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- ...स्कारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति की महानता में इन संस्कारों का महती योगदान है। ...म संस्कार है। गर्भाधान के बाद पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, जातकर्म, नामकरण ये सभी संस्कार नवजात का दैवी जगत् से संबंध स्थापना के लिये किये जाते हैं। ...५ KB (२३ शब्द) - ११:४१, १६ जून २०२०
- ...विकास के प्रति जागरूक रहा जाय, यह जरूरी है। [[हिन्दू धर्म]] में '''नामकरण संस्कार''' में इस उद्देश्य का बोध कराने वाले श्रेष्ठ सूत्र समाहित रहते हैं। == संस्कार प्रयोजन == ...५० KB (१५४ शब्द) - १२:२३, १ जुलाई २०२०
- ...ो समावर्तन संस्कार कहते हैं। इससे पहले जातक का ग्यारहवां संस्कार [[केशान्त संस्कार|केशान्त]] किया जाता है। ...[दीक्षान्त समारोह]], समावर्तन संस्कार जैसा ही है। अतः समावर्तन संस्कार वह संस्कार है जिसमें आचार्य जातकों को [[उपदेश]] देकर आगे के जीवन ([[गृहस्थाश्रम]]) के ...१५ KB (१०२ शब्द) - १३:३६, ७ जून २०२१
- {{Merge|सनातन धर्म के संस्कार}} ...और उँगली पकड़कर सही रास्ता दिखाने के लिए हमारे तत्वेत्ता, मनीषियों ने षोडश संस्कारों का प्रचलन किया था। चिन्ह-पूजा के रूप में प्रचलन तो उनका अभी भी है पर वैज् ...१८ KB (१०५ शब्द) - २३:००, १५ फ़रवरी २०२१
- ...उत्तरदायित्व, पारमार्थिक कार्यों में पूरी तरह लगा देने के लिए '''वानप्रस्थ संस्कार''' कराया जाता है। इसी आधार पर समाज को परिपक्व ज्ञान एवं अनुभव सम्पन्न, निस् ...ाण है। जीवन को ठीक तरह जीने की समस्या उसी से हल हो जाती है। युवावस्था के कुसंस्कारों का शमन एवं प्रायश्चित इसी साधना द्वारा होता है। ...५३ KB (१३७ शब्द) - १०:२६, २४ अप्रैल २०२१
- ...प में नहीं औषधि और प्रसाद के रूप में लिया जाय, इस संकल्प के साथ अन्नप्राशन संस्कार सम्पन्न कराया जाता है। ...्व समझकर उसे सुसंस्कार युक्त बनाकर लेने का प्रयास करना उचित है। अन्नप्राशन संस्कार में भी यही होता है। अच्छे प्रारम्भ का अर्थ है- आधी सफलता। ...७ KB (१४ शब्द) - २१:३३, १० अप्रैल २०१९
- ...स्कारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति की महानता में इन संस्कारों का महती योगदान है। ...म संस्कार है। गर्भाधान के बाद पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, जातकर्म, नामकरण ये सभी संस्कार नवजात का दैवी जगत् से संबंध स्थापना के लिये किये जाते हैं। ...६ KB (१९ शब्द) - २२:०९, १५ जून २०२०
- ...े विचार तंत्र का विकास प्रारंभ हो जाता है। वेद मंत्रों, यज्ञीय वातावरण एवं संस्कार सूत्रों की प्रेरणाओं से शिशु के मानस पर तो श्रेष्ठ प्रभाव पड़ता ही है, अभिभ ...ज के विचारशील लोगों को निमंत्रित कर उनकी सहमति लेनी पड़ती है। यही गर्भाधान संस्कार है। पूर्वकाल में यही सब होता था। ...३० KB (५५ शब्द) - १०:०३, १५ जून २०२०
