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  • ...या। गोरक्षा का अभियान शुरू हुआ। देशभर के सन्त एकजुट होने लगे। लाखों लोग और सन्त सड़कों पर आने लगे। इस आन्दोलन को देखकर राजनीतिज्ञ लोगों के मन में भय व्याप् करपात्रीजी देश के मान्य सन्त थे। उनके शिष्यों अनुसार जब उनका धैर्य समाप्त हो गया तो उन्होंने कहा कि गोरक ...
    २७ KB (२८० शब्द) - ०१:०३, १५ जून २०२०
  • सन् 1948 में बालकृष्ण [[ऋषिकेश]] पहुँचे। वे देखना चाहते थे कि भारत के सन्त महात्मा कितने उपयोगी अनुपयोगी है। वहाँ पहुंचने पर उन्हें [[स्वामी शिवानन्द] [[श्रेणी:साधु-सन्त]] ...
    १५ KB (७३ शब्द) - ०२:१६, १६ जून २०२०
  • ...४|1684]]''' - फ़्रांसीसी यात्री तवेर्निए नें भारत में [[१२|12]] लाख हिन्दू साधुओं के होने का अनुमान लगाया। * '''[[१९०६|1906]]'''- ब्रिटिश कलवारी ने साधुओं के बीच मेला में हुई लड़ाई में बीचबचाव किया। ...
    २७ KB (५०५ शब्द) - ०५:४१, २६ अप्रैल २०२१
  • '''धर्मसम्राट स्वामी करपात्री''' (१९०७ - १९८२) भारत के एक सन्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं [[राजनेता]] थे। उनका मूल नाम हरि नारायण ओझा ...
    २० KB (५४ शब्द) - १६:३७, २६ अगस्त २०२१
  • भूदान आन्दोलन सन्त विनोबा भावे द्वारा सन् 1951 में आरम्भ किया गया स्वैच्छिक भूमि सुधार आन्दोलन ...0657/http://www.awgp.org/books/hindi/great_persons/sant_vinobaa_bhaave.pdf सन्त विनोबा भावे] - श्रीराम शर्मा आचार्य ...
    ८६ KB (३६९ शब्द) - १९:०५, १० जनवरी २०२१
  • वे केवल सन्त ही नहीं, एक महान देशभक्त, वक्ता, विचारक, लेखक और मानव-प्रेमी भी थे। अमेरिका ...
    ८१ KB (१,०९४ शब्द) - १२:३८, ६ अगस्त २०२१
  • '''गोस्वामी तुलसीदास''' (1511 - 1623) हिन्दी साहित्य के महान [[सन्त]] [[कवि]] थे। [[रामचरितमानस]] इनका गौरव ग्रन्थ है। इन्हें आदि काव्य [[रामाय ...
    ५२ KB (९७० शब्द) - २१:२८, ७ अगस्त २०२१