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देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • ...ित्य को 'एविडेन्सेज़ ऑव रेलिजन' (धर्म के प्रमाण) भी कहते हैं, परंतु अधिकतर ईसाई देशों में अपोलोजेटिक्स शब्द ही सामान्यत: प्रचलित है। ...गई आपत्तियों का खंडन करना ही 'अपोलोजेटिक्स' का उद्देश्य था। इस उद्देश्य से ईसाई धर्मपंडितों ने लंबे 'पत्र' लिखे जिनमें से अधिकतर तत्कालीन रोमन सम्राटों को ...
    ५ KB (२५ शब्द) - १६:१०, १५ जून २०२०
  • ...पाप और दुख मनुष्य स्वयं अपने कर्मो और अपने अज्ञान द्वारा उत्पन्न करता है। ईसाई, इस्लाम और यहूदी मतों के अनुसार शैतान पहले ईश्वर का एक [[देवदूत|फ़रिश्ता]] ...तोगत्वा वह सदा के लिए नर्क में डाल दिया जाएगा। ईसा पर अपने विश्वास के कारण ईसाई शैतान के सफलतापूर्वक विरोध करने में समर्थ समझे जाते हैं। ...
    ७ KB (२० शब्द) - २०:२२, १७ जुलाई २०२१
  • ...इस ग्रंथ की बहुत सी समस्याओं का अब तक सर्वमान्य समाधान नहीं हुआ है, फिर भी ईसाई व्याख्याता प्राय: सहमत हैं कि उत्तपत्ति पुस्तक में निम्नलिखित धार्मिक शिक्ष ...नेक लेखकों ने उस प्राचीन सामग्री को नए ढाँचे में ढालने का प्रयत्न किया है। ग्रंथ का वर्तमान रूप संभवत: आठवीं शताब्दी ई. पू. का है। इसकी व्याख्या करने के लिए ...
    ९ KB (२५३ शब्द) - ०८:१६, १६ जून २०२०
  • ...पत्रियाँ (२२; १४-पॉल, ७-कैथोलिक, १-इल्हाम)। नए नियम के इन २७ पुस्तकों को [[ईसाई धर्म]] में लगभग सर्वमान्य रूप से मान्यता दी गई है। ...ाओं पर भी जानकारी देता है। ईसाई पुराने और नए दोनों नियमों को एक साथ पवित्र ग्रंथ ([[बाइबिल|बाइबल]]) मानते हैं। ...
    १० KB (४४७ शब्द) - ११:३६, १८ सितम्बर २०२०
  • ...या। इसी प्रकार विस्तृत क्षेत्र में होने के कारण, गुअर्नी तुपी का भी प्रयोग ईसाई पादरियों ने धर्मप्रचार के लिए किया। करीब और अरोवक भाषाएँ भी पारस्परिक जय-पर == संदर्भ ग्रंथ == ...
    १३ KB (४१४ शब्द) - ०६:०८, १६ जून २०२०
  • ...षो से मनोरंजन करता हुआ [[उपदेश]] देता आ रहा है। '''कथासाहित्य''' से संबद्ध ग्रंथों के आलोचन से स्पष्ट हो जाता है कि [[संस्कृत साहित्य]] में तीनों प्रकार की == प्रधान ग्रंथ == ...
    २७ KB (५२ शब्द) - ०९:५६, १६ जून २०२०
  • ...े पाँचवें विभाग [[खुद्दकनिकाय]] के खुद्दकपाठादि 15 उपविभागों में दूसरा है। ग्रंथ की आधी से अधिक गाथाएँ त्रिपिटक के नाना सुत्तों में प्रसंगबद्ध पाई जा चुकी ह ...ी गाथा या उसके अंशमात्र का आधार लेकर अपना प्रवचन आरंभ करते हैं, जिस प्रकार ईसाई पादरी [[बाइबिल]] के किसी वचन से। इस कार्य में उन्हें धम्मपद की [[अट्टकथा|अट ...
    १७ KB (२११ शब्द) - १३:५७, ३१ अक्टूबर २०२०
  • ...ग्रंथ]]ों, हिन्दू धर्म ग्रंथो [वैदिक (औपनिषदिक)], बौद्धधर्म एवं सूफी धर्म ग्रंथो में इस शब्द का प्रयोग किया गया हैं। ...्म में सर्वशक्तिमान सत्ता इलोई (गॉड) है। इलोईसंपूर्ण जगत् की रचना करता है। ईसाई धर्मानुयायी अपने सर्वशक्तिमान ईश्वर का भजन-पूजन करते हैं। इस्लाम में अल्लाह ...
    १२ KB (५६ शब्द) - ०८:३३, ८ जून २०२१
  • ==धम्म ग्रंथ== ...हैं। यह दर [[हिन्दू धर्म|हिंदुओं]] (46.4), [[मुसलमान|मुसलमानों]] (31.3) [[ईसाई]] (32.0), [[सिख]] (42.4) [[जैन धर्म|जैन]] (45.7)। ...
    १३ KB (१२५ शब्द) - १६:२०, १५ अप्रैल २०२१
  • वेद विशुद्ध अध्यात्मिक और वैज्ञानिक ग्रंथ हैं। === ईसाई पन्थ === ...
