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अंकगणित - भारतपीडिया

अंकगणित (Arithmetics) गणित की तीन बड़ी शाखाओं में से एक है। अंकों तथा संख्याओं की गणनाओं से सम्बंधित गणित की शाखा को अंकगणित कहा जाता हैं। यह गणित की मौलिक शाखा है तथा इसी से गणित की प्रारम्भिक शिक्षा का आरम्भ होता है। प्रत्येक मनुष्य अपने दैनिक जीवन में प्रायः अंकगणित का उपयोग करता है। अंकगणित के अन्तर्गत जोड़, घटाना, गुणा, भाग, भिन्न, दशमलव आदि प्रक्रियाएँ आती हैं।

अंगूठाकार बनाने में त्रुटि हुई: फ़ाइल गायब है
पुणे में आर्यभट की मूर्ति

इतिहास सम्पादित करें

मनुष्य आरम्भ से ही सामाजिक प्राणी रहा है तथा अपने प्रारम्भिक काल में कबीला बना कर रहा करता था। जब कबीले के सदस्यों में वृद्धि होने पर उनकी गिनती करने के लिये अंकों की आवश्यकता पड़ी। अंक बनाने के लिये मनुष्य की अंगुलियाँ आधार बनीं। अंको के इतिहास के विषय में बहुत कम जानकारियाँ उपलब्ध हैं। कहा जाता है कि ईसा पूर्व 1850 में बेबीलोन के निवासी गणित की प्रारम्भिक प्रक्रियाओं से अच्छी तरह से परिचित थे। भारत में अंकगणित का ज्ञान अत्यन्त प्राचीनकाल से रहा है तथा वेदों में गणितीय प्रक्रियाओं का उल्लेख है। शून्य भी भारत की ही देन है।

अंक और संख्या सम्पादित करें

शून्य (०) से लेकर नौ (९) को प्रदर्शित करने वाले संकेतों को अंक कहते हैं। अंक ही गणित का मूल है। दैनिक जीवन के अधिकांश कार्यों में अंकों का प्रयोग होता है।

एक से अधिक अंकों को एक के पास एक रखने से संख्या बनती है। अंक केवल दस होते हैं, किन्तु संख्याएँ अनन्त हैं। उदाहरण के लिए ३४७२ (तीन हजार चार सौ बहत्तर) एक संख्या है जिसमें ३, ४, ७, और २ अंक प्रयुक्त हुए हैं।

अंकगणित की मूल प्रक्रियाएँ सम्पादित करें

अंकगणित की मुख्य चार मूल प्रक्रियाएँ होती हैं

  • जोड़
  • घटाना
  • गुणा
  • भाग

जोड़ सम्पादित करें

जब किसी संख्या या अंक में एक या एक से अधिक संख्या या अंक को मिलाया जाता है तो उसे जोड़ (en:Addition) कहते हैं। जोड़ को + चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है।

उदाहरणः
10 + 10 = 20

25 + 50 =75

घटाना सम्पादित करें

जोड़ने की प्रक्रिया के विरुद्ध प्रक्रिया को घटाना (en:Subtraction) कहा जाता है। जब किसी संख्या अथवा अंक से किसी दूसरी संख्या या अंक को कम किया जाता है तो उसे घटाना कहा जाता है। घटाने को - चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है।

उदाहरणः

14 - 6 = 8
२४-१० = १४

गुणा सम्पादित करें

जब किसी संख्या अथवा अंक में उसी संख्या अथवा अंक को एक या एक से अधिक बार जोड़ा जाता है तो उसे गुणा (en:Multiplication) कहते हैं। संख्या अथवा अंक को जितनी बार जोड़ा जाता है वह उतनी ही बार गुणा होता है। गुणा को x चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है।

उदाहरणः
2 x 4 = 8
4+4=8
1.माना कि किसी व्यक्ति की सैलरी 10,000 हैं और 3 साल बाद उसकी सैलरी 4 गुणा बढ़ जाती है ?
सैलरी 10,000/- 3 साल बाद सैलरी 4 गुणा बढ जाती है ! 4 X 10,000 = 40,000/- या 10,000+10,000+10,000+10,000 = 40,000/-

भाग सम्पादित करें

गुणा करने की प्रक्रिया के विरुद्ध प्रक्रिया को भाग (en:Division) कहा जाता है। जब किसी संख्या अथवा अंक में किसी संख्या अथवा अंक को एक से अधिक बार घटाया जाता है तो उसे भाग कहते हैं। संख्या अथवा अंक को जितनी बार विभाजित किया जाता है, उतनी ही बार भाग देना होता है। भाग को / चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है।

उदाहरणः

4 / 2 = 2

इन्हें भी देखें सम्पादित करें

बाहरी कड़ियाँ सम्पादित करें

साँचा:अंकगणित साँचा:संख्या सिद्धान्त