्ञाता-ज्ञेय के ...११ KB (६५ शब्द) - ०८:३८, ४ फ़रवरी २०१७
- ...ा है। मध्व बिना संकोच द्वैत का प्रतिपादन करते हैं। [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैत वेदांत]] को मध्व "मायावादी दानव' कहते हैं। इनके अनुसार जगत्प्रवाह पाँच भेदों से सम ...ूल रूप में परिणाम तथा जीवों को कर्मानुसार फल देने के लिए शरीरप्रदान। द्वैत वेदांत अद्वैत-मत-परक वैदिक वाक्यों का खींच तानकर अर्थ निकालता है - जैसे "एकमेवाद्व ...८ KB (१८ शब्द) - ११:४९, १५ मार्च २०२०
- ...जिस को महाराज भुरीवाले ट्रस्ट द्वारा सुचालू रूप से वर्तमान गुरगद्दीनशीं '''वेदांत आचार्य स्वामी चेतना नन्द जी भुरीवाले''' बड़े ही सुचालू रूप से चला रहे है तथ ...४ KB (२० शब्द) - १५:०१, १५ जून २०२०
- '''भाई संतोख सिंह''' (सन् 1788-1843) [[वेदान्त दर्शन|वेदांत]] और [[सिख दर्शन|सिक्ख दर्शन]] के विद्वान् और [[ज्ञानी संप्रदाय]] के विचारक ...५ KB (२० शब्द) - १४:०६, १५ जून २०२०
- ...हैं। [[गरुड़ पुराण|गरुड़पुराण]], [[पद्म पुराण|पद्मपुराण]] और [[मनुस्मृति]] वेदांत सूत्रों की चर्चा करते हैं। हापकिंस के अनुसार [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] का रचना ...व्याख्याएँ लिखी गई जो परस्पर विरोधी दृष्टि से वेदांत का प्रतिपादन करती है। वेदांत के सभी प्रस्थान इन सूत्रों को अपना प्रमाण मानते हैं। [[ब्रह्म]] का प्रतिपाद ...२३ KB (१,३४२ शब्द) - ०७:५१, २६ अगस्त २०२१
- ...क्ष, अनुमान, उपमान, शब्द, अर्थापत्ति और अनुपलब्धि। [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैत वेदांत]] भी उपयुक्त छह प्रमाणों को स्वीकार करता है। मीमांसा ज्ञान को स्वत:प्रामाण् वे बाह्य वस्तुओं के अस्तित्व को स्वीकार करते हैं। संसार को वे अद्वैत वेदांत अथवा [[महायान]] बौद्ध दर्शन की तरह मिथ्या नहीं मानते। संसार सत्य है। संसार ...१९ KB (८४ शब्द) - २२:२६, ५ अगस्त २०२०
- ...हुआ। बुद्ध के अनुयायियों में मतभेद के कारण कई संप्रदाय बन गए। जैन संप्रदाय वेदांत के समान ध्यानवादी है। इसका चीन में प्रचार है। ...ून्य का अर्थ निरस्वभाव, नि:स्वरूप अथवा अनिर्वचनीय है। शून्यवाद का यह शून्य वेदांत के ब्रह्म के बहुत निकट आ जाता है। ...२१ KB (१५६ शब्द) - १२:२०, २७ जुलाई २०२१
- ...ं तथा प्रतिपादित किया है कि संतों की निर्गुण भक्ति का अपना स्वरूप है जिसको वेदांत दर्शन के सन्दर्भ में व्याख्यायित नहीं किया जा सकता। उनके शब्द हैं: ...७ KB (१२ शब्द) - ००:२५, १५ दिसम्बर २०२०
- ...यपुर) में जन्मे '''गोस्वामी हरिकृष्ण शास्त्री''' साहित्य, न्याय-शास्त्र और वेदांत दर्शन के जाने माने अध्येता विद्वान, [[तन्त्र|तंत्र-विद्या]] के ज्ञाता, संस् ...हमदाबाद के पास पालड़ी में स्थित श्रीरामानंद सम्प्रदाय के कौशलेन्द्र मठ में वेदांत के विभागाध्यक्ष बन कर अपार ख्याति अर्जित की। यहीं उनसे अनुरोध किया गया था क ...१७ KB (२०५ शब्द) - ०१:०९, १५ जून २०२०
- ...्राप्त करना चाहिए, जो यह महसूस करना है कि उसका सच्चा आत्मा (आत्मान) अद्वैत वेदांत के अनुसार पारलौकिक ब्रह्म के समान है।<ref>{{Cite web|url=https://navbharat ...१४ KB (२१७ शब्द) - ०१:३६, २० अगस्त २०२१
- ...ूप प्रकाशविमर्शमय है। शांकर वेदांत भी चित् को अद्वैत मानता है, किंतु शांकर वेदांत में चित् केवल प्रकाशस्वरूप है, प्रत्यभिज्ञा दर्शन में वह प्रकाशविमर्शमय है। शांकर वेदांत या ब्रह्मवाद भी अद्वैतवादी है, किंतु ब्रह्मवाद और ईश्वराद्वयवाद में पर्याप् ...२८ KB (१३८ शब्द) - १४:३८, ३ जुलाई २०२०
- '''अध्यास''', [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैत वेदांत]] का पारिभाषिक शब्द है। एक वस्तु में दूसरी वस्तु का ज्ञान अध्यास कहलाता है। ...८ KB (४८ शब्द) - ०८:०७, १५ जनवरी २०२१
- ...npatrika.com |date=9 April 2019}}</ref> द्वारा लिखित पुस्तक है और "सारस्वत वेदांत प्रकाश संगठन" द्वारा प्रकाशित की गई थी। .<ref name="VP">{{cite book |last1= ...८ KB (६२८ शब्द) - ००:१०, ३१ जुलाई २०२१
- ...्मकांड, वेशभूषा को मानना जरुरी नहीं। बस वह सनातनधर्मी परिवार में जन्मा हो, वेदांत, मीमांसा, चार्वाक, जैन, बौद्ध, आदि किसी भी दर्शन को मानता हो बस उसके सनातनी ...ं। [[विज्ञान]] भी सनातन सत्य को पकड़ने में अभी तक कामयाब नहीं हुआ है किंतु वेदांत में उल्लेखित जिस सनातन सत्य की महिमा का वर्णन किया गया है [[विज्ञान]] धीरे- ...१६ KB (३९५ शब्द) - ०८:२८, ९ जून २०२१
- ...में विश्वास करती है। [[उपनिषद|उपनिषदों]] में, एक लोकप्रिय व्याख्या अद्वैत वेदांत परंपरा है। यह पूर्ण [[अद्वैतवाद]] है। एक व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप या शु ...१० KB (९ शब्द) - १३:३३, २० नवम्बर २०२०
- ...ले, कुछ कम आयुवाले, कुछ स्वस्थ, कुछ रोगी, कुछ धनी कुछ निर्धन आदि होते हैं। वेदांत के अनुसार ईश्वर जीवों के कर्मानुसार ही उन्हें विभिन्न फल प्रदान करता है। उस ...१३ KB (४ शब्द) - १८:४५, २९ फ़रवरी २०२०
- ...शास्त्री के चरणों में लगभग सात वर्षों तक व्याकरण, न्याय, मीमांसा, साहित्य, वेदांत आदि सभी विषयों का गहन अध्ययन किया और उन पर अधिकार प्राप्त किया। काशी में अध ...१२ KB (२० शब्द) - ११:११, २ सितम्बर २०२०