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इस विकि पर "भारतीय राजा" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...डॉ पन्नालाल |title= आचार्य गुणभद्र की उत्तरपुराण |date=2015 |publisher= [[भारतीय ज्ञानपीठ]] |author-link= पन्नालाल जैन |isbn=978-81-263-1738-7 |ref={{sfnref ...२ KB (२७ शब्द) - १६:५९, २९ अप्रैल २०२१
- | nationality = [[भारत|भारतीय]] | known_for = [[भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] ...६ KB (२०१ शब्द) - १२:५४, १ सितम्बर २०२०
- '''नवरत्न''' का शाब्दिक अर्थ है - नौ रत्न। [[भारतीय संस्कृति]] में नवरत्न शैली में निर्मित आभूषणों का विशेष [[संस्कृति|सांस्कृत [[श्रेणी:भारतीय संस्कृति]] ...३ KB (३९ शब्द) - २१:२३, २४ अगस्त २०२०
- ...डॉ पन्नालाल |title= आचार्य गुणभद्र की उत्तरपुराण |date=2015 |publisher= [[भारतीय ज्ञानपीठ]] |author-link= पन्नालाल जैन |isbn=978-81-263-1738-7 |ref={{sfnref ...२ KB (२३ शब्द) - ११:३८, २८ सितम्बर २०२०
- '''गिरधरदास''' [[खण्डेला]] के राजा थे, इन्होने [[अकबर]] के दक्षिण भारतीय युद्ध अभियानों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा कई युद्ध इनकी वीरता से जीत ...७ KB (५ शब्द) - ०५:४२, ३ मार्च २०२०
- ...की संगमस्थली है और सांस्कृतिक मेलजोल की शानदार उपलब्धियों का प्रतीक है। कई भारतीय नेता इस [[विहार]] का दर्शन कर चुके हैं। ...3,450 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस विहार का उद्घाटन [[भारत के राष्ट्रपति|भारतीय राष्ट्रपति]] [[प्रतिभा देवीसिंह पाटिल|प्रतिभा पाटील]] ने 29 मई 2010 को किया ...४ KB (१२ शब्द) - २२:०८, ५ मार्च २०२०
- [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]] ...२ KB (३२ शब्द) - १८:१८, ७ मार्च २०२०
- [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]] ...३ KB (४२ शब्द) - १७:३५, ५ मार्च २०२०
- ...र किया गया था। इस तारीख का प्रतीकात्मक महत्त्व था क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटेन से पहली बार पूर्ण स्वतंत्रता को आवाज़ दी थी। * [[भारतीय राष्ट्रपति]] ...६ KB (५ शब्द) - १०:३६, ६ मई २०२१
- |अनुयायी = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]], [[भारतीय]], भारतीय प्रवासी ...७ KB (१७ शब्द) - ११:५७, ४ दिसम्बर २०१७
- [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]] ...२ KB (३६ शब्द) - २३:४१, २४ मई २०२०
- |अनुयायी = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]], [[मलयाली]], भारतीय प्रवासी [[श्रेणी:दक्षिण भारतीय त्यौहार]] ...४ KB (५० शब्द) - १२:१०, २२ अगस्त २०२१
- |अनुयायी = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]], [[भारतीय]], भारतीय प्रवासी ...८ KB (२० शब्द) - १३:१८, १३ जून २०२१
- ...तथा [[बंगाली पुनर्जागरण|बंगाल में नव-जागरण युग]] के पितामह थे। उन्होंने [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] और [[पत्रकारिता]] के कुशल संयोग से दोनों क्षेत्रों को ...भी अंग्रेजी, आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विज्ञान के अध्ययन को लोकप्रिय भारतीय समाज में विभिन्न बदलाव की वकालत की। यह कारण है कि वह "मुगल सम्राट 'राजा के ...९ KB (१३४ शब्द) - १६:१४, १९ अगस्त २०२१
- [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]] ...३ KB (४४ शब्द) - ०५:१२, ४ मार्च २०२०
- [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में|दीप, अमर]] ...६ KB (७५ शब्द) - १३:४७, ६ अप्रैल २०१८
- {{About|१६वीं शताब्दी के हिंदू राजा|1940 दशक के भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी|हेमू कालाणी}} ...जा था, जिसने मध्यकाल में [[१६वीं शताब्दी]] में [[भारत]] पर राज किया था। यह भारतीय इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण समय रहा जब मुगल एवं अफगान वंश, दोनों ही दिल्ली मे ...७ KB (१२० शब्द) - ००:२३, २९ मई २०२१
- ...ह है। प्रजावत्सल, जननायक, प्रयोगवादी एवं दूरदर्शी महाराजा [[विक्रमादित्य]] भारतीय लोककथाओं के एक बहुत ही चर्चित पात्र रहे हैं। प्राचीनकाल से ही उनके गुणों पर ...त लोकप्रिय हुआ। लोकभाषाओं में इसके अनुवाद होते रहे और पौराणिक कथाओं की तरह भारतीय समाज में मौखिक परम्परा के रूप में रच-बस गए। इन कथाओं की रचना "वेतालपंचविंशत ...११ KB (२५३ शब्द) - १२:४४, १५ फ़रवरी २०२१
- ...एं- दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी में स्थापित करायीं। जय सिंह ने भारतीय खगोलविज्ञान को यूरोपीय विचारधारा से भी जोड़ा. अतः यह कहना उचित होगा की जयसि ...२ KB (७ शब्द) - ००:३५, २९ सितम्बर २०१८
- <ref>''भारतीय इतिहास एवं संस्कृति एन्साइक्लपीडिया'', डॉ॰ हुकमचंद जैन एवं एस॰सी॰ विजय, जैन ...३ KB (१३ शब्द) - १९:१६, २२ अगस्त २०२२