सामग्री पर जाएँ

खोज परिणाम

देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • [[चित्र :Mahakavya Ishwar vilas.jpg|thumb|320px। महाकाव्य ईश्वर विलास।]] ...5%9Bvaravil%C4%81samah%C4%81k%C4%81vyam_of_Kavikalan.html?id=zddLAQAAIAAJ] संस्कृत और ब्रजभाषा के महाकवि [[श्रीकृष्णभट्ट कविकलानिधि]] द्वारा कविता-शैली में जय ...
    ८ KB (३९४ शब्द) - ०८:०४, १६ जून २०२०
  • ...ीं होती। इसलिए इसका कथानक कहानी की भाँति शीघ्रतापूर्वक अन्त की ओर जाता है। महाकाव्य प्रमुख कथा केसाथ अन्य अनेक प्रासंगिक कथायें भी जुड़ी रहती हैं इसलिए इसका कथ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] साहित्य में इसकी जो एकमात्र परिभाषा [[साहित्य दर्पण]] में उपलब्ध है वह इस ...
    ५ KB (६ शब्द) - १७:५५, २ मार्च २०२०
  • ...प्रेस गोरखपुर, संस्करण-१९९६ ई०, पृष्ठ-९ एवं २५.</ref> यह महाकाव्य [[भारतीय संस्कृति]] के महत्त्वपूर्ण आयामों को प्रतिबिम्बित करने वाला होने से साहित्य रूप में ...उनके [[महाकाव्य]] [[रामायण]] का उल्लेख मिलता है। वृहद्धर्म पुराण में इस [[महाकाव्य]] की प्रशंसा "काव्य बीजं सनातनम्" कह कर की गयी है।यही निम्नलिखित ग्रन्थ है| ...
    ११ KB (१९४ शब्द) - ०३:५४, ६ जुलाई २०२१
  • ...[[ओडेस्सी]] हैं। इसके व्याकरण, शब्दावली, ध्वनि-तन्त्र और संगीतमय बोली इसे संस्कृत के काफ़ी करीब रख देते हैं। इसकी बोलचाल की बोली '''कोइने''' में ही [[बाइबिल| संस्कृत को छोड़ प्राचीन यूनानी शायद अकेली ऐसी भाषा है (हिन्द-यूरोपीय परिवार में), ज ...
    ४ KB (१८ शब्द) - ०१:११, ५ मार्च २०२०
  • ...्र के मर्मज्ञ और आचार्य थे। वे [[साहित्य दर्पण]] सहित अनेक साहित्यसम्बन्धी संस्कृत ग्रन्थों के रचयिता हैं। उन्होंने [[आचार्य मम्मट]] के ग्रंथ [[काव्य प्रकाश]] ..., संस्कृत महाकाव्य, "कुवलयाश्वचरित्", प्राकृत भाषाबद्ध काव्य, "नरसिंहविजय" संस्कृत काव्य; "प्रभावतीपरिणय" और "चंद्रकला" नाटिका तथा "प्रशस्ति रत्नावली" जो सोलह ...
    ६ KB (१२५ शब्द) - १५:०४, २३ जून २०२१
  • ...] के उस स्थान को कहते हैं जहाँ हिन्दू देवी-देवताओं का वास है। [[रघुवंशम्]] महाकाव्य में [[कालिदास|महाकवि कालिदास]] स्मृद्धिशाली राज्य को ही स्वर्ग की [[उपमा अल [[हिन्दू धर्म|हिंदु]] धर्म में, [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] शब्द '''स्वर्ग''' को [[मेरु पर्वत]] के ऊपर के लोकों हेतु प्रयुक्त होता है ...
