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इस विकि पर "राजस्थान के लोक देवता" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- '''राजस्थान का संगीत''' एक [[संगीत]] है [[राजस्थान]] जो [[भारत]] का एक राज्य है। इसके प्रमुख [[संगीत]] के क्षेत्र [[जोधपुर]] , [[File:Rajasthani_Artists.jpg|thumb|राजस्थान में एक [[फड़]] का दृश्य]] ...५ KB (७२ शब्द) - १७:१४, १३ फ़रवरी २०२१
- ...[[राजस्थान]] के लोक देवता हैं जिन्हे जाहर वीर के नाम से भी जाना जाता है। [[राजस्थान]] के [[हनुमानगढ़]] जिले का एक [[शहर]] '''[[गोगामेड़ी]]''' है। यहां [[भाद्रप ...र्मनिरपेक्ष लोकदेवता के नाम से पीर के रूप में प्रसिद्ध हुए। गोगाजी का जन्म राजस्थान के ददरेवा (चुरू) चौहान वंश के राजपूत शासक जैबर (जेवरसिंह) की पत्नी बाछल के ...१२ KB (२६ शब्द) - २१:४५, २५ अगस्त २०२१
- {{संक्षिप्त विवरण|लोक देवता}} '''वीर तेजाजी''' को [[भगवान शिव]] का ग्यारहवां अवतार माना जाता है औ ([[राजस्थान]]) ...३१ KB (५२५ शब्द) - १९:४६, २८ अगस्त २०२१
- ...सितंबर|11 सितम्बर]] [[१९१९|1919-]][[११ नवम्बर|11 नवंबर]] [[२००८|2008]]) [[राजस्थानी]] [[भाषा]] के प्रसिद्ध कवि थे। आपको 2004 में [[पद्म श्री|पद्मश्री]], [[साह ...म [[राजस्थान]] के [[चूरू|चूरु]] जिले के [[सुजानगढ़]] शहर में हुआ। प्रसिद्ध राजस्थानी गीत '''आ तो सुरगा नै सरमावै, ई पै देव रमण नै आवे''' इन्हीं की रचना है। 11 ...२४ KB (३९७ शब्द) - १२:११, ६ मई २०२१
- ...ा साहित्य सम्मिलित है, का हिंदी अनुवाद सुलभ कराया। प्रचुर मात्रा में रूसी लोक साहित्य तथा बाल साहित्य के लेखन-संकलन के साथ-साथ उन्होंने हिंदी-रूसी-शब् ...ॉस्को से प्रकाशित एवं पीपुल्स पब्लिशिंग हाउस प्रा॰ लिमिटेड, नयी दिल्ली तथा राजस्थान पीपुल्स पब्लिशिंग हाउस प्रा॰ लि॰, जयपुर द्वारा वितरित।) ...९ KB (६६ शब्द) - १९:२६, २९ अप्रैल २०२१
- | pushpin_map_caption = राजस्थान के मानचित्र में स्थिति | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] ...२४ KB (२१९ शब्द) - ००:४०, २९ मई २०२१
- '''कीर्ति स्तम्भ''' एक स्तम्भ या मीनार है जो [[राजस्थान]] के [[चित्तौड़गढ़]] में स्थित है। इसे भगेरवाल [[जैन धर्म|जैन]] व्यापारी जी ...गरुडशीर्ष से युक्त स्तंभ की रचना कराने का उल्लेख है। (तीरूवलबाडु अभिलेख, श्लोक 12, एपि. इंडिका, भाग 7, पृ. 123-125)। इसी काल के बल्लाल नामक नरेश के किसी ल ...१३ KB (४६ शब्द) - १५:०२, १० जून २०२१
