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इस विकि पर "उत्तराखण्ड में हिन्दू धर्म" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...से शंकरारार्य के पद पर सुशोभित होने वाले पहले संन्यासी हैं। वे अखिल भारतीय धर्म संघ समेत विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के अघ्यक्ष एवं सदस्य हैं। ...न्त कुछ वर्ष पश्चात इन्होंने संन्यास ग्रहण किया। इनकी विद्वता को देखते हुए धर्म संघ के तत्वाधान में धर्मसम्राट [[स्वामी करपात्री]] जी के आशीर्वाद से जगन्ना ...३ KB (२ शब्द) - २०:२३, ४ मार्च २०२०
- ...से परिवर्तन के बाद ही बने हैं। इनकी आबादी मुख्य रूप से [[उत्तर प्रदेश]], [[उत्तराखण्ड]], [[हरियाणा]], [[राजस्थान]] और [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] में है। यह भारत के स [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] ...२ KB (५१ शब्द) - ००:२४, १६ जून २०२०
- ...रराष्ट्रीय, अलाभेछु (non-profit) तथा मानवतावादी संस्था है। इसका मुख्यालय [[उत्तराखण्ड]] के [[ऋषिकेष]] में स्थित है। पूज्य स्वामी [[चिदानन्द सरस्वती]] इसके संस्था इस प्रतिष्ठान ने [[हिन्दू धर्म]] एवं दर्शन का वृहद विश्वकोश तैयार किया है जिसका मार्च २०१० में [[हरिद्वार] ...२ KB (३१ शब्द) - १४:५०, १५ जून २०२०
- | location = हरिद्वार उत्तराखण्ड | religious_affiliation = सनातन धर्म ...८ KB (२३५ शब्द) - १९:२२, १२ जुलाई २०२०
- '''श्रीवत्स''' [[हिन्दू धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]], दोनों के लिए ही मंगलकारी चिह्न है। ...di/bktc/char_dham/badrinath_intro.html श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, उत्तराखण्ड] ...४ KB (५४ शब्द) - २३:१८, १५ जून २०२०
- |state = [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] | source_location = कुमाऊँ क्षेत्र, [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] ...१४ KB (४९२ शब्द) - ११:१६, ६ मई २०२१
- {{हिन्दू धर्म}} [[श्रेणी:उत्तराखण्ड की संस्कृति]] ...६ KB (१९ शब्द) - १६:४१, ११ जुलाई २०२१
- ...rtstories.co.in/atri-and-anusuya/</ref> को अलग रखकर भिक्षा देंगी। सती बड़े धर्म-संकट में पड़ गयी। वह [[भगवान]] को स्मरण करके कहने लगी "यदि मैंने पति के समा *[[सती अनसूइया मन्दिर, उत्तराखण्ड]] ...५ KB (४२ शब्द) - २३:१०, ४ अगस्त २०२१
- ...ुरू]] अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश इत्यादि प्रदान करता है। ये गुरू प्रायः धर्म गुरु होते है ऐर दी गई शिक्षा मुख्यतः आध्यात्मिक होती है पर ऐसा हमेशा नही हो ...बहुधार्मिक अर्थ हैं।[[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] मठों को [[विहार]] कहते है। [[ईसाई धर्म]] में इन्हें मॉनेट्री, प्रायरी, चार्टरहाउस, एब्बे इत्यादि नामों से जाना जात ...१० KB (८७ शब्द) - ००:५५, ३ फ़रवरी २०२१
