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"प्राचीन भारतीय कला" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया

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  • ...plastic material) एवं [[प्रकाश]] आदि से बनाये जा सकते हैं। मूर्तिकला एक अतिप्राचीन [[कला]] है। ...ी कमर, लचीले अंगों और एक तरूण और संवेदनापूर्ण रूप को चित्रित किया जाता है। भारतीय मूर्तियों में पेड़-पौधों और जीव जन्‍तुओं से लेकर असंख्‍य देवी देवताओं को चि ...
    ७ KB (२०५ शब्द) - ०९:१८, ६ मई २०२१
  • ...को स्वीकार करने लगा है। इसकी शुरुआत [[व्याकरण|वैयाकरणों]] ने की जब उन्हें भारतीय एवं यूरोपीय भाषाओं में बहुत कुछ साम्य के दर्शन हुए। इसके उपरान्त [[भारतविद् == प्राचीन काल == ...
    ३ KB (४ शब्द) - १०:४३, १४ मार्च २०२०
  • ...'' [[भारत]] की प्रमुख लोककलाओं में से एक है। यह वस्त्रों की छपाई की अत्यंत प्राचीन कला है और आज भी यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि [[श्रीलंका]], [[बांग्लादेश]], [ ...यही इस कला की खूबसूरती है। कपडे पर जितनी ज्यादा बारीक रेखाएं होती हैं, यह कलाकृति उतनी ही सुंदर मानी जाती है। यह छपाई सूती और सिल्क दोनों ही तरह के कपडों ...
    ९ KB (१५ शब्द) - १३:५४, १३ जनवरी २०२०
  • {{भारतीय इतिहास}} '''होयसल''' प्राचीन [[दक्षिण भारत]] का एक राजवंश था। इसने दसवीं से चौदहवीं शताब्दी तक राज किया। ...
    ६ KB (२७ शब्द) - १७:१३, २३ जुलाई २०२१
  • ...भारतीय रॉक-कट वास्तुकला ज्यादातर प्रकृति में धार्मिक है। पल्लव [[दक्षिण]] भारतीय वास्तुकला के अग्रदूत थे। पल्लव वास्तुकला की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ महाबलीपुरम ...यों का स्मारक है। सभी भारतीय मंदिरों में सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा, यह दक्षिण भारतीय वास्तुकला के उच्च-पानी के निशान का निर्माण करने वाला एक उत्कृष्ट कृति है। ...
    ९ KB (२८ शब्द) - २०:२८, २४ सितम्बर २०२०
  • ...प्त करने के लिये इसी स्थान को चुना था।<ref>पद्मभूषण ईश्वरी प्रसाद, प्राचीन भारतीय संस्कृति कला राजनीति धर्म दर्शन, द्वितीय संस्करण- १९८६ ई०, मीनू पब्लिकेशन्स ...
    २ KB (६ शब्द) - २२:५८, ४ मार्च २०२०
  • ...%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BE-1311319670-2|title=भारतीय नृत्य कला|last=|first=|date=|website=दैनिक जागरण|archive-url=https://web.ar &nbsp;भरतनाट्यम् को सबसे प्राचीन नृत्य माना जाता है। इस नृत्य को तमिलनाडु में देवदासियों द्वारा विकसित व प्र ...
    ९ KB (२४७ शब्द) - ०९:२५, ६ मई २०२१
  • [[भारत]] की अनेक जातियों व जनजातियों में पीढी दर पीढी चली आ रही पारंपरिक कलाओं को लोककला कहते हैं। इनमें से कुछ आधुनिक काल में भी बहुत लोकप्रिय हैं जैसे ...painting-primitive-art-covering-tribalism/ }}</ref> आदि भारत की प्रमुख लोक कलाएँ हैं। ...
    ६ KB (२३० शब्द) - ११:२४, ११ अगस्त २०२१
  • ...विश्वविद्यालय. आधुनिक भारतीय इतिहास विभाग, त्रावणकोर विश्वविद्यालय (1966) भारतीय इतिहास की पत्रिका: खंड 44</ref> केरल एक ऐसी संस्कृति को दर्शाता है जो सभ्य ...एक दृश्य कला और दूसरी श्रव्य कला। दृश्य कला के अंतर्गत रंगकलाएँ, अनुष्ठान कलाएँ, चित्रकला और सिनेमा आते हैं। ...
    १२ KB (२१२ शब्द) - ०१:०१, ४ अगस्त २०२१
  • ...ंध का प्रयोग अति प्राचीन काल से करते आ रहे हैं। सुगंधि की चर्चा से प्राचीन भारतीय साहित्य भरा हुआ है। इन सुगंधियों के तैयार करने की एक कला थी और उसका अपना एक ...ाता है, अपने [[कामसूत्र]] में नागरिको के जानने योग्य जिन [[चौसठ कलाएँ|चौसठ कलाओं]] का उल्लेख किया है। उसमें सुगंधयुक्त तेल एवं [[उबटन]] तैयार करना भी है। ...
    ९ KB (१५ शब्द) - ०८:४८, ६ मई २०२१
  • '''डॉक्टर राजबली पाण्डेय''' एक भारतीय लेखक, जिन्होंने हिंदू संस्कारों और वेदों के सामाजिक-धार्मिक अध्ययन पर अनेक ...n=|pages=9}}</ref> उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय छोड़ दिया और प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के प्राचार्य और अध्यक्ष के रूप में रानी ...
