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इस विकि पर "प्रेम-कथाएँ" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ाई का प्रेम भी चरम सीमा पर पहुँचता दिखाई पड़ता है। भाई बहिन और पतिपत्नी के प्रेम पर आधारित तो अनेक कथाएँ हैं। कई कथाओं में कुलीन एवं पतिपरायण स्त्रियाँ कुपा ...२८ KB (१०२ शब्द) - १३:२५, २७ मई २०२१
- ...बहादुर, सलीम-अनारकली, हीर-रांझा, लैला-मजनूं, सोहनी-महिवाल, ढोला-मारू जैसे प्रेम चरित्रों की गाथाएं अमर हैं। ...न्य महाप्रभु और गीत गोविंद के रचनाकार जयदेव की रचनाओं में राधा-कृष्ण के इस प्रेम का चित्रण बखूबी ...२७ KB (६३ शब्द) - १०:०८, ६ मई २०२१
- ...ंध लगाना, चालाकी, धूर्तता, प्रवंचना, हिंसा, हत्या, जालसाजी, अपहरण एवं अवैध प्रेम एक-एक अथवा सामूहिक रूप में सब कथाओं में मिलते हैं। लेखक का समाज के प्रति व् ...२२ KB (१४९ शब्द) - १०:०२, ६ मई २०२१
- ...सेन, अर्जुन, नकुल और सहदेव ने भी उनका अनुकरण किया भगवान श्रीकृष्णचन्द्र के प्रेम में मग्न होकर वे सब उत्तराखंड की ओर चल पड़े। ...१३ KB (१८ शब्द) - ०९:३७, १५ जून २०२०
- ...नायिका उत्तम प्रकृति की है और वह आसाधारण गुणों से मुग्ध हो उस पर निर्व्याज प्रेम करती है। नायक की एक साधारण और स्वीया नायिका होने के कारण यह संकीर्ण प्रकरण ...है। यह नाटक मोटे तौर पर दो हिस्सों में हैं- पहला, वसन्तसेना और चारुदत्त का प्रेम-प्रसंग तथा दूसरा, राज्य विद्रोह के साथ आर्यक को राजपद की प्राप्ति। ...३५ KB (१९२ शब्द) - ११:३३, ११ अगस्त २०२१
- # प्रेम न बाड़ी उपजै -1995 (भारतीय ज्ञानपीठ, नयी दिल्ली से) ...१९ KB (३९७ शब्द) - १२:५९, ६ सितम्बर २०२०
- ...रूप से कह देते है। इसी प्रकार नारी पात्र 'सल्लो आपा' जो कि किसी नवयुवक से प्रेम करती है किन्तु वह अपने परिवार के डर के कारण कुछ कह नहीं पाती है और जब उसके ...१८ KB (१९९ शब्द) - ००:४५, १५ जून २०२०
- 8. नीति-कथाओं के पात्र पशु-पक्षी आदि मनुष्यों के तुल्य मित्रता, प्रेम, विवाद, लोभ, छल, विश्वासघात, संधि, विग्रह आदि करते हैं। उनके [[राजा]], [[मं ...२१ KB (४९ शब्द) - १०:०५, ६ मई २०२१
- ...थी। सामान्य जनता के लिए इन दोनों भाषाओं में थोड़ा सा साहित्य विद्यमान था। प्रेम और भक्ति के गीत, कहावतें और लोकगीत मातृभाषा में पाए जाते थे। बौद्ध तथा हिंद ...सेन]] (लगभग 1180 ई.) के शासनकाल में विद्यमान थे। [[राधा]] और [[कृष्ण]] के प्रेम का वर्णन करनेवाले इस सुन्दर काव्य में 24 गीत हैं जो अतुकान्त न होकर, सबके स ...६९ KB (१५९ शब्द) - १०:०९, ६ मई २०२१
- प्राचीनकाल में सदियों तक प्रचलित वीरों तथा राजाओं के शौर्य, प्रेम, न्याय, ज्ञान, वैराग्य, साहस, समुद्री यात्रा, अगम्य पर्वतीय प्रदेशों में प् ...२२ KB (७२ शब्द) - १५:०४, १० जून २०२१
