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इस विकि पर "मस्तिष्क रोग" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...ंत्रिकाविज्ञान''' या '''स्नायुशास्त्र''' (Neurology) [[तंत्रिका तंत्र]] के रोगों से सम्बन्धित चिकित्सकीय विशेषज्ञा का क्षेत्र है। इसके संगत शल्यक्रिया का == स्नायु रोग == ...२ KB (११ शब्द) - ०७:३३, २७ जून २०२०
- ...encephalitis.jpg|300px|thumb|right|HSV मस्तिष्कशोथ से ग्रसित किसी रोगी के मस्तिष्क का MRI स्कैन। इसमें टेम्पोरल लोब्स में तथा दाहिने-निचले-सामने-के गाइरस में ...्सेफ्लाइटिस रोग''' (Encephalitis) [[विषाणु]] के प्रकोप से होता है। इसमें [[मस्तिष्क]] में अत्यधिक सूजन आ जा ex chuchi byf to fc ...५ KB (१७५ शब्द) - २०:२६, २८ अगस्त २०२०
- ...ोग प्रतिशोधक शक्ति उत्पन्न कर देता है। साधारणता बड़े बच्चे तथा किशोर ही इस रोग के शिकार होते हैं। ...ना है कि बच्चे के हृदय, आँख, कान या मस्तिष्क की बनावट में कुछ दोष आ जाएगा। रोग की रोकथाम या चिकित्सा के लिए उचित ओषधि नहीं है। ...३ KB (२२ शब्द) - १३:१०, ९ अक्टूबर २०१५
- ...jpg|APHASIA Still 2 atriz Thaís Rangel.png|thumb|350px| वाचाघात:एक जानलेवा रोग। ]] '''वाचाघात''' (Aphasia) [[मस्तिष्क]] की ऐसी विकृति है जिसमें व्यक्ति के बोलने, लिखने तथा बोले एवं लिखे हुए शब् ...७ KB (७७ शब्द) - २१:१२, १५ जून २०२०
- ...त होता है। यह स्नायु संवेदनशील होती है। गंध से उत्तेजित होकर यह संवेदना को मस्तिष्क के केंद्रों तक पहुंचाती है। इस प्रकार हम सुगंध, या दुर्गंध, का अनुभव करते ह [[श्रेणी:रोग]] ...३ KB (१०४ शब्द) - ०१:२९, १५ जून २०२०
- ...र]] से चिकित्सकों ने मोतीझरा की पृथक पहचान और वर्गीकरण किया, क्योंकि दोनों रोगों में लक्षण तथा रोगहेतु पृथक हैं। अब इस वर्ग का सामूहिक नाम मोतझरा हैं, क्य ...े मूत्र तथा मुख्यत: मल द्वारा बराबर बाहर निकलता रहता है, जिससे ऐसे व्यक्ति रोग संचारण में बहुत खतरनाक होते हैं तथा ऐसे व्यक्ति रोगवाहक कहे जाते हैं। महामा ...५ KB (१२ शब्द) - १८:११, २० अगस्त २०२०
- ...प विक्षोभ होने पर '''रक्ताघात''' या '''रक्तमूर्च्छा''' (Apoplexy) होती है। मस्तिष्क में [[धमनीकाठिन्य|धमनी काठिन्य]] के कारण तीव्ररक्तचाप होने पर [[धमनी]] की द ...र रक्तचाप के अतिरिक्त [[स्कर्वी]] (scurvy), [[उपदंश|फिरंगरोग]] (syphilis), मस्तिष्क आघात इत्यादि कारणों से भी रक्तमूर्च्छा उत्पन्न होती है। ...७ KB (१८ शब्द) - १४:१२, १५ अक्टूबर २०२०
- ...ा ट्यूमर इत्यादि. अत्यधिक उल्टी से शरीर में [[जल]] की कमी जाती है; कभी कभी रोगी को शिराओं के माध्यम से जलीय घोल देना पड़ता है। [[श्रेणी:रोग]] ...२ KB (५१ शब्द) - ०८:२७, १६ जून २०२०
- ...कोई रोग नहीं। इसके अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे साधारण चिंता से लेकर घातक [[मस्तिष्क अर्बुद]] तक। इसके सौ से भी अधिक कारणों का वर्णन यहाँ संभव नहीं है, पर उल्ले * मस्तिष्क के रोग - अर्बुद, फोड़ा, मस्तिष्कशोथ तथा मस्तिष्काघात; ...१२ KB (१०७ शब्द) - १८:३५, २६ जनवरी २०२१
- ...ुलेशन चिकित्सा को इस्तेमाल करने का सही लाभ तब मिलता है जब रोग की प्रगति या रोग से बचाव के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। ऐनटीकोयगुलेशन चिकित्सा से मिले ह * कोरोनरी आर्टएरी रोग (Coronary artery disease) ...४ KB (६७ शब्द) - ०८:३८, १६ जून २०२०
