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इस विकि पर "प्राचीन खगोल शास्त्र" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...) का बहुत ही नजदीकी सम्बन्ध रहा है और आज भी जनता दोनो को अलग नहीं कर पाती। खगोलिकी (सिद्धान्त ज्योतिष) और फलित ज्योतिष केवल कुछ शताब्दी पहले ही एक-दूसरे से प्राचीन खगोलविद [[तारा|तारों]] और [[ग्रह|ग्रहों]] के बीच के अन्तर को समझते थे। तारे ...५ KB (३२२ शब्द) - ०५:१३, १७ सितम्बर २०२०
- ; [[खगोल विज्ञानी]] (Astronomers) ; [[रसायन शास्त्री]] (Chemists) : [[जैवरसायनजैवरसायन शास्त्री]] ...६ KB (२१२ शब्द) - ११:५६, २४ अगस्त २०२१
- ...ना ही प्राचीन है। प्राचीन काल में [[ग्रह]], [[नक्षत्रों|नक्षत्र]] और अन्य खगोलीय पिण्डों का अध्ययन करने के विषय को ही ज्योतिष कहा गया था। इसके [[गणित]] * [[खगोल शास्त्र]] (Astronomy) ...१२ KB (६५ शब्द) - ११:२४, २३ मार्च २०२१
- ...२) वार, ३) नक्षत्र, ४) योग, तथा ५) करण यह पंचांग के पंच अंग हैं | [[खगोल शास्त्र|खगोलशास्त्र]] और [[ज्योतिषी]] में विभिन्न पंचांगों का प्रयोग होता है। इतिहा किसी भी विशेष कार्यक्रम को करने से पहले हिन्दू संस्कृति में प्राचीन काल से शुभ और अशुभ समय को देखने के लिए उस दिन के पंचांग यानि [https://newsm ...७ KB (९९ शब्द) - ०२:५५, ४ अगस्त २०२०
- ...रहा है। यूनानी लोग गणित को न केवल संख्याओं और दिक् (स्पेस) का बल्कि [[खगोल शास्त्र|खगोलविज्ञान]] और [[संगीत]] का भी अध्ययन मानते थे। [[गणितसारसंग्रह]] के 'संज्ञाधिकार' में मंगलाचरण के पश्चात महान प्राचीन भारतीय गणितज्ञ [[महावीर (गणितज्ञ)|महावीराचार्य]] ने बड़े ही मार्मिक ढंग से ...१५ KB (११२ शब्द) - ०८:१५, ९ अगस्त २०२१
- ...सकी तीन मुख्य शाखाएँ हैं : [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]], [[रसायन विज्ञान|रसायन शास्त्र]] और [[जीव विज्ञान]], [[समाजशास्त्र]], इत्यादि शामिल हैं। | [[खगोल शास्त्र|खगोलिकी]] (एस्ट्रोनॉमी) ...२० KB (४७२ शब्द) - २२:१६, २७ अगस्त २०२१
- ...रसाद नर्सिंग होम' स्थापित किया। इसी समय से उन्होंने योगाभ्यास तथा अध्यात्म शास्त्र का भी अध्ययन आरंभ किया। ...दय विकार के भी वे ज्ञाता हैं। चिकित्सा के अतिरिक्त चित्रकला, ज्योतिष, खगोल शास्त्र, इतिहास, तर्कशास्त्र, संस्कृत आदि विषयों में भी उनकी अच्छी गति है। ...१५ KB (२९१ शब्द) - ०७:२९, २७ अप्रैल २०१९
- {{हिंदू शास्त्र और ग्रंथ}} ...जाता है ताकि गूढ से गूढ बात भी संक्षेप में किन्तु स्पष्टता से कही जा सके। प्राचीन काल में सूत्र साहित्य का महत्त्व इसलिये था कि अधिकांश ग्रन्थ कण्ठस्थ किये ज ...१४ KB (३१० शब्द) - १३:५१, ५ जुलाई २०२१
- '''भूगोल''' (Geography) वह शास्त्र है जिसके द्वारा [[पृथ्वी]] के ऊपरी स्वरुप और उसके प्राकृतिक विभागों (जैसे प सर्वप्रथम प्राचीन [[यूनान|यूनानी]] विद्वान [[इरैटोस्थनिज़]] ने भूगोल को धरातल के एक विशिष्टवि ...४९ KB (३५३ शब्द) - ११:३९, १३ जुलाई २०२१
- ...माना जाता है। [[पुरातत्वशास्त्र|पुरातत्व]] से हमें नगर व्यवस्था, [[वास्तु शास्त्र]] आदि के प्रमाण मिलते हैं, इससे गणित का अनुमान किया जा सकता है। [[यजुर्वेद] * [[भरत मुनि]], 400 ई पू, [[काव्यशास्त्र|अलंकार शास्त्र]], [[संगीत|संगीत]] ...२३ KB (३९० शब्द) - ०४:१२, २ दिसम्बर २०२०
