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"दर्शन" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया

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पृष्ठ शीर्षक मिलान

  • [[File:SaivismFlag.svg|thumb|शैव दर्शन के लिए एक चिह्न]] ...ी में जन्मा एक [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] है। इस दर्शन का नाम [[उत्पलदेव]] द्वारा रचित [[ईश्वरप्रत्यभिज्ञाकारिका]] नामक ग्रन्थ के ...
    २८ KB (१३८ शब्द) - १४:३८, ३ जुलाई २०२०
  • [[सिख धर्म]] का [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]], उनके पवित्र ग्रन्थ [[गुरु ग्रन्थ साहिब]] में अत्यन्त विस्तार से दिया हुआ ...
    ७१० बाइट (१ शब्द) - २०:२२, ५ मार्च २०२०
  • ...षा संज्ञान, तथा भाषा और वास्तविकता के बीच सम्बन्ध। किन्तु कुछ दार्शनिक भाषादर्शन को अलग विषय के रूप में न लेकर, इसे [[तर्कशास्त्र]] (लॉजिक) का ही एक अंग मान ==भाषादर्शन की भारतीय परम्परा== ...
    १६ KB (३४६ शब्द) - ०७:१४, ८ जुलाई २०२०
  • ...से पृथक्‌ इनका अस्तित्व नहीं है, ये ब्रह्म की सेवा करने के लिए ही हैं। इस दर्शन में अद्वैत की जगह बहुत्व की कल्पना है परंतु ब्रह्म अनेक में एकता स्थापित कर ...्व हैं। उनमें परस्पर भेद वास्तविक है। ईश्वर केवल इनका नियंत्रण करता है। इस दर्शन में ब्रह्म जगत्‌ का निमित्त कारण है, प्रकृति (भौतिक तत्व) उपादान कारण है। ...
    ४३ KB (५९ शब्द) - १४:३७, २ जून २०२१
  • ''धर्म' ''दर्शन'' यह एक प्रकार का दर्शन है । इसका उदय भारतीय प्रायद्वीप में हुआ। धर्म यह जीवन जीने की पद्धति है । इस दर्शन की खोज प्राचीन ऋषियों ने की । कालांतर में इसका [[ महात्मा गौतम बुध्द]] ने इ ...
    ४ KB (२६ शब्द) - १०:०५, २४ मार्च २०२१
  • [[दर्शन]] के सन्दर्भ में, '''दृष्टिकोण''' (point of view) से आशय इससे है कि चीजों औ [[श्रेणी:दर्शन]] ...
    ३२६ बाइट (५ शब्द) - १६:३१, १३ अक्टूबर २०२०
  • ...] से बहुत साम्य रखता है किन्तु वास्तव में यह एक स्वतंत्र भौतिक विज्ञानवादी दर्शन है। ...श दिया। इन्हीं कारणों से यह दर्शन "औलूक्य", "काणाद", "वैशेषिक" या "पाशुपत" दर्शन के नामों से प्रसिद्ध है। ...
    ५० KB (४२१ शब्द) - ०९:३३, १२ मई २०२१
  • ...्लिएब फिचते|फिहते]] अपनी पुस्तक "एड्रेसेज टु दि जर्मन नेशन" में शिक्षा तथा दर्शन के अन्योन्याश्रय का समर्थन करते हुए लिखते हैं - : ''"दर्शन के अभाव में ‘शिक्षण-कला’ कभी भी पूर्ण स्पष्टता नहीं प्राप्त कर सकती। दोनों ...
    ५० KB (३२० शब्द) - ०८:२५, ११ जून २०२१
  • ...], जिसे ज्यादा सही तौर पर '''मुस्लिम दर्शन''' कहा जाता है, मुख्यत: [[ग्रीक दर्शन]] के प्रभावक्षेत्र में तेजी के साथ विकसित होता हुआ चार मुख्य आयामों में प्र * दर्शन ...
    ५० KB (१९९ शब्द) - १२:००, १ अगस्त २०२१
  • ...इस सृष्टि की रचना [[जल]] से सिद्ध करने का प्रयास किया था। किन्तु स्वतन्त्र दर्शन के रूप में इसका बीजारोपण [[डिमोक्रीटस]] (४६०-३७० ईसापूर्व) ने किया। ...ें क्रान्तिकारी परिवर्तन उत्पन्न कर दिया जिसके परिणामस्वरूप समाज एवं राज्य दर्शन के रूप में [[लोकतंत्र|लोकतन्त्र]] का जन्म हुआ। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है ...
