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- सत्रिया नृत्य [[असम]] का लोक नृत्य है। [[श्रेणी:नृत्य]] ...२६२ बाइट (२ शब्द) - २२:५९, २३ दिसम्बर २०१७
- ...status=dead }}</ref> यह [[नृत्य]] अपनी चमत्कारिता के लिए प्रासिद्ध है। इस नृत्य में विभिन्न शरीरिक करतब दिखाने पर अधिक बल दिया जाता है। यह भवाई जाति की स्त [[पुष्पा व्यास]], भवाई नृत्य की पहली महिला कलाकार थीं। उन्होने भवाई नृत्य को राजस्थान और राजस्थान से बाहर पहचान दिलाई थी। ...३ KB (३७ शब्द) - ०९:४९, ३० अप्रैल २०२१
- #पंडित कृष्ण मोहन मिश्रा, कथक नृत्य (लखनऊ) #पद्मा गिडवानी, लोक गायन (लखनऊ) ...८ KB (९४ शब्द) - ०९:१०, ६ मई २०२१
- ...ा जाता है। इस में मांदल और थाली के प्रयोग के कारण इसे ' [[राई नृत्य|राई]] नृत्य' के नाम से जाना जाता है। इसे केवल पुरुषों के दुवारा किया जाता है। वादन संवाद, प्रस्तुतिकरण और लोक-संस्कृति के प्रतीकों में [[मेवाड़]] की [[गवरी]] निराली है। गवरी का उदभव शिव ...४ KB (३१ शब्द) - १९:४०, १६ दिसम्बर २०२०
- | genre = [[लोक संगीत]] | occupation = [[संगीतकार]], [[नृत्य प्रशिक्षक]], [[गायक]] ...१ KB (४५ शब्द) - २२:०६, २७ अप्रैल २०२०
- ...उज्ज्वल व्यक्तित्व करने के लिए धन्यवाद एक लोक कला के रूप में जड़ों के साथ नृत्य संगीत की अपनी प्रारंभिक अवस्था से लोकप्रिय जाज बदल दिया। अपने कैरियर की शुर ...२ KB (११ शब्द) - २२:०८, २ मार्च २०२०
- ...क्विन]] की नक़ल करने का प्रयास करता है। रोबोटिंग को प्रसिद्धि दि जैकसंस के नृत्य "डांसिंग मशीन्स" के बाद से प्राप्त हुई। ...ैं कि जैसे [[इंजन|मोटरें]] चल व रुक रही हों, जबकि पौपर्स भी रोबोट शैली में नृत्य करते हैं पर वे पॉप की ताल पर ऐसा करते हैं। जब तक रोबोट होने के आभास को बनाए ...१२ KB (९९ शब्द) - ०९:२६, ६ मई २०२१
- [[नृत्य]] आदि के निमित्त शरीर के विभिन्न अंगों के संचालन के क्रम एवं रूप के डिजाइन ...जन्म दिया। ये [[लोक नृत्य|लोकनृत्य]] हमेशा समूहों में ही किये जाते थे। इन नृत्यों के पद संचालन ( ...१५ KB (५७ शब्द) - ११:१२, १४ मार्च २०२०
- ...डोरी में छल्ले रहते हैं, जो ढोलक का स्वर मिलाने में काम आते हैं। यह गायन व नृत्य के साथ बजायी जाती है। यह एक प्रमुख ताल वाद्य है। आप कई तरह के ढोल देख सकते ...२ KB (११ शब्द) - १३:३३, १९ दिसम्बर २०२०
- ...[[शिव ताण्डव स्तोत्र|तान्डव]] का एक तत्त्व (ब्रह्मांड को नष्ट करने के लिए नृत्य) हालाँकि पुरुषों को भी इसमें भाग लेने के लिये अवसर देते है। ...नृत्य रूप के साथ जुड़े हुए हैं, हम इस नृत्य के इतिहास को समझ सकते हैं। इस नृत्य के समय के एक काफी राशि के लिए प्रचलन में रहे हैं लगता है। ...१३ KB (१२५ शब्द) - ०९:२३, ६ मई २०२१
- ...गये थे तब फिर भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण कर अपने मोहक सौंदर्यपूर्ण नृत्य से उसे अपनी ओर आकृष्ट कर उसका वध किया। ...ा प्रतीक भी है। भगवान विष्णु के अवतारों में सर्वश्रेष्ठ एवं परिपूर्ण कृष्ण नृत्यावतार ही हैं। इसी कारण वे 'नटवर' कृष्ण कहलाये। भारतीय संस्कृति एवं धर्म के इ ...२६ KB (४१८ शब्द) - ०९:२४, ६ मई २०२१