- ...में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में [[चरक]] और [[सुश्रुत]], [[खगोल शास्त्र|खगोल विज्ञान]] व [[गणित]] के क्षेत्र में [[आर्यभट]]्ट, [[ब्रह्मगुप्त]] और [[आर्य ...खुराना]] आदि का वनस्पति, भौतिकी, गणित, रसायन, यांत्रिकी, चिकित्सा विज्ञान, खगोल विज्ञान आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान है। ...९५ KB (२०१ शब्द) - २२:४३, २० जुलाई २०२१
- ...भारत, बैबीलोनिया, खल्डिया, यूनान, मिस्र तथा चीन आदि देशों के विद्वानों ने प्राचीन काल से अध्ययन करके ग्रहों तथा तारों का स्वभाव ज्ञात किया। पृथ्वी सौर मंडल क ...्रथाओं और अनुप्रयोगों के निष्पादन हुआ है। संस्कृति, शुरूआती [[खगोल शास्त्र|खगोल विज्ञान]] और अन्य विद्याओं को आकार देने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ...१५३ KB (४,०९१ शब्द) - ०५:५९, १६ जनवरी २०२१
- [[चित्र:Map of Vedic India.png|thumb|410px|प्राचीन भारत]] आर्यों की सबसे प्राचीन संस्था को जनसभा थी उसे "विदथ" कहा जाता था। ...५३ KB (३९१ शब्द) - २३:०३, ११ जुलाई २०२१
- ...या गया था, जिसमें दो खंडों में राजकीय इमारतें और राजमहलों को बसाया गया था। प्राचीन भारतीय शिल्पशास्त्र के आधार पर निर्मित इस नगर के प्रमुख वास्तुविद थे एक बंग ...न की रचनाओं का उत्कृष्ट संग्रह है जो सवाई जयसिंह द्वितीय ने विस्तृत रूप से खगोल विज्ञान का अध्ययन करने के लिए प्राप्त की थी। ...६७ KB (९६१ शब्द) - १९:१९, १८ अगस्त २०२१
- प्राचीन '''[[भारत]]''' में मूलभूत लघुगणक का उपयोग '[[षट्खण्डागम]]' (150 ई) में देखन * In [[खगोल शास्त्र|astronomy]], the [[सापेक्ष कांतिमान|apparent magnitude]] measures the brigh ...३१ KB (१,१७५ शब्द) - १३:२२, ३० अक्टूबर २०२०
- ==शास्त्रीय संस्कृति== ...ि के दौरान, मुस्लिम दुनिया संस्कृतियों का संग्रह था; उन्होंने एक साथ मिलकर प्राचीन ग्रीक, रोमन, फ़ारसी, ...८१ KB (२,०८३ शब्द) - १९:३२, १३ मई २०२१
- ...ीर अधिकार था। भारतीय ग्रंथों के अलावा [[गणित]], [[रेखागणित]], [[ब्रह्माण्ड|खगोल]] और [[ज्योतिष]] में उन्होंने अनेकानेक विदेशी ग्रंथों में वर्णित वैज्ञानिक जय सिंह की गणित, वास्तुकला और खगोल विज्ञान में बहुत रुचि थी। उन्होंने अपनी राजधानी जयपुर सहित भारत के कई स्थान ...१२५ KB (२,०६४ शब्द) - १८:२०, १९ जून २०२१
- ...षाण काल]] से [[मध्यपाषाण काल]] के समय का माना जाता है। अन्य पुरावशेषों में प्राचीन किले की दीवार, लघुस्तूप, पाषाण निर्मित भवन, [[शुंग राजवंश|शुंग]]-[[गुप्त रा ...के नाम से भी जानी जाती है। इसका विकास [[सिन्धु नदी|सिंधु]] और घघ्घर/हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे हुआ। [[मोहन जोदड़ो|मोहनजोदड़ो]], [[कालीबंगा]], [[चनहुदड़ ...७६ KB (६३७ शब्द) - १६:०७, ४ अगस्त २०२१
- ...से सम्बंधित हैं, जो मूल अंकगणितीय और ज्यामिति के बाद गणितीय विकास में सबसे प्राचीन और व्यापक प्रतीत होती है। ...mathematics|Islamic mathematics]]) ने गणित का विकास और विस्तार किया जो इन प्राचीन सभ्यताओं में ज्ञात थी। फिर गणित पर कई ग्रीक और अरबी ग्रंथों का[[12 वीं सदी ...१६९ KB (४,३४१ शब्द) - २१:११, २६ जून २०२१
- ...रिलेटिविटि)'' में, इतने शक्तिशाली [[गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र]] वाली कोई ऐसी [[खगोलीय वस्तु]] है, जिसके खिंचाव से [[प्रकाश]]-सहित कुछ भी नहीं बच सकता। कृष्ण वि ...हमारी [[गैलेक्सी]], [[क्षीरमार्ग]], के केन्द्र में स्थित [[धनु ए*]] नामक [[खगोलीय रेडियो स्रोत|रेडियो स्रोत]] में एक [[विशालकाय कालाछिद्र]] स्थित है जिसका ...२०६ KB (५,५६७ शब्द) - १९:२४, ७ मार्च २०२१