- [[पिथौरागढ़ जिला]], [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]], [[भारत]] ...>ये चोटी [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] के अलावा [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] और [[जैन धर्म]] में भी विशेष धार्मिक महत्व रखती है। इस पर्वत के दूसरी तरफ पार्वती मुहर ना ...९ KB (२८१ शब्द) - ११:११, १६ दिसम्बर २०२०
- ...न्धु नदी|सिन्धु]], [[सतलुज नदी|सतलुज]] इत्यादि। [[हिन्दू धर्म|हिन्दू सनातन धर्म]] में इसे पवित्र माना गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.uttarakhandhin [[जैन धर्म|जैन]] धर्म में इस स्थान का बहुत महत्व है। इसी पर्वत पर श्री भरत स्वामी ने रत्नों के 72 ...१३ KB (१५६ शब्द) - ०७:०६, २६ मई २०२१
- '''[[कार्तिकेय]] (मोहन्याल)''' [[उत्तराखण्ड]] राज्य के [[रुद्रप्रयाग जिला|रुद्रप्रयाग]] जिला में स्थापित [[केदारनाथ]] क ...नाच्ने जग्गा बैजनाथ कत्युर<ref name= " कत्युरी वंशज लालबहादुर बम रजवार "> उत्तराखण्ड कुमाऊ बैजनाथ लिलाचौरी हाटमे स्थलगत अध्ययन डोटी बोगटानका कत्युरी वंशज का इति ...३४ KB (३३९ शब्द) - ०८:२६, २८ जून २०२१
- '''नागा साधु''' [[हिन्दू]] धर्मावलम्बी [[साधु]] हैं जो कि नग्न रहने तथा युद्ध कला में माहिर होने के लिये प् ..., दोनों में ही संयम रखते हैं। नागा साधु एक सैन्य पंथ है और वे एक सैन्य रेजीमेंट की तरह बंटे हैं। त्रिशूल, तलवार, शंख और चिलम से वे अपने सैन्य दर्जे को दर् ...२६ KB (७८ शब्द) - १०:३३, १५ अगस्त २०२१
- |death-place=[[टिहरी गढ़वाल जिला|टिहरी]] [[उत्तराखण्ड]] [[भारत]] ...चन सुनने तथा सान्निध्य प्राप्त करने का अवसर मिला। उस समय वे पंजाब की सनातन धर्म सभा से जुड़े हुए थे। ...२४ KB (२२८ शब्द) - ०२:१६, १६ जून २०२०
- |अनुयायी = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]], [[भारतीय]], भारतीय प्रवासी '''गंगा दशहरा''' [[हिन्दू धर्म|हिन्दुओं]] का एक प्रमुख त्योहार है जो ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। ...२९ KB (५६ शब्द) - ०४:३८, २० जून २०२१
- |source_location = [[उत्तराखण्ड]] ...एक महत्त्वपूर्ण तीर्थ है। इसे तीर्थराज प्रयाग कहा जाता है। इसके बाद हिंदू धर्म की प्रमुख मोक्षदायिनी नगरी [[काशी]] ([[वाराणसी]]) में गंगा एक वक्र लेती है, ...९२ KB (१,८५८ शब्द) - ०१:४६, ९ अगस्त २०२१
- ...हीत हैं। जैसे लग्न (शरीर), धन, सहज (बंधु), सुख, संतान, रिपु, जाया, मृत्यु, धर्म, व्यापार, आय (लाभ) और व्यय (खर्च) ये 12 भावों के स्वरूप हैं। '''नवम भाव''' : इसे भाग्य भाव कहलाता हैं। अन्य नाम हैं त्रिकोण और नवम। भाग्य, धर्म पर आस्था, गुरू, पिता, पूर्व जन्म के पुण्य-पाप, शुद्धाचरण, यश, ऐश्वर्य, वैरा ...४२ KB (१६६ शब्द) - ०९:०४, १७ अगस्त २०२१
- ...ाषा]] सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में फैली हुए थी और तब तक यहाँ पर [[हिन्दू धर्म]] का उद्धव हो चुका था और [[ऋग्वेद]] की रचना भी हो चुकी थी। <ref name="Combi ...rsity Press]]|isbn=978-0-19-882905-8|page=16}}</ref> इसी समय बौद्ध एवं जैन धर्म उत्पन्न हो रहे होते हैं। ...१७० KB (५,३९६ शब्द) - १७:०६, १ अगस्त २०२६