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पृष्ठ शीर्षक मिलान

  • ;'''बुध मण्डल''' नक्षत्र मण्डल से एक लाख योजन ऊपर बुध मण्डल है। ...
    ९७५ बाइट (११ शब्द) - ०६:०७, २० मार्च २०१९

पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान

  • ;'''बुध मण्डल''' नक्षत्र मण्डल से एक लाख योजन ऊपर बुध मण्डल है। ...
    ९७५ बाइट (११ शब्द) - ०६:०७, २० मार्च २०१९
  • | [[बुध (बहुविकल्पी)|बुध]] || 0.069 (88.0 दिन) ...
    १ KB (१८ शब्द) - १६:३४, २९ फ़रवरी २०२०
  • | [[बुध (बहुविकल्पी)|बुध]] || [[बुध (बहुविकल्पी)|बुध]] || align="right" | 4.3 | [[बुध (बहुविकल्पी)|बुध]] || [[सूर्य]] || align="right" | 67.7 ...
    ६ KB (११० शब्द) - १७:०५, २५ जुलाई २०२१
  • ...जाने वाले छ: बलों में से दूसरे स्थान पर दिगबल की गणना की जाती है। गुरु और बुध पूर्व दिशा अर्थात लग्न में, मंगल और सूर्य दक्षिण दिशा अर्थात 10 वें भाव में ...
    १ KB (० शब्द) - २३:३६, १३ सितम्बर २०१४
  • [[सौर मण्डल|सौर मंडल]] के चार [[स्थलीय ग्रह]]ों, [[बुध (बहुविकल्पी)|बुध]], [[शुक्र]], [[पृथ्वी]] और [[मंगल]] के द्रव्यमान क्रमशः ०.०५५, ०.८१५, १.०० ...
    ४ KB (२३२ शब्द) - १४:४९, २४ जून २०२१
  • ...का स्वामित्व अलग - अलग ग्रहों को दिया गया है। दिन के पहले भाग का स्वामित्व बुध, दूसरे भाग का स्वामित्व सूर्य और तीसरे भाग का स्वामित्व शनि को दिया गया है। ...
    २ KB (१ शब्द) - २१:४८, १३ सितम्बर २०१४
  • | Domicile= [[बुध देवता|बुध ]] ...म दिशा की घोतक है जो समय में जन्म लेते हैं. वह मिथुन राशि के कहे जाते हैं. बुध की धातु पारा है इन जातकों का स्वभाव गर्मी में ऊपर नीचे होने वाला होता दूसरो ...
    ६ KB (३५ शब्द) - ००:०९, ७ मई २०२०
  • ...योतिष के अनुसार जब सूर्य उच्च हों तो बुध उच्च नहीं हो सकते तो इनके जन्म के बुध मेष अथवा मिथुन के ही होंगे। ...
    ४ KB (२० शब्द) - ०२:४०, २६ अगस्त २०२१
  • ...कालाधिपति प्रयोजन, वेदों के अधिपति, लोक स्वामी ग्रह, सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि का स्वरूप और गुण, नैसर्गिक मित्र, शत्रु और सम का ज्ञान, ग ..., भावोक्त कर्म करने का समय, सूर्य के विषय, चन्द्रमा के विषय, मंगल के विषय, बुध के विषय, गुरु के विषय, शुक्र के विषय, शनि के विषय, ग्रहों के देश. ...
    ३६ KB (५८ शब्द) - ००:३१, १६ जून २०२०
  • ...े से '[[हान]]' की आबादी सर्वाधिक है। चीन मे अधिक्तर लोग नास्तिक है तथा कुछ बुध के अनुयायी है। मन्डारिन यहा की राष्ट्रिय भाषा है जो कि 'मिन्ग् सल्तनत' की ह ...
    २ KB (१० शब्द) - २०:३७, २२ मार्च २०१९
  • * [[पुष्य]] नक्षत्र के दूसरे चरण के मालिक शनि-बुध हैं, शनि कार्य और बुध बुद्धि का ग्रह है, दोनो मिलकर कार्य करने के प्रति बुद्धि को प्रदान करने के ...्ञान के लिये, जातक को उपदेशक बनाने के लिये दोनो अपनी शक्ति प्रदान करते है, बुध और गुरु की युती जातक को धार्मिक बातों को प्रसारित करने के प्रति भी अपना प्र ...
    १४ KB (१५ शब्द) - २०:२४, ११ जून २०२०
  • ...त्त्व को प्रदर्शित करता है। नवांश कुण्डली में नवग्रहो सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि के वर्गोत्तम होने पर व्यक्ति क्रमश: प्रतिष्ठावान, अच् ...
    २ KB (२ शब्द) - ०८:२०, २८ जनवरी २०१७
  • * मरकत (Emerald) - बुध ...
    ३ KB (३९ शब्द) - २१:२३, २४ अगस्त २०२०
  • इसके विपरीत दक्षिणायन में चलते हुए चन्द्र और शनि अधिकतम बल प्राप्त करते है। बुध दोनों अयनों में शक्तिशाली होता है। ...
    २ KB (४२ शब्द) - ०६:११, १६ जून २०२०
  • ...सिरा]] नक्षत्र के पहले चरण के मालिक मंगल-सूर्य, और दूसरे चरण के मालिक मंगल-बुध है। * रोहिणी के तीसरे चरण के मालिक चन्द्र-बुध जातक को कन्या संतान अधिक देता है, और माता के साथ वैचारिक मतभेद का वातावरण ब ...
    १६ KB (२७ शब्द) - १५:०८, १७ जून २०२१
  • सूर्य, शुक्र, बुध का भ्रमण काल 1 माह, * सूर्य का बुध पर:-जातक को या पिता को भूमि का लाभ करवाता है, नये मित्रों से मिलन होता है, ...
    ७ KB (४७ शब्द) - ११:३५, ६ अप्रैल २०२१
  • ...ग्रह]] का 99% है लेकिन बुध से काफ़ी घनत्व होने के कारण इसका [[द्रव्यमान]] बुध का केवल एक-तिहाई है। ...
    १० KB (५६४ शब्द) - १०:२७, १६ जून २०२०
  • [[श्रेणी:बुध]] ...
    ४ KB (९ शब्द) - १६:२४, ८ अगस्त २०२१
  • ...nets are us.png|thumb|right|350px|हमारे सौरमण्डल के ग्रह - दायें से बाएं - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण ,यम]] ...े अनुसार हमारे [[सौर मण्डल|सौर मंडल]] में आठ ग्रह हैं - [[बुध (बहुविकल्पी)|बुध]], [[शुक्र]], [[पृथ्वी]], [[मंगल ग्रह|मंगल]], [[बृहस्पति]], [[शनि]], [[अरुण ...
    २१ KB (१,७१४ शब्द) - १०:१०, १० अगस्त २०२१
  • ...ण में केतु-चन्द्रमा, भरणी प्रथम चरण में शुक्र-सूर्य, द्वितीय चरण में शुक्र-बुध, तॄतीय चरण में शुक्र-शुक्र, और भरणी चतुर्थ चरण में शुक्र-मंगल, कॄत्तिका के * '''तीसरे चरण''' के अधिपति केतु-बुध जातक के दिमाग में विचारों की स्थिरता लाता है, और जातक जो भी सोचता है, करने ...
    १३ KB (३५ शब्द) - १६:३७, १ अक्टूबर २०२०
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