- ...ति, शत्रुनाश इत्यादि के उपचारों का इनमें वर्णन है। विवाह, मृतक संस्कार आदि संस्कार कराना भी पोरोहित्य के अंतर्गत आता था। इससे स्पष्ट है कि उस काल में पुरोहित ...का कार्यक्षेत्र सीमित हो चुका था। इस काल में पौरोहित्य में उपनयन, विवाहादि संस्कार कराना, ग्राम पौरोहित्य अर्थात् ग्रामवासियों की कुंडलियाँ बनाना, जुताई बोवा ...३७ KB (७ शब्द) - १६:५५, १४ सितम्बर २०१९
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- पाणिग्रहण संस्कार अर्थात विवाह संस्कार। [[File:Hindu marriage ceremony offering.jpg|thumb|350px|विवाह संस्कार]] ...२६१ बाइट (८ शब्द) - २२:५१, २० अप्रैल २०१७
- ...स्कार]] है। अंतिम संस्कार हिन्दुओं के पृथ्वी पर बिताये गये जीवन का आखिरी [[संस्कार]] होता है जिसे व्यक्ति की [[मृत्यु]] के पश्चात मृतक के परिजनों द्वारा संपन् {{षोडश संस्कार}} ...३ KB (५ शब्द) - ०२:२७, १ मार्च २०२०
- ...स्कारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति की महानता में इन संस्कारों का महती योगदान है। ...म संस्कार है। गर्भाधान के बाद पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, जातकर्म, नामकरण ये सभी संस्कार नवजात का दैवी जगत् से संबंध स्थापना के लिये किये जाते हैं। ...५ KB (२३ शब्द) - ११:४१, १६ जून २०२०
- ...स्कारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति की महानता में इन संस्कारों का महती योगदान है। ...म संस्कार है। गर्भाधान के बाद पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, जातकर्म, नामकरण ये सभी संस्कार नवजात का दैवी जगत् से संबंध स्थापना के लिये किये जाते हैं। ...६ KB (१९ शब्द) - २२:०९, १५ जून २०२०
- ...प में नहीं औषधि और प्रसाद के रूप में लिया जाय, इस संकल्प के साथ अन्नप्राशन संस्कार सम्पन्न कराया जाता है। ...्व समझकर उसे सुसंस्कार युक्त बनाकर लेने का प्रयास करना उचित है। अन्नप्राशन संस्कार में भी यही होता है। अच्छे प्रारम्भ का अर्थ है- आधी सफलता। ...७ KB (१४ शब्द) - २१:३३, १० अप्रैल २०१९
- ...के बाद मनुष्य पाप कर सकता है, इसीलिये ईसा ने '''पापस्वीकरण''' (कनफेशन) का संस्कार भी निश्चित कर दिया, जिसके द्वारा पश्चात्तापी मनुष्य अपने पापों का परिहार कर ...त करने का अवसर दिया जाता था, उसे पूरा करने के बाद ही पापी के फिर यूखारिस्ट संस्कार ग्रहण करने की अनुमति दी जाती थी। किसी पुरोहित के सामने अकेले में निजी पापस् ...५ KB (६ शब्द) - ००:१०, १३ मार्च २०२०
- ...याज्ञिक स्नान कराया जाता था, जिससे उसे स्नातक की संज्ञा मिलती थी। शिक्षा, संस्कार तथा विनय की पूर्णता अथवा अपूर्णता की दृष्टि से स्नातकों के तीन प्रकार माने ...५ KB (४८ शब्द) - २२:३४, २३ जनवरी २०२१
- ...िसका संबंध शपथ, संगठनों और संधियों से है। रोम के अनेक प्राचीन पवित्र विवाह-संस्कार जूपितर के पुजारियों की ही उपस्थिति में संपन्न हुए। ...के द्वारा उसे सर्वशक्तिमान् 'जूपितर आप्तिमस मैक्सिमस' की संज्ञा दी गई। यह संस्कार समारोह प्रति वर्ष १३ सितंबर को मनाया जाता था जिसमें कांसुल, सीनेट-सदस्य, न् ...५ KB (१४ शब्द) - ००:५३, २६ जनवरी २०२१
- ...tml Raju Kher turns director with Sanskar]</ref> चला [[संस्कार (धारावाहिक)|संस्कार]] धारावाहिक के निर्देशक '''राजू खेर''' ही थे। ...४ KB (९६ शब्द) - १८:५०, १५ जून २०२०
