आरती देवी
नौकरी सम्पादित करें
एमबीए करने के बाद आरती देवी ओडिशा के बरहामपुर में आईडीबीआई बैंक की शाखा में अच्छी खासी नौकरी कर रही थीं। [२]
साल 2012 में जब उनके गांव में सरपंच की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई, तो उन्हें समाजसेवा[३] के अपने सपने को साकार करने का मौका दिखा।
पंचायत चुनाव सम्पादित करें
गांव के बुज़ुर्गों ने भी शिक्षित उम्मीदवार की चाह दिखाई और महज़ 27 साल की उम्र में आरती अपने गांव गंजाम ज़िले के धूंकापड़ा से पंचायत चुनाव[४] जीतकर देश की सबसे कम उम्र की महिला सरपंच बनीं।
कुछ ही महीनों में आरती देवी के काम को देखते हुए अमरीकी सरकार ने उन्हें 2014 में अपने ‘इंटरनेशनल विज़िटर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम’[५] के लिए चुना।
ओबामा से मुलाकात सम्पादित करें
वे तीन हफ़्ते के लिए अमरीका के दौरे पर गईं[६] और राष्ट्रपति ओबामा[७] से मिलीं।
आरती देवी ने अपने इलाके में सरकारी राशि का समुचित उपयोग कर विकास से जुड़े विभिन्न काम किए हैं।[८]
सन्दर्भ सम्पादित करें
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[१]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[२]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[३]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[४]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[५]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[६]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[७]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[८]Retrieved 8 दिसंबर 2016.
- ↑ "चर्चा के चबूतरे पर आरती देवी".चौपाल'.चौपाल.[९]