    ४ KB (१३९ शब्द) - २०:११, ३ सितम्बर २०२०
  • '''भारतीय संगीत''' प्राचीन काल से [[भारत]] मे सुना और विकसित होता [[संगीत]] है। इस संगीत का प्रारंभ [[ ...ाजिक परंपराओं में संगीत का प्रचलन प्राचीन काल से रहा है। इस रूप में, संगीत भारतीय संस्कृति की आत्मा मानी जाती है। वैदिक काल में अध्यात्मिक संगीत को मार्गी तथ ...
    १४ KB (३६४ शब्द) - ०८:४६, ११ सितम्बर २०२०
  • {{main|भारतीय संगीत का इतिहास}} [[भारतीय संगीत]] में यह माना गया है कि संगीत के आदि प्रेरक [[शिव]] और [[सरस्वती]] है ...
    १८ KB (३६९ शब्द) - १८:४१, १९ अक्टूबर २०२०
  • ...ल पाण्डे''' (जन्म: 26 फरवरी 1946) [[भारत]] की एक [[पत्रकार]], [[लेखक]] एवं भारतीय टेलीविजन की जानी-मानी हस्ती हैं। अगस्त २००९ तक वे [[हिन्दी]] दैनिक "हिन्दुस ...य]] से एम. ए. किया। इन्होंने [[अंग्रेजी]] एवं [[संस्कृत साहित्य]], प्राचीन भारतीय इतिहास, [[पुरातत्व]], [[शास्त्रीय संगीत]] तथा [[ललित कला]] की शिक्षा कारकार ...
    ६ KB (१४३ शब्द) - ०९:३३, २८ अगस्त २०२१
  • ...चली/पहाड़ी/डोंगरी भाषा, पंजाबी/गुरुमुखी भाषा,तिब्बती भाषा, उत्तर - पश्चिमी भारतीय भाषा की लिपि * [[तेलुगू लिपि |मध्य भारतीय लिपि]] - तेलुगू भाषा ...
    २१ KB (२५२ शब्द) - १७:४५, १५ जुलाई २०२१
  • ...नृत्यरचना''' या कोरियोग्राफी (Choreography) कहते हैं। जो व्यक्ति, नर्तक या कलाकार इस कार्य को करता है, उसे 'नृत्यरचनाकार' या नृत्यसंयोजक' या 'कोरियोग्राफर ...स उतना ही प्राचीन है जितना मानव जीवन का इतिहास। मानव जीवन की दैनंदिन क्रियाकलापों में खुशी के अवसरों ने लोक नृत्यों को जन्म दिया। ये [[लोक नृत्य|लोकनृत्य] ...
    १५ KB (५७ शब्द) - ११:१२, १४ मार्च २०२०
  • ...ियर ईस्ट और फारसी कला लगभग हमेशा इसे चित्रित करती है - एक ऐसा चित्रण जिसने भारतीय और फारसी इस्लामी कला में अपना रास्ता पाया। यह एक "सुंदर चेहरे" के रूप में व ...षिणी छोर पर दीवार के अंदर पसंदीदा स्थान अल-बुराक मस्जिद रहा है। मस्जिद एक प्राचीन मार्ग से ऊपर बैठती है जो एक बार लंबे समय से सील की गई बार्कलेज़ गेट के माध् ...
    ८ KB (९७ शब्द) - १९:४२, १५ मई २०२१
  • ...म ग्रन्थों में देखनें को मिलता है । राजनीति कि शुरुआत रामायण काल से भी अति प्राचीन है। महाभारत महाकाव्य में इसका सर्वाधिक विवरण देखने को मिलता है । चाहे वह चक भारतीय साहित्य में राजनीति-विषयक ग्रन्थों के निर्माण की परम्परा बहुत प्राचीन है। [[कल्पसूत्र]] उसके आदि स्रोत हैं, जिनका निर्माण लगभग ७०० ई० पूर्व में ह ...
    १४ KB (९८ शब्द) - २१:५१, ८ अगस्त २०२१
  • सौंदर्य या लालित्य के आश्रय से व्यक्त होने वाली कलाएँ '''ललित कला''' (Fine arts) कहलाती हैं। अर्थात् वह कला जिसके अभिव्यंजन में == नृत्य कला (दक्षिण भारतीय) == ...
    ३२ KB (२७ शब्द) - ०७:५०, १६ जून २०२१
  • ...में राजा [[अग्गबोधि अष्टम]] (801-812 ई.) की अनन्य मातृभक्ति का उल्लेख है। प्राचीन सिंहलियों में आज की ही तरह एक स्त्री-पुरुष [[विवाह]] की प्रथा थी। हाँ, राजा ...रह के वाद्य यंत्रों, ढोलों, भेरियों, शंखों, बीनों, बाँसुरियों आदि का उनमें प्राचीन काल से प्रचलन था। स्त्रियाँ एक तरह की [[ढोलक]] बजाती थीं जिसे "रबान" करते थ ...
    २१ KB (८४ शब्द) - १०:५८, २३ अगस्त २०२०
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