- ...िंदुओं]] को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाने को '''परावर्तन''' या '''परावर्तन संस्कार''' कहा जाता है। मध्ययुग में सर्वप्रथम [[स्वामी रामानन्दाचार्य]] ने परावर्तन ...१ KB (४ शब्द) - १६:५०, २ मार्च २०२०
- ...या और किसी [[यजमान]] के यहाँ अगुआ बनकर [[यज्ञ]] आदि श्रौतकर्म, गृहकर्म और संस्कार तथा शांति आदि अनुष्ठान करे-कराए। आजकल कर्मकाण्ड करनेवाला, कृत्य करनेवाला ब् ...vakta.com/yagn-v-sanskaar-karaane-wale-purohit-tatha-uski-dakshina/ यज्ञ व संस्कार कराने वाले पुरोहित तथा उसकी दक्षिणा] ...४ KB (११४ शब्द) - १०:०९, १५ जून २०२०
- ...ो समावर्तन संस्कार कहते हैं। इससे पहले जातक का ग्यारहवां संस्कार [[केशान्त संस्कार|केशान्त]] किया जाता है। ...[दीक्षान्त समारोह]], समावर्तन संस्कार जैसा ही है। अतः समावर्तन संस्कार वह संस्कार है जिसमें आचार्य जातकों को [[उपदेश]] देकर आगे के जीवन ([[गृहस्थाश्रम]]) के ...१५ KB (१०२ शब्द) - १३:३६, ७ जून २०२१
- * [[दाह संस्कार|दाह]] - शव को लकड़ी या विद्युत की [[आग]] से जलाना ...१ KB (३ शब्द) - १८:०३, १३ मार्च २०१३
- '''व्रात्यस्तोम संस्कार''' अवैदिकों (व्रात्यों) को वैदिक धर्म में सम्मानपूर्वक समाविष्ट करने के लिय ...२ KB (२४ शब्द) - २२:२६, १५ जून २०२०
- ...संस्कारों को आज भी प्रयोग में लाया जाता है। उनमें नामकरण संस्कार एक है। इस संस्कार में बालक का नाम चन्द्र राशि के नक्षत्र के वर्ण के आधार पर किया जाता है। ...क्तियों के लिये चन्द्र राशि आज के जीवन का अभिन्न अंग बन गई है। जो [[नामकरण संस्कार]] से लेकर जीवन भी किसी न किसी रूप में उसके साथ रहती है। फिर वह चाहे घर से न ...७ KB (२१ शब्द) - ०१:३९, १५ जून २०२०
- {{Merge|सनातन धर्म के संस्कार}} ...और उँगली पकड़कर सही रास्ता दिखाने के लिए हमारे तत्वेत्ता, मनीषियों ने षोडश संस्कारों का प्रचलन किया था। चिन्ह-पूजा के रूप में प्रचलन तो उनका अभी भी है पर वैज् ...१८ KB (१०५ शब्द) - २३:००, १५ फ़रवरी २०२१
- |[[:श्रेणी:1958 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1958]] || [[संस्कार (1958 फ़िल्म)|संस्कार]] || || ...८ KB (७६ शब्द) - १७:०२, २५ जुलाई २०२१
- ...मनाथ अग्रहरि का देहांत चैनपुर के ही एक निजी नर्सिंग होम मे हुआ। उनका अंतिम संस्कार [[सरयू नदी]] के तट पर किया गया। ...२ KB (३९ शब्द) - ०६:५८, १५ जून २०२०
- ...रचना की है। इन स्मार्त सूत्रों के द्वारा सप्तपाकसंस्था एवं समस्त [[संस्कार|संस्कारों]] के विधान तथा नियमों का विस्तार के साथ विवेचन किया गया है। ...ना करते हुए जब उपासक की मृत्यु होती है, तब उसी अग्नि से उसका [[पितृमेध|दाह संस्कार]] होता है। उसके अनंतर उस अग्नि का विसर्जन हो जाता है। ...१७ KB (२१० शब्द) - १०:२५, ६ मई २०२१
- ...न्न ज्ञान। [[तर्कसंग्रह]] के अनुसार ज्ञान के दो भेद हैं - स्मृति और अनुभव। संस्कार मात्र से उत्पन्न ज्ञान को स्मृति और इससे भिन्न ज्ञान को अनुभव कहते हैं। अनु ...३ KB (६४ शब्द) - ०३:४१, २६ अप्रैल २०२१