    ४८ KB (२३ शब्द) - १७:३९, १६ अप्रैल २०२१
  • ...kesh-murder-5316465/|archive-date=22 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref> यह दर्शन वेदबाह्य भी कहा जाता है। वेदबाह्य दर्शन छ: हैं- चार्वाक, माध्यमिक, योगाचार, सौत्रान्तिक, वैभाषिक, और आर्हत(जैन)। इन ...
    ६१ KB (१६४ शब्द) - ००:५८, २१ जनवरी २०२१
  • ...र्शन|छः दर्शनों]] में से एक है। इस शास्त्र काे 'पूर्वमीमांसा' और [[वेदान्त दर्शन|वेदान्त]] काे 'उत्तरमीमांसा' भी कहा जाता है। पूर्ममीमांसा में [[धर्म]] का व जर्मन विद्वान [[मैक्स मूलर|मैक्समूलर]] का कहना है कि - "यह दर्शन शास्त्र कोटि में नहीं आ सकता, क्योंकि इसमें धर्मानुष्ठान का ही विवेचन किया ...
    १०५ KB (२४६ शब्द) - २०:३५, २० अगस्त २०२०
  • ...|दर्शन]] के लिये बहुत उर्वर रही है। बहुत से विद्वान मानते हैं कि '''यूनानी दर्शन''' ने सम्पूर्ण पाश्चात्य चिन्तन पर अमिट छाप छोड़ा है। ...स्थान में, प्लेटो और अरस्तू की व्यवस्था ही विवेचन का लक्ष्य बन गई। यूनानी दर्शन का जन्म आइओनिया में हुआ। थेल्स (624-550 ई.पू.) एनैक्सिमैंडर (611-547 ई.पू.) ...
    २८ KB (५८ शब्द) - १३:०३, २७ जून २०२१
  • ...ामाणिकता को [[कर्मकाण्ड]] की अधिकता और जड़ता के कारण मिथ्या बताया गया। जैन दर्शन के अनुसार जीव और कर्मो का यह सम्बन्ध अनादि काल से है। जब जीव इन कर्मो को अप ...साम्प्रदायिक सिद्धान्त जैन दर्शन के रूप में प्रख्यात हुए। जैन दर्शन ‘अर्हत दर्शन’ के नाम से भी जाना जाता है। जैन धर्म में चौबीस [[तीर्थंकर]] (महापुरूष, जैनो ...
    १७ KB (१३१ शब्द) - १३:२४, ३ अक्टूबर २०२०
  • '''आस्तिक दर्शन''' (षड्दर्शन) [[भारतीय दर्शन]] परम्परा में उन [[दर्शन|दर्शनों]] को कहा जाता है जो [[वेद|वेदों]] को प्रमाण मानते थे। आस्तिक दर्शन के छः मुख्य विभाग हैं - ...
    २ KB (९ शब्द) - १८:०२, ९ फ़रवरी २०१३
  • ...शती के अन्त से लेकर वर्तमान समय तक के [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] को '''समकालीन दर्शन''' (Contemporary philosophy) कहते हैं। ...तो अमेरिका, इंग्लैंड एव रूस में व्यपक रूप से विकसित हो चुकी थी। [[हीगेलीय दर्शन]] में ज्ञानोपलब्धि के लिए तर्क को सर्वोपरि स्थान दिया गया। वास्तविकता तर्कस ...
    ३५ KB (१०८ शब्द) - २३:५३, १५ जून २०२०
  • ...ooks?id=cAdGmEJSDGUC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false |title=भारतीय दर्शन (शोभा निगम), पृष्ट १४५ |access-date=21 जून 2016 |archive-url=https://web.ar ...ित्व को मिलाकर मनुष्य जीवन की आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक उन्नति के लिये दर्शन का एक बड़ा व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक रूप योगदर्शन में प्रस्तुत किया गया है ...
    ५५ KB (१५५ शब्द) - १४:५४, २३ मई २०२१
  • ...ेदान्त दर्शन|वेदान्त]] से सर्वथा विपरीत मान्यताएँ रखने वाला [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] है। इसकी स्थापना करने वाले मूल व्यक्ति [[कपिल]] कहे जाते हैं। 'सांख्य' का ...दर्शन के विचारों का बड़े काव्यमय और रोचक ढंग से उल्लेख किया गया है। सांख्य दर्शन का प्रभाव [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] में प्रतिपादित दार्शनिक पृष्ठभूमि पर पर ...
