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  • [[श्रेणी:शनि देव]] ...
    १ KB (० शब्द) - ०९:०९, ३ मार्च २०२०
  • | [[वरुण (देव)|वरुण]] || 164.8 ...
    १ KB (१८ शब्द) - १६:३४, २९ फ़रवरी २०२०
  • | [[वरुण (देव)|वरुण]] || [[वरुण (देव)|वरुण]] || align="right" | 23.6 | [[वरुण (देव)|वरुण]] || [[सूर्य]] || align="right" | 7.7 ...
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  • | ''महिमा शनि देव की'' ...
    ७ KB (२६२ शब्द) - २१:४२, १५ जुलाई २०२१
  • (देवी/देवता) ~ [[हिन्दू देवी देवताओं की सूची]] ...ूजनीय/अमर है। देवता अथवा देव इस तरह के पुरुषों के लिये प्रयुक्त होता है और देवी इस तरह की स्त्रियों के लिये। [[हिन्दू धर्म]] में देवताओं को या तो [[परमेश् ...
    २२ KB (२२९ शब्द) - २१:०९, ३० जून २०२१
  • * (१) नक्षत्र मन्दिर है जिसमें देव रहते हैं। *(२) नक्षत्र भविष्य के विषय में मनुष्यों को देवों का मन्तव्य बतलाते हैं । ...
    १० KB (५५ शब्द) - ०३:१९, १६ जून २०२०
  • {{हिन्दू देवी देवता ज्ञानसन्दूक | affiliation = [[ग्रह]], [[हिन्दू देवी देवताओं की सूची|देव]], आदि देव ...
    ७० KB (१,२८० शब्द) - १९:२०, १० अगस्त २०२१
  • | affiliation = [[ग्रह]], [[देव]], [[भगवान]] ...//www.shanidham.in/page.php?pagecode=shani%20poojan |date=4 मार्च 2016 }}। शनिधाम। अभिगमन तिथि: ३० सितंबर २०१२</ref> ...
    १६३ KB (५०६ शब्द) - १५:४१, १९ अगस्त २०२१
  • ...ीच रास्ते में ही जयन्त को पकड़ा। तत्पश्चात अमृत कलश पर अधिकार जमाने के लिए देव-दानवों में बारह दिन तक अविराम युद्ध होता रहा। ...अवतार|मोहिनी]] रूप धारण कर यथाधिकार सबको अमृत बाँटकर पिला दिया। इस प्रकार देव-दानव युद्ध का अन्त किया गया। ...
    २७ KB (५०५ शब्द) - ०५:४१, २६ अप्रैल २०२१
  • :''यह पेज ग्रह के बारे में है। देवता के लिए [[शनिदेवता]] देखें।'' ...रह]] के रूप में जाना जाता है, शनि उनमें से एक है, जो [[शनि (ज्योतिष) | शनि देव]] के रूप में जाने गए, जीवन में अच्छे और बुरे कर्मों के प्रदर्शन के आधार पर ...
    ११० KB (४,३५९ शब्द) - १४:२४, २२ फ़रवरी २०२१
  • | [[वरुण (देव)|वरुण]] (Neptune) ...
    १८ KB (३८२ शब्द) - १८:१३, २७ जुलाई २०२१
  • ...ंगों की तरह (नाना देवों के रूप में) एक ही परमात्मा की विभूतियाँ हैं। (''एकोदेव: सर्वभूतेषु गूढ़:'')। ..., वायु और सूर्य क्रमश: इन तीन कोटियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हीं त्रिदेवों के आधार पर पहले 33 और बाद को 33 कोटि देवताओं की परिकल्पना की गई है। 33 दे ...
    ५३ KB (४४ शब्द) - ०२:३०, ९ सितम्बर २०२०
  • ...नमें अग्नि बुझती नहीं। थोड़ी सामग्री से ही कुण्ड ऊपर तक भर जाता है और अग्निदेव के दर्शन सभी को आसानी से होने लगते हैं। नीचे अग्नि देव से प्राप्त होने वाली शिक्षा तथा प्रेरणा का कुछ दिग्दर्शन कर रहे हैं ...
    ३० KB (२७२ शब्द) - १०:२२, १८ जून २०२१