    ४ KB (२५ शब्द) - १५:१९, २२ जून २०२१
  • ...(वर्तमान [[डॉ॰ भीमराव आंबेडकर|डॉ. भीमराव आंबेडकर]] विश्वविद्यालय) से आपने संस्कृत कला अधिस्नातक परीक्षा में सफलता प्राप्त की। शिक्षण कार्य और अकादमिक प्रयासो ...ीश भानु प्रकाश शर्मा उनके छोटे भाई थे। आपके बड़े पुत्र [[दिवाकर शर्मा]] भी संस्कृत विद्वान थे और छोटे पुत्र गिरिजा शंकर शर्मा इतिहासकार और हिंदी तथा राजस्थानी ...
    १७ KB (७७ शब्द) - १९:५०, ८ जुलाई २०२१
  • ...[कालिदास]] जैसा लालित्य मिलता है। [[छंद|छंदों]] की विशेषता देखने योग्य है (संस्कृत साहित्य में आयुर्वेद, भाग 3.)। वाग्भट का समय पाँचवीं शती के लगभग है। ये बौद ...्रथम चार परिच्छेदों में काव्यलक्षण, काव्यहेतु, कविसमय, शिक्षा, काव्योपयोगी संस्कृत आदि चार भाषाएँ, काव्य के भेद, दोष, गुण, शब्दालंकार, अर्थालंकार और वैदर्भी आ ...
    १२ KB (४७ शब्द) - ०२:१७, ९ जनवरी २०२१
  • ...कृत में लिखे हैं। बहुत से ग्रन्थ काल के गाल में समा गये किन्तु उसके बावजूद संस्कृत में रचित बौद्ध गर्न्थ विपुल मात्रा में मिलते हैं। ==संस्कृत में रचित कुछ प्रमुख बौद्धग्रन्थ== ...
    ८ KB (४२९ शब्द) - १७:२४, ४ मार्च २०२०
  • [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] साहित्य के आचार्यों ने समूचे [[साहित्य]] को '''दृश्य काव्य''' और '''श्रव् ...[[हिन्दी]] साहित्य में भी नाटक (अनेकांकी एकांकी, रेडियोरूपक आदि) तथा पद्य (महाकाव्य, खण्डकाव्य, मुक्तक, तुकान्त, अतुकान्त आदि) और गद्य की अनेक विधायें : लघुकथा ...
    ७ KB (११४ शब्द) - ०७:५४, १४ अगस्त २०२०
  • ...ें अंतिम होने के कारण सभी पूर्ववर्ती मतों के सारसंकलन के रूप में उपलब्ध है।महाकाव्य में भारत को भारतवर्ष अथवा भरत का देश कहा गया है तथा भारत निवासियों को भारती == महाकाव्य के लक्षण == ...
    ४० KB (२१३ शब्द) - १०:१५, ६ मई २०२१
  • ...ांत दर्शन के जाने माने अध्येता विद्वान, [[तन्त्र|तंत्र-विद्या]] के ज्ञाता, संस्कृत गद्य और पद्य के जाने-माने लेखक और आशुकवि थे। इनके पिता का नाम गोपीकृष्ण गोस ...य अथवा पद्य रचना लिखवाते थे। सन १९४५ से 1979 तक इनकी रचनाएँ देश की विभिन्न संस्कृत पत्रिकाओं में छपती रहीं। ...
    १७ KB (२०५ शब्द) - ०१:०९, १५ जून २०२०
  • ...श्रव्य है। श्रव्य काव्य दो प्रकार का होता है, गद्य और पद्य। पद्य काव्य के महाकाव्य और खंडकाव्य दो भेद कहे जा चुके हैं। गद्य काव्य के भी दो भेद किए गए हैं- कथा ...हाकाव्य और खण्डकाव्य। खण्डकाव्य को ‘मुक्तकाव्य’ भी कहते हैं। खण्डकाव्य में महाकाव्य के समान जीवन का सम्पूर्ण इतिवृत्त न होकर किसी एक अंश का वर्णन किया जाता है— ...