- ...t 2.jpg|right|thumb|300px|पपीता के पत्ते के ऊपरी सतह पर 'ब्लैक स्पॉट' नामक रोग - यह ऐस्पेरिस्पोरिअम कैरिकी (Asperisporium caricae) नामक [[फफूंद|कवक]] के क ...]] को बीमार कर सकते हैं। मानव में जीवों के कारण होने वाले रोग को भी रोगजनक रोगों के रूप में जाना जाता है।<ref>{{cite web | url=http://www.metapathogen.com ...७ KB (५७ शब्द) - ००:५२, ८ मई २०२१
- ...ोमांतिका या [[खसरा]], एक [[विषाणु|वाइरस]] (virus) का एवं अत्यंत [[संक्रामक रोग]] है, जिसमें सर्दी, जुकाम, बुखार, शरीर पर दाने एवं मुँह के भीतर सफेद दाने ह ...ं होता तथा चार पाँच वर्ष तक के बच्चों को अधिक होता है। गर्भवती नारी में यह रोग [[गर्भपात]] का कारण बन सकता है। इसका प्रकोप प्रत्येक दो या चार वर्ष पर होता ...७ KB (१७ शब्द) - १५:२८, ५ मार्च २०२०
- इस रोग में रक्त के कणों में से तीव्रता से हीमोग्लोबिन पृथक् हो जाता है (hemolysis) ...तीव्रता से आता है और बहुत अधिक हो जाता है। [[मस्तिष्क]] ठीक काम नहीं करता, रोगी मूर्छित हो जाता है (uremia) और अन्त में उसकी मृत्यु हो जाती है। ...५ KB (३२ शब्द) - १०:४१, ३ मार्च २०२०
- ...तर सक्रिय रहकर समस्त अवयवों को रक्त तथा पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है। '''मस्तिष्क का अत्याधिक दवाब हृदय में इतनी धड़कन उत्पन्न कर देता है कि उसे सहसा आघात (' ...(पेप्टिक अल्सर), भयानक सिरदर्द (माइग्रेन), अम्लपित (हाइपर एसिडिटि), त्वचा-रोग इत्यादि भी उत्पन्न हो जाते हैं। ...८ KB (६५ शब्द) - २०:११, १५ अक्टूबर २०२०
- Name = फीताकृमिरोग | Caption = फीताकृमिरोग का जीवन-चक्र | ...९ KB (३२१ शब्द) - २१:४४, ३० दिसम्बर २०२०
- ...प्रकार के संक्रमण की यह शरीर द्वारा दी गई प्रतिक्रिया है। बढ़ता हुआ ज्वर रोग की गंभीरता के स्तर की ओर संकेत करता है। निम्नलिखित रोग ज्वर का कारण हो सकते है- ...९ KB (१४८ शब्द) - १६:३८, १ अप्रैल २०२१
- ...ती है, किंतु बहुतायत से यह [[महाधमनी]] (aorta), पादों की प्रमुख धमनियों और मस्तिष्क की धमनियों में होती हुई पाई जाती है। ...। कभी कभी धमनी फट भी जाती है, जिससे तीव्र रक्तस्राव होता है। धमनीस्फीति के रोगी को रोगस्थल पर पीड़ा होती है। स्फीतिस्थल के आरपार जानेवाली तंत्रिकाओं से पी ...७ KB (७८ शब्द) - ०६:५५, १५ जून २०२०
- ...झिल्ली, किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से खुजलाती है। नाक से तुरंत हमारे [[मस्तिष्क]] को संदेश पहुंचता है और वह शरीर की मांसपेशियों को आदेश देता है कि इस पदार् [[श्रेणी:रोग]] ...३ KB (१६७ शब्द) - ०२:२७, १५ जून २०२०
- ...ों के रंगबोध की शक्ति से कम होती है। यह रोग जन्म से हो सकता है, अथवा कतिपय रोगों के बाद उत्पन्न हो सकता है। ...ति रंग के हलकेपन या गहरेपन का भली भाँति बोध (perception) कर सकता है। पर इस रोग में व्यक्ति की रंगों के गहरेपन का बोध या रंगों को पहचानने की शक्ति लुप्त हो ...९ KB (२२६ शब्द) - २०:३९, ७ मार्च २०२१
- ...बें समय तक चलने वाला जोडों का रोग है जिसमें जोडों मे भारी दर्द होता है। इस रोग का उग्र चरण तो मात्र २ से ५ दिन के लिये चलता है किंतु जोडों का दर्द महीनों ...लक्षण वाली बीमारी पैदा करता है जिस प्रकार की स्थिति [[डेंगू बुख़ार|डेंगू]] रोग मे होती है। ...१७ KB (१६३ शब्द) - २३:२१, २२ सितम्बर २०२०