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"हास्य स्वरूप" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया

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  • भारतीय [[काव्यशास्त्र]] में प्रहसन के स्वरूप-विवेचन पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। [[भरत मुनि]] ने इसके दो भेद किए हैं - ...ि प्रहसन ही उल्लेखनीय हैं। हाँ, [[विदूषक]] के माध्यम से संस्कृत नाटकों में हास्य की सृष्टि अवश्य होती रही। संस्कृत भाषा के नाटककार [[वत्सराज]] द्वारा रचित प ...
    १० KB (५८ शब्द) - २३:४०, २२ सितम्बर २०२०
  • ...मानसरोवर से पुष्प तो ले आया लेकिन कामासक्त होने के कारण वह अपनी स्त्री से हास्य-विनोद तथा रमण करने लगा। ...र नहीं आया। सेवकों ने कहा कि महाराज वह पापी अतिकामी है, अपनी स्त्री के साथ हास्य-विनोद और रमण कर रहा होगा। यह सुनकर कुबेर ने क्रोधित होकर उसे बुलाया। ...
    १३ KB (१६४ शब्द) - १२:५०, ४ जुलाई २०२१
  • ...र [[वेद]] एवं [[वेदाङ्ग|वेदांगों]] के अधिष्ठाताओं की भाँति, की गई है जिसके स्वरूप का उल्लेख 'नृसिंहप्रासाद' नामक ग्रंथ में मिलता है। ...उपन्यास किया है। अगले चार अध्यायों में [[छन्द]] और [[अलंकार|अलंकारों]] का स्वरूप तथा स्वरविधान बतालाया है। नाट्य के भेद तथा कलेवर का सांगोपांग विवरण १८वें औ ...
    २५ KB (३२२ शब्द) - १७:१७, ६ जुलाई २०२१
  • ...ियाँ'' में संकलित रचनाओं में भी विसंगतियों एवं विडंबनाओं का मार्मिक चित्रण हास्य एवं सूक्ष्म व्यंग्य के माध्यम से अद्भुत है; और इनकी बड़ी विशेषता सामान्य जन ...तु यह संभव नहीं हो सका व इस कृति के छपने पर इसकी कड़ी आलोचना हुई और परिणाम स्वरूप गोगोल ने उसकी सारी प्रतियां जला डालीं। पीटर्सबर्ग में आरंभ में वे असफल ही र ...
    २४ KB (२५१ शब्द) - ०७:५७, १५ जून २०२०
  • ...(काव्य शास्त्र)|रसों]] में से कोई रस प्रधान होना चाहिए। बीच बीच में करुणा; हास्य इत्यादि और रस तथा और और लोगों के प्रसंग भी आने चाहिए। कम से कम आठ [[सर्ग]] ...] जैसे प्रबुद्ध कवियों और आधुनिक युग की मीरा [[महादेवी वर्मा]] ने कविता का स्वरूप स्पष्ट करते हुए अपने अपने मत व्यक्त किए हैं। विद्वानों का विचार है कि मानव ...
    ३० KB (२८४ शब्द) - २३:४४, ४ जुलाई २०२१
  • ...मदेव|संत नामदेव]] की अमूल्य सहायता प्राप्त हुई है। ज्ञान और भक्ति के साकार स्वरूप इन दोनों संतों ने महाराष्ट्र के पारमार्थिक जीवन की नई परंपरा को सुदृढ़ स्था ...ा निर्माण किया। इसी समय रामगणेश गडकरी ने अपनी लोकोत्तर प्रतिभा से करुण एवं हास्य रस का उत्तम चित्रण किया। श्रीकृष्ण कोल्हाटकर ने अपने हास्यपूर्ण लेखों द्वार ...
    ४४ KB (३०१ शब्द) - १०:१५, ६ मई २०२१
  • ...िक परिवेश का हवाला देते हुए पैंट और कमीज पहने दिखाया गया। अपनी घरेलू पहचान स्वरूप उन्हें उनकी धर्मपत्नी बीनी (चाची), राकेट नामक एक वफादार एवं साधारण कुत्ता औ ...विवेक से उनके मुश्किलें हल कराते हैं, मगर एक परिहास भरे अंदाज में। और यही हास्य मेरे बनाए कार्टूनों की बुनियाद है।"[3] ...