- ...की उर्वराशक्ति से जुड़ गया। सर्पपूजा इसी का परिणाम है, क्योंकि वह उस पाताल लोक का निवासी कल्पित है जहाँ से प्राप्त जल द्वारा फसलों तथा वनस्पतियों की सिंचा ...ु" की कल्पना चरितार्थ होती है। इस प्रकार प्रकृति की महान शक्तियों, पितरों, देवताओं अथवा दैवी सृष्टि के प्राणियों का पशुरूप में अवतरित होने की धारणा है जिसके ...२३ KB (१२ शब्द) - ०२:५३, १६ मार्च २०२०
- ...रासायनिक रंगों का प्रयोग भी होने लगा है। रंगोली को द्वार की देहरी, आँगन के केन्द्र और उत्सव के लिए निश्चित स्थान के बीच में या चारों ओर बनाया जाता है। कभ ...जानी जाती हैं। इस कला में गोरी देवी मजा का नाम चिरस्मरणीय रहेगा जो शांति निकेतन अल्पना की जननी मानी जाती हैं। ...४७ KB (६९६ शब्द) - १९:१९, १७ अप्रैल २०२०
- | abode = सत्य लोक (यहाँ अकेली रहती है) ब्रह्मा लोक ( यहाँ ब्रह्मा देव के साथ रहती हैं) ...५३ KB (८८४ शब्द) - १६:४०, ९ अगस्त २०२१
- ...लिकन ऐसोसिएशन]] के एक प्रमुख सदस्य थे और [[शाहजहाँपुर]] के रेल विभाग में ठेकेदार (काण्ट्रेक्टर) थे।<ref> डॉ॰ भगवानदास माहौर ''काकोरी शहीद स्मृति'' पृष्ठ ...े अच्छे रसूख होने के कारण उसे रेलवे कान्स्ट्रक्शन कं० में काण्ट्रेक्टरी (ठेकेदारी) का काम दिलवा दिया जिससे उसकी आजीविका का स्थायी प्रबन्ध हो सके और उसका ...३३ KB (१७८ शब्द) - १३:२२, ४ मई २०२१
- | केवल_ज्ञान = | केवलज्ञान_स्थान = ...३० KB (४१६ शब्द) - १५:५६, २८ अगस्त २०२१
- ...]] ने [[इन्द्र]] के हाथों बांधते हुए निम्नलिखित [[स्वस्ति]]वाचन किया (यह श्लोक रक्षाबन्धन का अभीष्ट मन्त्र है)- इस श्लोक का हिन्दी भावार्थ है- "जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि ...६५ KB (१,४३० शब्द) - १८:११, २३ अगस्त २०२१
- ...्माण किया गया। यद्यपि शुरुआत में पार्टी असफल रही और 1984 के आम चुनावों में केवल दो लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही।( इसका बड़ा कारण १९८४ में [[इंदिरा गांध ...श्वीकरण]] पर आधारित आर्थिक नीतियों तथा सामाजिक कल्याणकारी आर्थिक वृद्धि पर केन्द्रित रही। ...१०४ KB (४,७८७ शब्द) - २०:२०, ३१ दिसम्बर २०२१
- ...जबकि संस्कृति (Culture) से मानसिक क्षेत्र की प्रगति सूचित होती है। मनुष्य केवल भौतिक परिस्थितियों में सुधार करके ही सन्तुष्ट नहीं हो जाता। वह भोजन से ही ...कलाकृतियों द्वारा मूर्त रूप प्रदान किया जाता है। वास्तुतः, संस्कृति का मूल केन्द्रबिन्दु उन सूक्ष्म विचारों में निहित है जो एक समूह में ऐतिहासिक रूप से उ ...६९ KB (१६० शब्द) - १७:२२, २५ अप्रैल २०२१
- * आयुर्वेद न केवल रोगों की चिकित्सा करता है बल्कि रोगों को रोकता भी है। ...कि चिकित्सा पद्धति है जिसके ज्ञान को मानव कल्याण के लिए निवेदन किए जाने पर देवताओं द्वारा धरती के महान आचार्यों को दिया गया। इस [[शास्त्र]] के आदि आचार्य [[ ...१६१ KB (१,४६२ शब्द) - १५:४९, १० जुलाई २०२१