    ४२ KB (३६४ शब्द) - २३:३५, ४ मई २०२१
  • '''नास्तिक दर्शन''' [[भारतीय दर्शन]] परम्परा में उन [[दर्शन|दर्शनों]] को कहा जाता है जो [[वेद|वेदों]] को नहीं मानते थे। ...मानी गयी हैं - '''आजीविक''', '''जैन दर्शन''', '''चार्वाक''', तथा '''बौद्ध दर्शन'''। ...
    २ KB (१८ शब्द) - ०६:५६, १९ फ़रवरी २०२०
  • '''स्टोइक दर्शन''' (Stoicism) [[अरस्तु|अरस्तू]] के बाद [[यूनान]] में विकसित हुआ था। [[स्टोइक दर्शन]] या स्टोइकवाद एक प्राचीन ग्रीक दर्शन है जो कि 300 BC के आसपास [[सिटियम के निवासी जेनो]] द्वारा तपस्यावाद के परिष ...
    २० KB (११६ शब्द) - ०२:०२, १६ जून २०२०

पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान

  • '''नास्तिक दर्शन''' [[भारतीय दर्शन]] परम्परा में उन [[दर्शन|दर्शनों]] को कहा जाता है जो [[वेद|वेदों]] को नहीं मानते थे। ...मानी गयी हैं - '''आजीविक''', '''जैन दर्शन''', '''चार्वाक''', तथा '''बौद्ध दर्शन'''। ...
    २ KB (१८ शब्द) - ०६:५६, १९ फ़रवरी २०२०
  • '''आस्तिक दर्शन''' (षड्दर्शन) [[भारतीय दर्शन]] परम्परा में उन [[दर्शन|दर्शनों]] को कहा जाता है जो [[वेद|वेदों]] को प्रमाण मानते थे। आस्तिक दर्शन के छः मुख्य विभाग हैं - ...
    २ KB (९ शब्द) - १८:०२, ९ फ़रवरी २०१३
  • [[दर्शन]] के सन्दर्भ में, '''दृष्टिकोण''' (point of view) से आशय इससे है कि चीजों औ [[श्रेणी:दर्शन]] ...
    ३२६ बाइट (५ शब्द) - १६:३१, १३ अक्टूबर २०२०
  • [[चित्र:Visw darsan.jpg|अंगूठाकार|264x264पिक्सेल|विश्व दर्शन दिवस ]] '''विश्व दर्शन दिवस''' (World Philosophy Day) प्रतिवर्ष [[नवम्बर]] माह के तीसरे [[गुरुवार] ...
    २ KB (१० शब्द) - २१:०६, १८ नवम्बर २०१७
  • ...और दिशा के लिए जिम्मेदार तत्वों की खोज और उनकी मीमांसा की जाती है। 'इतिहास दर्शन' शब्द का प्रयोग सबसे पहले [[वोल्टेयर]] ने किया था। ...्तुत किया जाता था, जिसे अनुमानात्मक (स्पेक्युलेटिव) कहा गया। आधुनिक इतिहास दर्शन विश्लेषणात्मक तथा समीक्षात्मक हो गया है। ...
    ३ KB (३४ शब्द) - ०७:४४, १६ जून २०२०
  • ...ै। [[वाचस्पति मिश्र]] तथा [[उदयन]] (१०वीं शती की अन्तिम बेला) आदि का भी इस दर्शन के विकास में प्रभाव है। ...की रचना की। खण्डनखण्डखाद्यम् में [[अद्वैत वेदान्त]] का समर्थन एवं [[न्याय दर्शन]] के कतिपय सिद्धान्तों का खण्डन किया गया था। ...
    २ KB (१६ शब्द) - ०७:३३, १५ जून २०२०
  • ...इसे अलग [[प्रमाण]] माना गया है किंतु बौद्ध, [[वैशेषिक दर्शन|वैशेषिक]] आदि दर्शन इसे [[अनुमान]] के अंतर्गत मानते हैं। * [[प्रमाण (भारतीय दर्शन)]] ...