    ३० KB (२८४ शब्द) - २३:४४, ४ जुलाई २०२१
  • ...या 'तुलसीकृत रामायण' भी कहा जाता है। रामचरितमानस [[भारत की संस्कृति|भारतीय संस्कृति]] में एक विशेष स्थान रखता है। रामचरितमानस की लोकप्रियता अद्वितीय है। [[उत् ...ईस्वी) के मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष में [[राम विवाह]] के दिन पूर्ण किया था। इस महाकाव्य की भाषा [[अवधी]] है। ...
    १७ KB (४५ शब्द) - १४:३९, १७ मई २०२१
  • ...]] के महाकवि थे।<ref>[[कलानाथ शास्त्री]] :'संस्कृत के गौरव शिखर'(राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली, प्रकाशन 1998)</ref> ...ि शास्त्रों के साथ-साथ उन्होंने वेदों का भी गहन अध्ययन किया था। ईश्वरविलास महाकाव्य में अश्वमेध यज्ञ के वर्णन-प्रसंग में इनके ज्ञानगांभीर्य को देखा जा सकता है। ...
    ३६ KB (७५९ शब्द) - १०:२६, ६ मई २०२१
  • ...। उन्होंने [[प्रियप्रवास|प्रिय प्रवास]] नामक [[खड़ी बोली]] हिंदी का पहला [[महाकाव्य]] लिखा जिसे [[मंगलाप्रसाद पारितोषिक]] से सम्मानित किया गया था। ...े के कारण उन्हें कॉलेज छोड़ना पड़ा। उन्होंने घर पर ही रह कर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[उर्दू भाषा|उर्दू]], [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज ...
    २१ KB (१९७ शब्द) - १६:४१, १७ अगस्त २०२१
  • ...या 'तुलसीकृत रामायण' भी कहा जाता है। रामचरितमानस [[भारत की संस्कृति|भारतीय संस्कृति]] में एक विशेष स्थान रखता है। रामचरितमानस की लोकप्रियता अद्वितीय है। [[उत् ...ईस्वी) के मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष में [[राम विवाह]] के दिन पूर्ण किया था। इस महाकाव्य की भाषा [[अवधी]] है। ...
    २५ KB (३०३ शब्द) - १४:१९, १७ अगस्त २०२१
  • ...और "कथा" दोनों ही शब्द [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] "कथ" धातु से उत्पन्न हैं। संस्कृत साहित्यशास्त्र में "[[कथा]]' शब्द का प्रयोग एक निश्चित काव्यरूप के अर्थ में इसके विपरीत कथानक (चाहे वह [[महाकाव्य]] की हो अथवा [[खण्डकाव्य|खंडकाव्य]], [[नाटक]], [[उपन्यास]] या [[लोकगाथा]] क ...
    ११ KB (१५४ शब्द) - ०९:४४, ६ मई २०२१
  • [[वेद]] शब्द की उत्पत्ति [[संस्कृत]] भाषा के शब्द ‘विंद्’ से हुई है जिसका अर्थ ज्ञान होता है। ज्ञान जिस पुस्तक ...ओं का लेखा जोखा ही इतिहास है। [[वैदिक काल]] में घटी दो सबसे बड़ी घटनाओं को महाकाव्य [[वाल्मीकि रामायण]] और [[महाभारत]] में लिखा है। ...
    ८ KB (८ शब्द) - १६:००, ३० मई २०२१
  • '''तमिल संस्कृति''' तमिल लोगों की [[संस्कृति]] है। तमिल संस्कृति [[भारत]], [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]] और दुनिया भर में तमिलों ...स्कृत पाठ का पता लगाता है, दूसरी शताब्दी सीई तक इसका अस्तित्व प्राचीन तमिल महाकाव्य सिलपदिकारम में पाया जाता है। भरतनाट्यम भारत की सबसे पुरानी शास्त्रीय नृत्य ...
    ९ KB (२८ शब्द) - २०:२८, २४ सितम्बर २०२०
देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)