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इस विकि पर "धर्म प्रचारक" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ाले मानते हैं कि उनका चर्च 50 ईस्वी का है। इसे उस समय बनाया गया था जब धर्म प्रचारक मार्क मिस्र आए थे। चर्च के प्रमुख को पोप कहा जाता है और उन्हें प्रचारक मार्क का उत्तराधिकारी माना ...३ KB (३४ शब्द) - ११:५१, १६ जून २०२०
- ...[[सिख धर्म]] की नींव रखने में इनका बड़ा योगदान रहा है। वे सिख धर्म के पहले प्रचारक भी माने जाते हैं। ...ब्यापारीयों ने अपना सब कुछ गुरु के लिये कुर्बान कर दिया। कुछ वर्ष बाद सिख धर्म में अन्य समुदाय के लोग भी सम्मिलित हुए, किन्तु ऐसा माना जाता है कि सिखों मे ...३ KB (३ शब्द) - ०१:२९, १ अगस्त २०२१
- ...मानकर उनकी पूजा कर मोक्ष की इच्छा रखता था। पहले मत के कबीर, नानक आदि मुख्य प्रचारक थे और दूसरे के तुलसी, सूर आदि। [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] ...२ KB (४ शब्द) - ०७:१८, २२ अगस्त २०१९
- ...्री [[जिग्मे थिनले]] की कैबिनेट के लिए [[बौद्ध धर्म]] से संबंधित विशेषज्ञ, प्रचारक और सलाहकार हैं। <ref>[http://www.kagyupa.net/index.php/au/tibetan-madison/j ...३ KB (११२ शब्द) - ०६:४८, १५ जून २०२०
- ...थे। वह [[गुरु अमर दास|गुरू अमर दास]] जी के भतीजे थे।वह लेखक, इतिहासकार और प्रचारक थे। उन्होंने सबसे पहले १६०४ में आदि ग्रंथ अपने हाथों लिखा। वह [[पंजाबी]], [ [[श्रेणी:सिख धर्म]] ...३ KB (३४ शब्द) - २०:१६, ११ दिसम्बर २०२०
- ...[भारत]] के एक साधुपुरुष थे जिन्होने आठवीं शती में [[तंत्र|तांत्रिक बौद्ध]] धर्म को [[भूटान]] एवं [[तिब्बत]] में ले जाने एवं प्रसार करने में महती भूमिका निभ ...ो उसने गुरु पद्मसंभव को आग में जला देने का आदेश दिया, क्योंकि उस समय बौद्ध धर्म अधिक प्रचलित नहीं था और इसे शंका की दृष्टि से देखा जाता था। बहुत बड़ी चिता ...६ KB (४९७ शब्द) - १६:४०, ४ जून २०२१
- ...ई के साथ-साथ वह संघ कार्य भी करते रहे। १९३६ में शिक्षा पूरी करने के बाद वे प्रचारक के रूप में मध्य प्रदेश में गए। महाकौशल तथा छत्तीसगढ़ में उन्होंने संघ कार्य ...ा। १९५० से १९५२ के कालखण्ड में श्री एकनाथ को दिल्ली तथा पंजाब प्रान्तों का प्रचारक नियुक्त किया गया। उन्होंने प्रत्येक शाखा पर जाकर वहां के बिखरे हुए काम को स ...१२ KB (३६ शब्द) - ०८:४२, १६ जून २०२०
- ...हित्य द्वारा बल्कि बौद्ध जीवन द्वारा [[जर्मनी|जर्मन]] निवासियों को [[बौद्ध धर्म]] के प्रेमी तथा प्रशंसक बनाया, उनमें '''डॉ॰ पॉल ढालके''' (Paul Dahlke) का न ...हो गया था कि वे संसार की यात्रा के लिये निकल सकें। उस समय तक उन्हें बौद्ध धर्म का कुछ भी परिचय न था। संभव है, इस यात्रा में ही उन्हें कहीं कुछ परिचय मिला ...७ KB (२० शब्द) - ०२:२४, ३ फ़रवरी २०१७
- ...न तक पहुंचाना। उल्लेखनीय है कि सिखों का बड़ा तेजस्वी इतिहास रहा है। देश और धर्म के लिए मर मिटने की परम्परा इनकी रही है। बड़े तो बड़े, बच्चे भी देश-पंथ के ल ...चाने में सिखों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। ऐसे लोगों का मानना था कि हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए ही [[खालसा पंथ]] की स्थापना हुई थी। यानी सिख, [[हिन्दुत्व]] ...१२ KB (४६ शब्द) - १३:१६, ३१ मई २०२१
- ...इलाक़े) और [[इराक़]] (उत्तर में कुर्दी इलाक़े) में बोली जाती हैं। [[पारसी धर्म]] की धार्मिक भाषा, जिसे [[अवस्ताई भाषा|अवस्ताई]] कहते हैं, भी एक प्राचीन ईर ...[[वैदिक संस्कृत]] के बहुत क़रीब है। [[अवेस्ता]] अहुरमज़्द के उपासक [[पारसी धर्म|पारसी लोगों]] का धर्मग्रंथ है। इसमें भिन्न-भिन्न कालों में रचित उपासना और प ...१३ KB (१९१ शब्द) - ००:१३, १० अप्रैल २०२१