    १ KB (३ शब्द) - १०:५८, ६ मार्च २०२०
  • ...े जनक [[इमानुएल कांट]] माने जाते हैं। परीक्षावाद का अन्दोलन यह मानता है कि दर्शन का मुख्य कार्य 'ज्ञान की समालोचना' (of knowledge) करना है, न कि 'ज्ञान को स [[श्रेणी:दर्शन]] ...
    ५४७ बाइट (१० शब्द) - २२:५४, ३ सितम्बर २०१४
  • [[भारतीय दर्शन]] में आस्तिक शब्द तीन अर्थों में प्रयुक्त हुआ है- ...शन|लोकायत]] मतों के अनुयायी नास्तिक कहलाते हैं और ये तीनों दर्शन [[नास्तिक दर्शन]] कहे जाते हैं। ...
    २ KB (२० शब्द) - ०३:४६, ६ जुलाई २०२१
  • ...सका पता लगाना है। गणित की तार्किक एवं संरचनात्मक प्रकृति इस अध्ययन को अन्य दर्शनों की तुलना में अधिक विस्तृत एवं अनन्य बना देती है। :दर्शन]] ...
    १ KB (९ शब्द) - १०:०७, ४ फ़रवरी २०२१
  • '''प्राकृतिक दर्शन''' या '''नेचुरल फिलॉसफी''' यह [[प्रकृति]] का दार्शनिक अध्ययन और भौतिक [[ [[श्रेणी:दर्शन]] ...
    ८७९ बाइट (१३ शब्द) - १४:५९, १२ मार्च २०२१
  • ...विशेष महत्व देने की क्रिया बुद्धिवाद कहलाती है। इसके अलावा, [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] के क्षेत्र में 'बुद्धिवाद' कभी-कभी 'तर्कवाद' (rationalism) के [[पर्यायवाच [[श्रेणी:दर्शन]] ...
    १ KB (१७ शब्द) - ००:२०, ६ जनवरी २०२१
  • == 'आस्तिक' या वैदिक दर्शनों में नास्तिकता == * [[मीमांसा दर्शन|मीमांसा]] सृजन करने वाले ईशवर के अस्तित्व को नहीं मानता। ...
    २ KB (६७ शब्द) - १९:३६, २० मई २०२१
  • [[तंत्रिका मनोविज्ञान]], [[भाषा विज्ञान]] और [[भाषा दर्शन|भाषा के दर्शन]] में, प्राकृतिक भाषा ऐसी भाषा है जो किसी योजना या अपने स्वयं के पूर्वचिन्त ...
    ८८५ बाइट (२ शब्द) - ०९:३०, १८ जुलाई २०१६
  • '''मिद्रश''' [[यहूदी धर्म]] व [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] का संकलन है। इसका रचनाकाल 5वीं से 13वीं सदी के बीच का है। ...त]] की विचारधारा पर लिखे [[भाष्य]] व दूसरे पांच भागों में नवीन रब्बियों के दर्शन टीकाएं शामिल हैं। ...
    ७६४ बाइट (३ शब्द) - ०२:०५, ६ मार्च २०२०
  • ...िज्ञान के दर्शन और दर्शन का विज्ञान समझना अति आवश्यक है.. इसके लिए विज्ञान दर्शन के कॉन्टेंट बहुत उपयोगी है इस प्रकार, विज्ञान के दर्शन में निम्नलिखित विषयों पर ध्यान दिया जाता है: अभिधारणाओं का चरित्र एवं विकास ...
    ३ KB (३ शब्द) - १३:४६, २६ अगस्त २०२१
  • ==भारतीय दर्शन== ===सुकरात-पूर्वी दर्शन=== ...
    २ KB (२४ शब्द) - १५:०२, ७ मार्च २०२०
  • '''मिथ्यापनीयता''' (Falsifiability) [[विज्ञान दर्शन|विज्ञान के दर्शन]] की वह [[अवधारण]] है जो कहता है कि किसी [[सिद्धान्त]] को असत्य सिद्ध करना ...
    १ KB (३ शब्द) - १८:०४, १४ अप्रैल २०२०
  • *'''[[:श्रेणी:जैन दर्शन|जैन दर्शन]]''' ...
    ८६८ बाइट (१८ शब्द) - १८:०३, ९ जनवरी २०२०
  • जो [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] पर मनन करे वह '''दार्शनिक''' हुआ।<ref>{{Cite web |url=http://www.apaonlin [[श्रेणी:दर्शन]] ...
    १ KB (४६ शब्द) - २०:२४, ५ जून २०२१
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