    २४ KB (१५६ शब्द) - ०९:५५, ६ मई २०२१
  • ...रूपण तथा निराकरण किया गया है तथा श्रमण, ब्राह्मण, भिक्षु, निग्र्रंथ आदि के स्वरूप की व्याख्या की गई है। अंतिम अध्ययन नालदीय में महावीर के शिष्य गौतम तथा पाश् (1) '''औपपातिक''' में नाना साधनाओं द्वारा पुनर्जन्म के स्वरूप का नाना उदाहरणों सहित व्याख्यान किया गया है। इसकी यह भी एक विशेषता है कि जि ...
    ६१ KB (१५३ शब्द) - १०:०८, ६ मई २०२१
  • ...ों द्वारा किए गए मिलन के उपाय, सखियों के कर्मों का वर्णन, शृंगारेतर रसों – हास्य, करुण, वीर आदि का वर्णन, काव्यवृत्ति विवेचन तथा रस प्रत्यनीक अथवा रस-विरोध ...वर्णन, काव्य गुणों का विवेचन, प्राचीन और नवीन आचार्यों के अनुसार गुणों के स्वरूप एवं भेदों का विवेचन, शब्दालंकार, अर्थालंकार, अलंकार दोष एवं नायिका भेद आदि ...
    ३६ KB (७५९ शब्द) - १०:२६, ६ मई २०२१
  • ...तेंदु जी ॠणी बन गए और दुश्चिंताओं के कारण उनका शरीर शिथिल होता गया। परिणाम स्वरूप १८८५ में अल्पायु में ही मृत्यु ने उन्हें ग्रस लिया। * बन्दर सभा (हास्य व्यंग्य) ...
    ६२ KB (७०० शब्द) - १८:०६, २ मई २०२१
  • ...्य इसी धारा ने प्रदान किया। इस काल में लोकगीत तथा मसखरों की पद्यबद्ध हल्के हास्य से युक्त रचनाएँ भी इतालवी साहित्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। विव ...्मेदिया में मिलते हैं। कोमल, पुरुष, करुण, नम्र, भयानक, गर्व, अभिमान, दर्प, हास्य, हर्ष, विषाद आदि सभी भाव कोम्मेदिया में मिलते हैं और साथी अत्यंत उत्कृष्ट क ...
    ९९ KB (१८३ शब्द) - ०९:४१, ६ मई २०२१
  • ...था ,अवांछित राजा के प्रति प्रजा के द्रोह एवं जनमत के प्रभुत्त्व का सामाजिक स्वरूप भली-भाँति चित्रित किया गया है। साथ ही समाज में दरिद्रजन की स्थिति, गुणियों ...ी भाषा [[प्रसाद गुण]] से संपन्न हो अत्यंत प्रांजल है। [[प्राकृत]] के विविध स्वरूपों का दर्शन इसमें होता है- [[प्राच्या]], [[मागधी]] और [[शौरसेनी]] के अतिरिक् ...
    ३५ KB (१९२ शब्द) - ११:३३, ११ अगस्त २०२१
  • ...को शामिल किया गया है: साहसिक-कार्य, रोमांस, खेल-कूद और खेल, ऐतिहासिक नाटक, हास्य, विज्ञानं की कल्पित कथाएं और फंतासी, रहस्य, डरावना, कामुकता और और अन्य विषय ...्रकाशित [[कामिक्स बुक्स]] के सदृश है। [[कोमिकेट]], दुनिया भर में सबसे बड़ा हास्य पुस्तक [[सम्मेलन]] जिसने तीन दिन में 510,000 पाठक एकत्रित किये है, ''दोजिंश ...
    ९६ KB (४,३१४ शब्द) - ०९:०९, २७ अगस्त २०२१
  • ...त विश्लेषण प्रस्तुत किया, जिन्होंने सामाजिक वैयक्तिकता के लिए संभावनाओं और स्वरूपों पर विशेष तौर पर ध्यान केन्द्रित किया। <ref>लेविन, डोनाल्ड (संस्करण)'सिमेल आह्वान करती है। कभी-कभी नए अनुभववाद की एक नस्ल के रूप में प्रत्यक्षवाद का हास्य चित्रण हुआ है, इस शब्द का कॉम्ते के समय से [[वियना सर्किल|वियना सर्कल]] और ...
    १४६ KB (१,७५५ शब्द) - ०१:४४, २६ अगस्त २०२१
  • बुद्ध वचनों का यह नौ प्रकार का विभाजन उनके शैली स्वरूपों या नमूनों की दृष्टि से ही है, ग्रन्थों की दृष्टि से नहीं। इतने प्रकार के *3. हास्य और विनोद से पूर्ण कथाएँ ...
    १३० KB (४७४ शब्द) - २०:३८, ४ अप्रैल २०२१