- ...क्षा में पुनः बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1939 में कानपुर के सनातन धर्म कालेज से बी०ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। अंगरेजी से एम०ए० कर ...ं का प्रशिक्षण पूर्ण किया और संघ के जीवनव्रती प्रचारक हो गये। आजीवन संघ के प्रचारक रहे। ...१९ KB (२३९ शब्द) - २३:११, २४ जून २०२१
- ...िजाघर है जो कि [[१९१७]] में [[बीजींग]], [[चीन]] में स्थापित किया गया था। [[प्रचारक]] युंग-जी लिन सत्य ईसा मसीह गिरजाघर के वर्तमान अध्यक्ष हैं। ये गिरिजाघर ईसा [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] ...९ KB (२१० शब्द) - २२:५८, २९ जून २०१६
- ...प्रसिद्ध हैं। पंडित लेखराम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए हिंदुओं को धर्म परिवर्तन से रोका व शुद्धि अभियान के प्रणेता बने।<ref>[ Kenneth W. Jones (19 ...उनका सारा समय वैदिक धर्मप्रचार में लगने लगा। कादियाँ के अहमदियों ने हिंदू धर्म के विरुद्ध कई पुस्तकें लिखी थीं। लेखराम जी ने उनका जोरदार खंडन किया। ...३१ KB (१३९ शब्द) - २३:१८, १७ अप्रैल २०२१
- जिस समय भारत में भगवान [[महावीर]] और [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]] धर्म के संबध में नए विचार रख रहें थे, चीन में भी एक महात्मा का जन्म हुआ, जिसका न कन्फ्यूशियस एक सुधारक थे, धर्म प्रचारक नहीं। उन्होने ईश्वर के बारे में कोई उपदेश नहीं दिया, परन्तु फिर भी बाद में ...१७ KB (४३ शब्द) - ०१:५४, २२ दिसम्बर २०२०
- ...्तित्व के स्वामी थे। वे जहाँ [[आर्य समाज|आर्यसमाज]] और वैदिक धर्म के अनन्य प्रचारक थे, वहीं इतिहासकार, साहित्यमनीषी और शिक्षाविद् के रूप में भी उन्होंने ख्यात ...ाजी का नाम भाई ताराचन्द्र था। इसी पावन कुल के [[भाई मतिदास]] ने [[हिन्दू]] धर्म की रक्षा के लिए [[गुरु तेग़ बहादुर|गुरु तेगबहादुर]] जी के साथ दिल्ली पहुँचक ...२१ KB (१२६ शब्द) - ११:१०, १५ अप्रैल २०२१
- ...थम धर्म ग्रन्थ मन जाता है इसलिए जब वैदिक युग के दौरान कोई दूसरा प्रभावशाली धर्म नहीं था तब जो वेद मानने से इंकार करता था उसे नास्तिक बोल दिया जाता था। ...े स्वीकार करता है। नास्तिकता इसे [[अंधविश्वास]] कहती है क्योंकि किसी भी दो धर्मों और मतों के ईश्वर की मान्यता एक नहीं होती है। नास्तिकता रूढ़िवादी धारणाओं ...४० KB (१८९ शब्द) - ००:३२, ८ जुलाई २०२१
- ...[मुसलमान|मुसलमानों]] तथा [[ईसाई|ईसाइयों]] की शुद्धि कराकर सत्य सनातन वैदिक धर्म में वापसी कराई थी। 11 फरवरी 1923 को [[स्वामी श्रद्धानन्द]] ने 'भारतीय शुद्ध ...का आवाहन कर सो गई और उल्टे मुसलमानों में इससे पर्याप्त चेतना हुई एवं उनके प्रचारक गाँव-गाँव घूमने लगे। यह निष्क्रियता स्वामी श्रद्धानन्द की आँखों से छिपी नही ...२३ KB (३०२ शब्द) - २२:४०, २७ फ़रवरी २०२१
- ...ं में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने [[गुरुकुल कांगड़ी विश् ...ी के तर्कों और आशीर्वाद ने मुंशीराम विज को दृढ़ ईश्वर विश्वासी तथा [[वैदिक धर्म]] का अनन्य भक्त बना दिया। ...२४ KB (४३७ शब्द) - ०३:०७, १८ मार्च २०२१
- ...क नियम के समान आदर और श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है। पूर्वी और पश्चिमी धर्मों में यह सामान्यत: मान्य तथ्य के रूप में स्वीकृत किया गया है। == हिंदू धर्म में अवतारवाद == ...३७ KB (१३४ शब्द) - २३:४८, २६ अगस्त २०२१
- * स्थानीय लोगों का धर्म बदलवाकर उन्हें उपनिवेशी के धर्म में शामिल करना कुछ उपनिवेशी यह भी सोचते थे कि स्थानीय लोगों को [[ईसाई धर्म|इसाई]] बनाकर तथा उन्हें "[[सभ्यता]]" का दर्शन कराकर वे उनकी सहायता कर रहे ह ...३० KB (१५३ शब्द) - २२:३४, २६ मई २०२१