- ...र भारतीय शास्त्रिय नृत्य है। कथा कहे सो कथक कहलाए। कथक शब्द का अर्थ कथा को नृत्य रूप से कथन करना है। प्राचीन काल मे कथक को कुशिलव के नाम से जाना जाता था। ...ाभारत]] में भी कथक का वर्णन है। मध्य काल में इसका सम्बन्ध [[कृष्ण]] कथा और नृत्य से था। मुसलमानों के काल में यह दरबार में भी किया जाने लगा। वर्तमान समय में ...१३ KB (३४७ शब्द) - १७:५३, २९ जून २०२१
- ...रसाद से तबला-वादन सीखा और कुछ अन्य प्रतिष्ठित गुरुओं से हारमोनियम, वायलिन, नृत्य और कंठ की शिक्षा भी प्राप्त की। इसके बाद जयपुर के पंडित शशिमोहन भट्ट ने इन् ...हला कार्यक्रम कश्मीर के श्रीनगर रेडियो स्टेशन से सन १९५३ में प्रसारित हुआ। लोक संगीत और शाश्त्रीय संगीत से सम्बंधित आपकी वार्ताएं ऑल इंडिया रेडियो से प्रस ...११ KB (१२२ शब्द) - ००:४३, २४ जून २०२१
- [[श्रेणी:प्रशांत महासागर क्षेत्र के लोक नृत्य]] [[श्रेणी:नृत्य]] ...६ KB (१२५ शब्द) - ०२:४४, १६ जून २०२०
- ...rli-painting-primitive-art-covering-tribalism/ }}</ref> आदि भारत की प्रमुख लोक कलाएँ हैं। ...िनोकी रात्रियोँमे पौराणिक कथा एवम रामायण महाभारत आधारीत '''भावड़ा मुखौटा नृत्य'' ' का मंचन किया जाता हैं। <ref>{{Cite web|url=https://creativeyatra.com/re ...६ KB (२३० शब्द) - ११:२४, ११ अगस्त २०२१
- ...म (आज का तमिलनाडु) के बाकी हिस्सों के समान ही था। केरल की संस्कृति द्रविड़ लोकाचार के संस्कृतकरण, धार्मिक आंदोलनों के पुनरुत्थान और जातिगत भेदभाव के खिलाफ ...िष्ट धरोहर कला है। ''[[कथकली]]'' (कतेरुम्बु ("कहानी") और कली ("प्रदर्शन")) नृत्य-नाटक का 500 साल पुराना रूप है जो प्राचीन महाकाव्यों की व्याख्या करता है; '' ...१२ KB (२१२ शब्द) - ०१:०१, ४ अगस्त २०२१
- ...ल्यवान पर पड़ी वह उस पर मोहित हो गयी। पुष्यवती सभा की मर्यादा को भूलकर ऐसा नृत्य करने लगी कि माल्यवान उसकी ओर आकर्षित हो। माल्यवान गंधर्व कन्या की भंगिमा को ...्राप दे दिया कि आप स्वर्ग से वंचित हो जाएं और पृथ्वी पर निवास करें। मृत्यु लोक में अति नीच पिशाच योनि आप दोनों को प्राप्त हों। इस श्राप से तत्काल दोनों पि ...९ KB (२६ शब्द) - १३:५५, ५ फ़रवरी २०२०
- ...ं नाटकों की रचना एवं अपने सामाजिक कार्यों के लिये प्रसिद्ध हैं। वे एक महान लोक कलाकार थे जिन्हें 'भोजपुरी का [[विलियम शेक्सपीयर|शेक्शपीयर]]' कहा जाता है।< वे एक ही साथ कवि, गीतकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, लोक संगीतकार और अभिनेता थे। भिखारी ठाकुर की [[मातृभाषा]] भोजपुरी थी और उन्होंने ...१५ KB (४११ शब्द) - ०९:२१, ११ जुलाई २०२१
- ...बोने और पकने, ऋतुओं के बदलने, संतानोत्पत्ति, युद्ध आदि के अवसरों पर किए गए नृत्य गानादि पलायन भी है और संघर्ष की प्रस्तावना भी। सभ्यता के उन्नत होने पर भी य ...ओं का सीधा चित्रण प्रारंभ होता हे, किंतु [[छायावाद]] में पुन: कविगण कल्पित लोक में विचरते हैं; पंत की "ज्योत्स्ना", प्रसाद की [[कामायनी]] के "रहस्य" और "आ ...१० KB (२८ शब्द) - ०९:१९, १५ जून २०२०
- ...ो मार्गी तथा लोक संगीत को 'देशी' कहा जाता था। कालांतर में यही शास्त्रीय और लोक संगीत के रूप में दिखता है। * [[लोक संगीत]] ...१४ KB (३६४ शब्द) - ०८:४६, ११ सितम्बर २०२०