    २३ KB (१९० शब्द) - ००:५६, २३ जुलाई २०२१
  • ...य (226 ई.पू.-652 ई.) की राजभाषा थी और इसमें लिखित बहुत से धार्मिक तथा अन्य ग्रंथ मिलते हैं। इनकी लिपि अरमीनी से प्रभूत तथा प्रभावित मालूम होती है। मध्य ईरान ...थ (सीरीयाई भाषा से अनूदित तथा मौलिक) और मनीची ग्रंथ मिलते हैं। सबसे पुराने ग्रंथों का समय ईसवी चौथी शती होगा। सोग्दी के अतिरिक्त इस समुदाय की दूसरी महत्व की ...
    १३ KB (१९१ शब्द) - ००:१३, १० अप्रैल २०२१
  • | religion = [[यहूदी]] पन्थ, [[ईसाई|मसीही]] पन्थ ...धर्म]] (मसीही) पन्थ की आधारशिला तथा ईसाइयों (मसीहियों) का पवित्रतम [[धर्म ग्रंथ|धर्मग्रन्थ]] है। इसके दो भाग हैं : [[पुराना नियम|पूर्वविधान]] (ओल्ड टेस्टा ...
    ४६ KB (९२ शब्द) - २१:०९, १० मई २०२१
  • ...छिन्न-भिन्न हुई और [[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय|प्रोटेस्टैंट धर्म]] का उदय हुआ। ईसाई [[कलीसिया]] के इतिहस में समय-समय पर सुधारवादी आंदोलन होते रहे किंतु वे कलीस 13वीं शताब्दी में कैथोलिक [[धर्मविज्ञान]] (थिओलोजी) ने अरस्तू की ईसाई व्याख्या तथा स्कोलैस्टिक फिलोसोफी के सहारे धर्मसिद्धान्तों का युक्तियुक्त प ...
    ३८ KB (१२८ शब्द) - १३:४१, २७ नवम्बर २०२०
  • ...चर्च) और [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया]] के बाद दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा [[ईसाई]] [[संप्रदाय]] बनाता है।<ref name="acomm">{{cite web |url = http://www.angl ...र, और चर्च पादरियों के लेखन को आधार बना क्र मानते हैं। एंग्लिकनवाद पश्चिमी ईसाई धर्म की शाखाओं में से एक बनाता है, जिसने एलिज़ाबेथन धार्मिक निपटान के समय [ ...
    २५ KB (३७२ शब्द) - २३:३८, ३१ अगस्त २०२०
  • ...क परवर्ती प्रामाणिक ग्रंथों का श्रेय उनको दिया जाता था। कुछ अन्य प्रामाणिक ग्रंथ भी उनके नाम भी प्रचलित हैं। [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] ...
    ७ KB (२१६ शब्द) - १४:५७, १२ मई २०२१
  • [[बौद्ध ग्रंथ|भारतीय बौद्ध धर्मग्रन्थों]] का [[चीनी भाषा]] में अनुवाद ने [[पूर्वी एशिया]] ...लबाला था, बाकी दुनिया [[यूनान|ग्रीस]] को छोड़कर लगभग विचारशून्य ही थी। न [[ईसाई धर्म]] था और न [[इस्लाम]]। [[यीशु|ईसा मसीह]] के जन्म के पूर्व [[बौद्ध धर्म] ...
    १५ KB (८५ शब्द) - १२:४३, १२ मार्च २०२०
  • ...सिद्धांतों पर चलता है। इसका इतिहास एक प्रकार से [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] में ईसाई धर्म के प्रवेश के साथ-साथ प्रारंभ होता है, किंतु १६वीं शताब्दी में ही वह [[ ...्रदाय|प्रोटेस्टैंट धर्म]] चलाया। इसके विरोध में हेनरी अष्टम ने १५२१ में एक ग्रंथ लिखा जिसमें उन्होंने रोम के बिशप (पोप) के ईश्वरदत्त अधिकार का प्रतिपादन किय ...
    २५ KB (१८७ शब्द) - २२:०५, ३१ अगस्त २०२०
  • ...स्थल को [[मन्दिर]] व प्रार्थना स्थल को [[यहूदी मंदिर|सिनेगॉग]] कहते हैं। [[ईसाई धर्म]] व [[इस्लाम]] का आधार यही परम्परा और विचारधारा है। इसलिए इसे [[इब्राह ...क है और उसके अवतार या स्वरूप नहीं है, लेकिन वो दूत से अपने संदेश भेजता है। ईसाई और इस्लाम धर्म भी इन्हीं मान्यताओं पर आधारित है पर इस्लाम में ईश्वर के निरा ...
    २५ KB (२८७ शब्द) - १३:५८, २५ अगस्त २०२१
  • | religion = [[ईसाई]] ([[कैथोलिक कलीसिया|रोमन कैथोलिक]]) ...्रता-पूर्व [[मद्रास प्रैज़िडन्सी]] में 11 फरवरी 1865 ई० को हुआ था। एक गरीब ईसाई परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने ऊँची शिक्षा प्राप्त की। उनकी आरंभिक ...
    १४ KB (३३८ शब्द) - ०२:१५, १६ जून २०२०
  • ...र्शन ओर ईसाई धर्म के मिश्रण के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध हैं। कठिनाई यह थी कि ईसाई धर्म में मध्यस्थ की कल्पना समुचित न थी। इसके लिए स्टोइक दार्शनिकों का स्मरण ...232-304) ने प्लाटिनस के ग्रंथों का छह खंडों, में जिनमें से प्रत्येक में नौ ग्रंथ हैं, संपादन किया था, जो उपलब्ध हैं। इसलिए प्लाटिनस ही हमारे लिए नवअफलातूनवा ...
    २८ KB (१७५ शब्द) - ०७:२९, १५ जून २०२०
देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)