- ...्रेम" शब्द के साथ किए गए इसके प्रयोग को सर्वथा उपयुक्त समझना चाहिए (भारतीय प्रेमाख्यान की परंपरा, तृतीय अनुच्छेद)। ...ा, पृ. 245) पर भी, किंतु जरा अधिक स्पष्ट ढंग से, वह यही बात दुहराते हैं, ""प्रेमाख्यान" का "आख्यान" शब्द मूलत: आख्यायिका का ही एक रूपांतर सा प्रतीत होता है। ...४३ KB (१२० शब्द) - ०९:३८, ६ मई २०२१
- ...रहना चाहिये जिससे कि मन इधर उधर न भटके। इस प्रकार ध्यान करते करते मन भगवत् प्रेम के आनन्द से भर जाता है। फिर चित्त वहाँ से हटने को नहीं करता है। यदि मूढ़ मन ...२४ KB (१८ शब्द) - १८:४८, १५ जून २०२०
- ...सुख , दीर्घायु , देवत्व, दिव्य शक्ति, ऊर्जा, सुहाग, सद्भाव, प्रजनन क्षमता, प्रेम , विवाह, संतति की देवी एवं साक्षात प्रकृति स्वरूपा, शिवानी (शिव की पटरानी), ...२८ KB (१०८ शब्द) - १६:५१, १५ अगस्त २०२१
- ...दि में कोई अभिरुचि नहीं थी प्रत्युत वे [[यूनानी भाषा]] तथा [[संस्कृति]] के प्रेमी थे। इनके समय में ईरानी धार्मिक पुस्तकें आदि बहुत सी नष्ट हो गईं। इनके राज् ...फ़ा]] [[मामून अल-रशीद|मामून]] की माता ईरानी थी, जिससे स्वभावत: उसे ईरान से प्रेम था और ईरानियों के प्रति सहानुभूति भी थी। उसने एक ईरानी को बुखारा, खुरासान आ ...७७ KB (१२२ शब्द) - १०:०९, ६ मई २०२१
- ...ावेंसा]] (फ्रांस) से आया था। इस प्रकार के कवियों के समान उसकी कविता में भी प्रेम, हर्ष, वसंत तथा हरे भरे खेतों और मैदानों का चित्रण है तथा भाषा मिश्रित है। ...ा हूँ) इस काव्यधारा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। कावालवांती वास्तव में प्रेम-काव्य-धारा का दांते के पूर्व सबसे बड़ा प्रतिनिधि कवि है। लायो ज्यान्नी, ज्य ...९९ KB (१८३ शब्द) - ०९:४१, ६ मई २०२१
- उन्होंने सदा प्रेम, एकता, भाईचारे का सन्देश दिया। किसी ने गुरुजी का अहित करने की कोशिश भी की त ...३४ KB (२८० शब्द) - ०१:२०, ५ अगस्त २०२१
- ...चाऊँगा। मनुष्य मात्र के साथ मैं अपने वचनों का पालन करूँगा। मैं सदा सत्य से प्रेम करूँगा।" आदि। ...४३ KB (३२३ शब्द) - ००:१३, १७ जून २०२१
- ...हैं और ईसा के वचनों का उपदेश देते हैं। इस प्रकार, बुनियादी तौर पर धैर्य और प्रेम ने त्वरा और घृणा पर विजय प्राप्त की। कोई नहीं सोचता था कि रोम के अंदर गुप्त ...४६ KB (९२ शब्द) - २१:०९, १० मई २०२१
- ...काव्यक्षेत्र में नए युग की स्थापना की। ऐतिहासिक सुख में विश्वास, अकृत्रिम प्रेम तथा आत्मनिष्ठा इत्यादि गुण इन कविताओं का वैशिष्ट्य रहा। इनके बाद तिलक, बीदृ ...४४ KB (३०१ शब्द) - १०:१५, ६ मई २०२१
- ...। इसमें 19वीं शताब्दी की एक अकेली स्त्री की कहानी है जिसे अपने देवर अमल से प्रेम होने लगता है। इसे राय की सर्वोत्कृष्ट कृति माना जाता है। राय ने ख़ुद कहा कि ...ঠে দুই'', एक के ऊपर दो)। राय को पहेलियों और बहुअर्थी शब्दों के खेल से बहुत प्रेम था। इसे इनकी कहानियों में भी देखा जा सकता है – फेलुदा को अक्सर मामले की तह ...९३ KB (१,७४३ शब्द) - १९:३५, २० मार्च २०२१